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ई-रिक्शा चालक की हत्या के फरार आरोपियों के घर की हुई कुर्की

ई-रिक्शा चालक की हत्या के फरार आरोपियों के घर की हुई कुर्की

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, निज संवाददाता। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने ई-रिक्शा चालक हत्याकांड मामले में फरार चल

Jan 15, 2026 02:07 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, निज संवाददाता। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने ई-रिक्शा चालक हत्याकांड मामले में फरार चल रहे आरोपी तीन सगे भाइयों के घर की कुर्की की कार्रवाई की। पुलिस यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 05 जनवरी 2026 को जारी धारा 85 बीएनएसएस के आदेश के तहत की। एसपी संदीप कुमार मीना ने बताया कि कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के बैरमपुर गांव निवासी ई-रिक्शा चालक अमन (19) पुत्र हरिश्चंद्र 10 फरवरी 2025 को लापता हो गया था। पीड़ित पिता ने 11 फरवरी 2025 को कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। 11 फरवरी 2025 को अमन का ई-रिक्शा महुली क्षेत्र के घोरही गांव के पास लावारिश हाल में मिला था।

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16 फरवरी को पीड़ित पिता हरिश्चंद्र की तहरीर के आधार पर पुलिस ने ई-रिक्शा चालक अमन का अपहरण कर शव छिपाने की आशंका में बैरमपुर गांव निवासी आरोपी सगे भाई ओम प्रकाश, जयप्रकाश, श्याम, रोहित उर्फ रवि के खिलाफ केस दर्ज किया था। 23 मार्च 2025 को महुली क्षेत्र के मैनसिर के सीवान में नहर में टुकड़ों में बंटी-सड़ी गली लाश मिली थी, जो ईंट से बांधकर डुबोई गई थी। पीड़ित पिता हरिश्चंद्र ने कपड़े और जूते के आधार पर शव की पहचान अपने बेटे अमन के रूप की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट लगने के कारण मृत्यु होना आया। विवेचना से साक्ष्य संकलन करके करीब दो महीने बाद पुलिस ने ई-रिक्शा चालक हत्याकांड का खुलासा किया। हत्या में शामिल बैरमपुर निवासी रवि प्रकाश उर्फ रोहित और कटाई निवासी हरिकेश सिंह को गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर मृतक ई-रिक्शा चालक की मोबाइल और कत्ल में प्रयुक्त लोहे की पाइप और बाइक आदि बरामद हुआ था। पूछताछ में पता चला कि भूमि विवाद में ई-रिक्शा चालक की हत्या की गई थी। पुलिस की विवेचना में आरोपी तीन सगे भाई ओमप्रकाश, जय प्रकाश और श्याम ई-रिक्शा चालक की हत्या के षडयंत्र में शामिल पाए गए। पुलिस ने आरोपी सगे भाइयों की गिरफ्तारी के लिए उनके घर पर लगातार दबिश देती रही, लेकिन आरोपी मौके पर उपस्थित नहीं मिले। आरोपी तीनों भाई न तो पुलिस की पकड़ में आए और न ही कोर्ट में हाजिर हुए। पुलिस ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के 05 जनवरी 2026 को जारी धारा 85 बीएनएसएस के आदेश के क्रम में 13 जनवरी 2026 को तीनों आरोपी सगे भाईयों के घरों में उपलब्ध चल सम्पत्तियों की कुर्की की कार्यवाही विधि सम्मत रूप से की। कुर्की की कार्रवाई कोतवाल पंकज कुमार पांडेय, इंस्पेक्टर क्राइम राकेश कुमार सिंह, तितौवा चौकी इंचार्ज हरिकेश बहादुर सिंह, एसआई इल्ताफ खां, कांस्टेबल मृत्युंजय यादव, कांस्टेबल अनिल कुमार, महिला कांस्टेबल मीना यादव की देखरेख में संपंन कराई गई।