पशुओं की बीमारी को रोकने के लिए नए सिरे से चलेगा टीकाकरण अभियान
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले में खुरपका और मुंहपका की बीमारी ने अक्टूबर से दिसंबर तक कहर बरपाया है। सभी ब्लाकों में प्रभावित पशु पाए गए हैं, विशेष रूप से गर्भवती गायों और छोटे बच्चों में। पशुपालकों ने टीकाकरण नहीं कराया था। मार्च में बीमारी के लक्षण दिखने की संभावना है, इसलिए टीकाकरण की योजना बनाई जा रही है।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में खुरपका और मुंहपका की बीमारी ने अक्टूबर से लेकर दिसम्बर तक कहर बरपाया है। जहां पर भी बीमारी हुई वहां पर पूरा का पूरा गांव संक्रमित हुआ है। धमरजा से लेकर पिपरा तक बीमारी का प्रकोप देखने को मिला है। सभी ब्लाकों में इस बीमारी से पीड़ित पशु पाए गए हैं। जबकि जून जुलाई माह में पशुओं का टीकाकरण किया गया था। जिस समय टीकाकरण किया जा रहा था उस समय गर्भवती गाय और भैंस के साथ साथ तीन माह से छोटे बच्चों को टीका नहीं लगाया गया था। बस यही जानवर सबसे अधिक इस बीमारी के चपेट में आए।
इसके अलावा बहुत से पशुपालकों ने अपने पशुओं को टीका नहीं लगवाया था। वे पशु भी इस बीमारी की गिरफ्त में आ गए। मौसम में बदलाव के दौरान इस प्रकार की बीमारियों का प्रकोप अधिक होता है। मार्च महीने में इस प्रकार की बीमारी का लक्षण दिखने लगता है। बीमारी एक बार फिर सिर उठाए उससे पहले पशुओं का टीकाकरण करने के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि पिछली बार एक लाख 28 हजार 300 पशुओं को टीका लगाया गया था। इस बार भी उतने ही टीके की डिमांड की गई हैं। जल्द ही कार्ययोजना बना कर जिले भर की गाय और भैसों को प्रतिरक्षित किया जाएगा।

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