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संतकबीरनगर

पोस्टमार्टम हाउस के आसपास चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस फोर्स

हिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरPublished By: Newswrap
Thu, 29 Jul 2021 05:20 AM
पोस्टमार्टम हाउस के आसपास चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस फोर्स

संतकबीरनगर। निज संवाददाता

बखिरा थाना पर पुलिस कस्टडी में संदिग्ध हाल में बहरैची की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस के आसपास बुधवार को सुबह से ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात हो गई। आईजी बस्ती परिक्षेत्र अनिल कुमार राय व पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ खलीलाबाद शहर के पीडब्लूडी डाक बंगले पर कैम्प कर कानून व शांति व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।

एडीजी गोरखपुर जोन अखिल कुमार के निर्देश पर गोरखपुर समेत अन्य गैर जनपद की पुलिस फोर्स जिले में पहुंच गई। एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि इस मामले को गंभीरता से लेकर बखिरा एसओ मनोज कुमार सिंह को निलंबित कर दिया गया है। घटना में शामिल अन्य आरोपितों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई किया जा रहा है।

जिला अस्पताल के आसपास पूरी रात पुलिस अधिकारियों की देखरेख में जवान सुरक्षा व कानून व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से सतर्क रहे। पोस्टमार्टम हाउस के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। सुबह होते ही जिले के कई थाना की पुलिस फोर्स के साथ ही गैर जनपद से भी पुलिस के जवानों को मुस्तैद कर दिया गया।

किसी को भी पोस्टमार्टम हाउस पर नहीं जाने दिया गया। मेन रोड से लेकर जिला अस्पताल चौकी व एमरजेंसी के सामने सभी स्थानों पर भारी संख्या में पुलिस जवान तैनात रहे। सिर्फ पुलिस विभाग के आला अधिकारी आपस में इस विषम परिस्थिति से उबरने की रणनीति बनाने में जुटे रहे।

बहरैची के परिजनों को भी सुबह के समय पोस्टमार्टम हाउस से दूर रखा गया। विपक्षी पार्टी के नेताओं समेत अन्य लोगों को भी परिसर में जाने की अनुमति नहीं दी गई। सीओ सिटी अंशुमान मिश्र वहां पर कई इंस्पेक्टरों के साथ सुरक्षा व कानून व्यवस्था की कमान संभालने में जुटे रहे।

कई शिफ्ट में चला मान मनौव्वल का दौर

रात से ही जिला अस्पताल व पोस्टमार्टम हाउस के आसपास मान मनौव्वल का भी दौर चला। मृतक बहरैची के परिजनों व उनके रिस्तेदारों को मनाने में लोग जुटे रहे। बुधवार दोपहर 12 बजे तक मामले को सुलझाने का प्रयास हुआ। अधिकारी व अन्य लोगों ने सभी को समझा बुझाकर मामला सुलझाने का प्रयास किया।

इसके बाद भी उन्हें कामयाबी नहीं हासिल हुई। मृतक के परिजन पुलिस व विपक्षियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। इसके बाद बहरैची के पुत्र संजय कुमार से तहरीर लेकर एसओ बखिरा, कुछ पुलिस कर्मी व अन्य विपक्षियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू हुई और मृतक के परिजनों व अन्य रिस्तेदार व शुभेच्छुओं को पोस्टमार्टम हाउस पर जाने की अनुमित दिया गया।

सादी वर्दी में कई अधिकारी हर परिस्थिति पर करते रहे निगरानी

पोस्टमार्टम हाउस के आसपास सादी वर्दी में भी तमाम पुलिस अधिकारी हर परिस्थिति की निगरानी करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो घटना के बाद से लोकल इंटेलीजेंस की टीम रात के समय से ही सक्रिय हो गई थी। दिन के समय में भी जिले में तैनात कई एसओ व अन्य पुलिस के जवान सादे कपड़े में पोस्टमार्टम हाउस के आसपास भ्रमण करते रहे। पुलिस कर्मी व एलआईयू के जवान पब्लिक के बीच में रहकर माहौल का जायजा लेकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट करने में जुटे रहे।

नए एसओ की तैनाती कर कानून व्यवस्था दुरुस्त करने का हुआ आदेश

बखिरा थाना क्षेत्र में लगातार गिर रही कानून व्यवस्था को देखते हुए एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने नए एसओ की तैनाती कर दी है। कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के कांटे चौकी इंचार्ज चंदन कुमार को बखिरा थाना का एसओ बनाया गया है। पिछले कुछ दिनों के बीच बखिरा थाना क्षेत्र में लगातार अपराधिक घटनाएं हो रही थीं।

भाकियू के जिला उपाध्यक्ष लक्ष्मण पांडेय की नृशंस हत्या के बाद से हुए बहाल में पुलिस बैक फुट पर आ गई थी। अभी मामला ठंड़ा भी नहीं हुआ था कि गैंगरेप की घटना को अंजाम देकर अपराधियों ने पुलिस को चुनौती दे डाला। पुलिस बलात्कारियों को जेल भेज ही नहीं पाई थी कि पुलिस कस्टडी में संदिग्ध हाल में हलई मौत ने पूरे महकमे की किरकिरी करा दिया। जिसके पटाक्षेप के लिए आईजी तक को जिले में डेरा डालने के लिए विवश होना पड़ा।

मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ पोस्टमार्टम

पुलिस कस्टडी में बखिरा थाना क्षेत्र के शिवबखरी गांव निवासी मृतक बहरैची का पोस्टमार्टम मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुआ। इस दौरान खलीलाबाद एसडीएम राजनारायण मिश्र व तहसीलदार जिला अस्पताल पुलिस चौकी पर मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। शाम को आमी के तट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया।

बुजुर्ग दम्पति का टूट गया सहारा :

बखिरा। क्षेत्र के शिवबखरी निवासी 75 बर्षिय गया के एकलौते बेटे बहरैची की मौत से उनके बुढापे का सहारा टूट गया। बेटे की मौत से वृद्ध मां-बाप पूरी तरह से टूट गए हैं। दोनों ने इस घटना के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया है। रोते-रोते बुजुर्ग दम्पति ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि बेटे की मौत इस तरह से देखनी पड़ेगी। बहरैची के तीन पुत्र हैं। बड़ा बेटा संजय खलीलाबाद के पास दवा की दुकान चलाता है। जबकि बीच के बेटे अशोक के ऊपर गांव की लड़की को भगा ले जाने का आरोप है। तीसरा लड़का कुन्दन है। बहरैची की पत्नी दुर्गावती समेत परिवार का रो रोकर बुरा हाल हो गया था। ---------------------

घटना से क्षेत्र में सनसनी :

बहरैची की मौत से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। दिन भर इस घटना को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। हर कोई इसके लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरा रहा था। बहरैची के गांव में घटना को लेकर पुलिस के प्रति लोग आक्रोशित दिखे। आस पास के गांव के लोग भी बेचैन रहे।

गांव के ही एक व्यक्ति का आरोप है कि लगभग 12 दिन पूर्व बहरैची का दूसरा बेटा अशोक उसकी बेटी को लेकर फरार हो गया था। परिजनों का आरोप है कि युवक को वापस लाने के लिए दवाव बनाने के लिए पुलिस ने बहरैची को थाने पर बैठा लिया था। इस मामले को लेकर दोनों परिवारों के मध्य विवाद व मारपीट भी हुई थी। जिसके बाद लड़की की माँ ने 112 डायल करके पुलिस को बुला लिया था। 25 जुलाई से बहरैची थाने में था।

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