Hindi NewsUttar-pradesh NewsSantkabir-nagar NewsNeglected Village Development Poor Infrastructure Education and Health Facilities in Chainpur
चैनपुर की सड़क वर्षों से हैं बदहाल, नहीं है कोई सुविधा

चैनपुर की सड़क वर्षों से हैं बदहाल, नहीं है कोई सुविधा

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के चैनपुर ग्राम में विकास योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल की समस्याएं गंभीर हैं। सड़कें बदहाल हैं, हैंडपंप खराब हैं और जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा और ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

Nov 23, 2025 02:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
share Share
Follow Us on

हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। गांव के विकास के लिए शासन की ओर से अनेक योजनाएं चलाई जा रही है। शिक्षा-स्वस्थ्य के साथ शुद्ध पेयजल, गांव को साफ सुथरा रखने व पंचायत सचिवालय से लोगों का जन सुविधा देने के लिए हर उपाय किया जा रहा है। वहीं इसके विपरीत सेमरियावां ब्लॉक के मूड़ाडीहा बेग के राजस्व ग्राम चैनपुर को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल हैं। यहां शिक्षा, स्वास्थ्य की सुविधाएं नदारद हैं। ग्रामीणों के लिए शुद्ध पेय जल की कोई व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप खराब पड़े हैं। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। सेमरियावां ब्लॉक के चैनपुर ग्राम पंचायत मूडाडिहा बेग का राजस्व ग्राम है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इस गांव को जोड़ने वाला सम्पर्क मार्ग वर्षों से खराब है। इसकी पेंटिंग गायब हो गई है। गट्टियां उखड़ गई हैं। इस सड़क से पैदल चलने वालों को दुश्वारियों का दंश भुगतना पड़ रहा है। जरा सा लापरवाही की नहीं कि चोट लगना तय है। इस पर चलते वाहन हिचकोले खाते व उछालते हुए जाते हैं। वाहन पर बैठने वालों को भी संभल कर बैठना पड़ता है। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर इंटर कालेज व एक डिग्री कालेज है। पढ़ाई के लिए यहां आने वाले बच्चों को भी आने जाने की काफी समस्या होती है। बारिश के समय ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की शिक्षा के लिए गांव में प्राथमिक विद्यालय नहीं है। वहीं बच्चों व गर्भावती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य उपकेन्द्र का निर्माण आज तक नहीं हो पाया है। शुद्ध पेय जल के लिए कोई सुविधा नहीं है। यहां के ग्रामीण आज भी नारकीय जीवन यापन करने पर मजबूर हैं। नौनिहालों को कुपोषण से बचाव के लिए आंगनबाड़ी केंद्र तक नसीब नहीं हो पाया। गांव में नहीं है जल निकासी की समुचित व्यवस्था गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं हुआ है। लोगों के घरों से निकला पानी इधर उधर फैला रहता है। गांव के अधिकांश लोग घर के सामने गड्ढा खोद कर पानी रोकते हैं। बारिश के समय पानी की निकासी कठिन हो जाती है। इससे सड़क व रास्ते पर पानी व कीचड़ फैला रहता है। लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पंचायत भवन से नहीं मिल रहा लाभ गांव के लोगों को सरकारी कार्यों की गांव पर ही सुविधा के लिए लाखों रुपया खर्च कर पंचायत सचिवालय का निर्माण किया गया है। इसके लिए पंचायत सचिवालय पर एक कर्मचारी की तैनाती भी की गई है। लोगों के प्रमाण पत्र आदि यहीं से बनाए जाने थे। मगर आज तक यहां के ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। यहां के ग्रामीणों को आज भी परिवार रजिस्टर व अन्य अभिलेखों के लिए ब्लाक मुख्यालय पर जाना पड़ रहा है। इसके चलते धन खर्च करने के साथ समय की भी बर्बादी होती है। बोले जिम्मेदार : गांव के समस्या की जानकारी नहीं है। गांव में टीम भेज कर समस्याओं देखा जाएगा। यहां के लिए जो भी संसाधन होंगे उसके माध्यम से ग्रामीणों की समस्या को दूर किया जाए। समस्याओं को लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जाएगा। रधेश्याम चौधरी एडीओ पंचायत