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संतकबीरनगर

इमरजेंसी छोड़ कर नहीं उठाए जा रहे मरीज

हिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरPublished By: Newswrap
Thu, 29 Jul 2021 05:20 AM
इमरजेंसी छोड़ कर नहीं उठाए जा रहे मरीज

संतकबीरनगर। निज संवाददाता

अपनी मांगों को लेकर एम्बुलेंस संचालकों ने इमरजेंसी छोड़ कर वाहनों का चक्का जाम कर दिया है। एएलएस कर्मचारियों के निकाले जाने से आग बबूला हुए एम्बुलेंस संचालकों का 26 जुलाई की रात से चक्का जाम चल रहा है। उसके बाद किसी भी फोन को अटेंड नहीं कर रहे हैं। तीन दिनों से जूनियर हाई स्कूल मैदान में सभी वाहनों को खड़ा कर दिया है। प्रदेश और केन्द्र सरकार के विरोध में नारेबाजी कर रहे हैं। जिले में 48 वाहनों के चक्का जाम से मरीजों को हलकान होना पड़ रहा है।

एम्बुलेंस संचालक के जिला अध्यक्ष जमीर खान की अगुवाई में चल रहे धरना-प्रदर्शन में महामंत्री धीरेंद्र यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश में एएलएस संचालकों को निकाल दिया गया है। जिले में एएलएस के 16 कर्मचारी हैं, जिनके पेट पर लात मारी गई है।

सात-सात सालों से नौकरी करने के बाद अब ये कर्मचारी कहां पर काम के लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिस फर्म से अनुबंध था उससे अनुबंध समाप्त कर दूरी फर्म को एएलएस संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई। दूसरी फर्म हम कर्मचारियों को रखने के लिए तैयार नहीं है। और रखेगी तो इस शर्त पर कि चार हजार रुपया वेतन कम देंगे।

उन्होंने कहा कि लोग काम करते हैं और वेतन बढ़ता है और हम लोगों का वेतन कम हो जाएगा। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष भागवत यादव, जिला मीडिया प्रभारी दुर्गेश कुमार मिश्र, ब्लॉक अध्यक्ष जिलाजीत यादव, माशा अल्लाह, मदन मोहन, अजीत यादव, संतोष यादव, विकास पाल आदि लोग उपस्थित रहे।

कर्मचारियों का कहना कि काम करने पर लोगों का वेतन बढ़ता है और हम लोगों को वेतन कम हो रहा है। अखिर ये अन्याय कब तक चलेगा। कर्मचारियों का कहना है कि इमरजेंसी को छोड़ कर अन्य कार्य नहीं करेंगे। एम्बुलेंस के एक भी कर्मचारी को निकाला जाएगा तो आन्दोलन और उग्र होगा।

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