कुत्तों और बंदरों से रेलवे स्टेशन सुरक्षित नहीं
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर कुत्तों और बन्दरों का आतंक है। ये यात्रियों को परेशान करते हैं और सामान चुरा लेते हैं। स्टेशन पर कई कुत्ते और बन्दर मौजूद हैं, जिससे यात्रियों में डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने इनसे निपटने के लिए कई बार शिकायत की है, लेकिन कोई ठोस उपाय नहीं किया गया।
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर कुत्तों के साथ ही बन्दरों का भी आतंक है। रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में बन्दर हैं। ये यात्रियों को परेशान भी करते हैं। कई बार उनके सामान और खाना लेकर भाग जाते हैं। इससे यात्रियों को परेशान होना पड़ता है। जबकि बंदरों को भागने के लिए प्रयास किए जाते हैं, लेकिन वे फिर से वापस आ जाते हैं। रेलवे स्टेशन पर इन दिन लगभग आधा दर्जन कुत्ते अपना अड्डा बनाए रहते हैं। ये अक्सर प्लेटफार्म पर ही पड़े रहते हैं। कभी-कभी रेल लाइन के बीच यात्रियों द्वारा फेंकी गई सामग्री पर मुंह मारते रहते हैं।
प्लेटफार्म पर यात्रियों के बीच बैठे कुत्तों से आने जाने वालों को डर बना रहता कि कब ये किसी वजह से भड़क न जाएं। आने जाने वाले दूर हटकर जाते हैं। वहीं रेलवे स्टेशन के साथ ही कई मोहल्लों में भी बन्दरों का आतंक है। मड़या, तितौवा मोहल्ले के लोग परेशान हैं। बंदर छतों और बालकनियों में सूखने के लिए फैलाए गए कपड़ों को फाड़ देते हैं। यदि खाने का कोई सामान मिलता है तो उसे भी उठा ले जाते हैं। लोग बचने के लिए घरों पर जाली लगा रखा है। इसके साथ ही इन्हे हटाने के लिए कई बार शिकायत किया लेकिन कोई अभियान नहीं चला। व आवारा पशु व कुत्ते से निपटने को नहीं है कोई सक्रिय संगठन आवारा पशु, कुत्ते से निपटने के लिए जिले में कोई भी संगठन सक्रिय नहीं है। न तो किसी तरह का कोई प्रयास ही किया जाता है। एक दो समाज सेवी हैं जो केवल गोवंशीय पशुओं की सेवा करते हैं। नगर पालिका की तरफ से भी इन कुत्तों को पकड़ने के लिए कोई योजना नहीं है।

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