विकास से कोसों दूर है परसा झकरिया गांव, दुश्वारियां झेल रहे हैं ग्रामीण
Feb 11, 2026 01:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के परसा झकरिया गांव में विकास कार्य ठप हैं। यहां सफाई व्यवस्था पूरी तरह से खराब है, जिससे ग्रामीण बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल और विद्यालय तक जाने वाले रास्ते जर्जर हैं। ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। सचिव और अन्य अधिकारियों की अनदेखी से लोगों में आक्रोश है।
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के बघौली ब्लाक की परसा झकरिया ग्राम पंचायत विकास से काफी दूर है। यहां के लोगों को तमाम दुश्वारियां झेलना पड़ता है। गांव के हर कोने में पसरी गन्दगी स्वच्छता अभियान का पोल खोल रही है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से शून्य है। यहां पर पसरी गन्दगी का बीमारी को दावत दे रही है। गांव की जाम और बदहाल नालियों टूटी सड़कों से हर कोई परेशान है। आज भी गांव के तमाम ग्रामीण आवास, पेंशन, राशनकार्ड, किसान सम्मान निधि के लिए दर दर भटकने के लिए विवश हैं। जिस पर अभी तक किसी जिम्मेदार की नजर नहं पड़ सकी है।
बघौली ब्लॉक क्षेत्र ग्राम पंचायत परसा झकरिया में विकास कार्य दम तोड़ रहा है। यहा का विकास कोसों दूर है। पंचापत भवन, विद्यालय के आस पास पर गन्दगी का अम्बार लगा है। गांव के टोले में मुख्य मार्ग पर कई जगह नाली टूटने से रास्ते में ही गन्दा पानी पसरा रहता है। जिससे ग्रामीणों को गंदे जल संक्रामक बीमारी होने की आशंका बनी हुई है। गांव में कई जगहों पर अभी तक पक्का रास्ता नहीं बन सका है। वही समुदायिक अस्पताल और विद्यालय के पास सफाई व्यवस्था न होने से गंदगी के चलते लोगों में आक्रोश है। वहीं गांव में अभी भी दर्जनों पात्र लोग पीएम आवास, पेंशन, राशन कार्ड, सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड के लिए भटक रहे हैं। अभी तक कई गरीबों का आवास प्लास में फोटो ही नहीं लिया गया है। वहीं बुजुर्ग ग्रामीणों व दिव्यांग का पेंशन, विधवा पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सम्मान निधि तक नहीं बना है। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव गांव में नहीं आते हैं, जिससे लोगों को अपने आवेदन ऑनलाईन कराने के लिए परसा झकरिया चौराहे पर जाना पड़ता है। सामुदायिक शौचालय न खुलने से राहगीर और ग्रामीणों का काफी समस्याओ का सामना करना पड़ता है।
अस्पताल तक पक्की सड़क बने तो मिले सुविधा
गांव में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक जाने वाली जर्जर और कच्ची सड़क मरीजों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। बरसात के मौसम में सड़क पर कीचड़ और गड्ढों के कारण मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और एंबुलेंस चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि अस्पताल तक पक्की सड़क का निर्माण हो जाए तो मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा और अनावश्यक जोखिम से भी बचा जा सकेगा। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार गंभीर मरीजों को कंधे पर उठाकर या चारपाई के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता है। एंबुलेंस भी खराब सड़क के कारण समय से अस्पताल नहीं पहुंच पाती, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। खासकर रात के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। स्थानीय नागरिकों व जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल तक जाने वाली सड़क को प्राथमिकता के आधार पर पक्का कराया जाए।
विद्यालय को नहीं मिला सका पक्का रास्ता
गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय तक जाने के लिए आज तक पक्का रास्ता नहीं बन पाया है। जिससे बच्चों को रोजाना स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे और जर्जर मार्ग पर बरसात के दिनों में कीचड़ भर जाने से फिसलन बढ़ जाती है, वहीं गर्मी में धूल उड़ने से छात्रों की सेहत पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार छोटे बच्चे कीचड़ में गिरकर चोटिल हो जाते हैं, जिससे अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं। इसका सीधा असर बच्चों की नियमित उपस्थिति और शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो सका है। विद्यालय के शिक्षकों ने भी बताया कि रास्ता खराब होने के कारण समय पर विद्यालय पहुंचना मुश्किल हो जाता है। शैक्षणिक सामग्री लाने-ले जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है विद्यालय तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाना आवश्यक है।
समुदायिक शौचालय भवन ताला न खुलने से भटकते हैं ग्रामीण
परसा झकरिया गांव में खुले में शौच मुक्त का अभियान दम तोड़ रहा है। यहां पर लोग शौच के लिए खुले में जाने के लिए विवश हैं। क्योंकि यहां के सामुदायिक शौचालय का ताला ही नहीं खुलता है। जिससे राहगीरों व ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों कहना है कि बिना काम किए ही केयर टेकर पैसा लेती है। शौचालय खुला रखने के सरकार के आदेश के बाद भी यहां का ताला नहीं खुलता है। जिम्मेदारों की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।
कूड़ा घर बना है शो पीस, लटका रहता है ताला
परसा झकरिया ग्राम पंचायत में तो कूड़ घर (आरआरसी भवन) तो बना है लेकिन अभी तक इसका कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। जिससे गांव में जगह जगह गन्दगी का अम्बार लगा है। सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर आरआरसी सेंटर का निर्माण कराया है। जिससे घरों से निकलने वाले कूड़े को इधर-उधर न फेंक कर कूड़ा घर में इकट्ठा किया जाय। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यहां पर योजना दम तोड़ रही है। जिससे ग्रामीणों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है।
गांव में खड़ंजा टूट कर धंस गया, पक्की सड़क का है इंतजार
गांव के कई जगह खड़ंजे, इंटरलाकिंग मार्ग व नाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। गांव में कई मार्ग का खड़ंजा व इंटरलाकिंग धंसने से गड्ढा हो गया है। इसके चलते आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वाहनों से जाने वाले लोग हिचकोले खाते हुए जाते हैं। ग्रामीण का कहना है कि कहीं पर अभी पक्की सड़क तक नहीं बन सकी है। सिर्फ टूटे खड़ंजे से जाने के लिए विवश हैं। रास्ते में उगी घास से इधर उधर कचड़ा फैला है। जिससे सफाई की व्यवस्था की पोल खुल रही है। गांव में कई जगह नाली न बनाए जाने से ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
सचिव को नहीं पहचानते हैं ग्रामीण
परसा झकिया गांव के ज्यादतर लोग अपने सचिव को ही नहीं जानते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव पंचायत भवन पर कभी नहीं बैठते हैं। पंचायत भवन पर नियमित नहीं खुलता है। अक्सर ताला बंद रहता है। सचिव के गाव में नहीं आने के कारण ग्रामीणों को आवेदन ऑनलाईन कराने व अन्य कार्यों के लिए पचपोखरी चौराहे पर जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव से पंचायत भवन पर नियमित बैठने की मांग की है। जिससे ग्रामीणों को सुविधाएं आसानी से मिल सकें।
एडीओ पंचायत दीप श्रीवास्तव ने कहा कि विकास कार्य के लिए ग्राम पंचायत समर्पित है। ग्राम पंचायत परसा झकरिया में खुद उसका निरीक्षण करूंगा। खुद जा कर गांव के विकास में जो कमियां रह गई होंगी संज्ञान में लूंगा। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि सरकार ग्राम पंचायतों के सम्पूर्ण विकास के लिए समर्पित है। परसा झकरिया गांव में जो भी विकास कार्य अधूरा है उसे शीघ्र पूरा कराकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान आवश्य कराया जाएगा।
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