दलित किशोरी के अपहरण के आरोपी को पांच वर्ष का सश्रम कारावास
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में अवयस्क दलित किशोरी के अपहरण के आरोपी को

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में अवयस्क दलित किशोरी के अपहरण के आरोपी को एडीजे व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात दोषसिद्ध करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाया। कोर्ट ने आरोपी वसीम अहमद पर सजा के साथ पांच हजार रुपए का अर्थदण्ड का भी फैसला दिया। अर्थदण्ड का भुगतान न करने पर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही कोर्ट ने गाली, जान से मारने व एससीएसटी एक्ट के आरोपी पति जाहिद अली व पत्नी अतरुन्निशा को दोषसिद्ध करार देते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने दोनों आरोपियों पर तीन-तीन हजार कुल 6 हजार रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदण्ड की सम्पूर्ण 11 हजार रुपए की धनराशि पीड़िता को देने का आदेश दिया। कोर्ट ने एक बाल अपचारी की पत्रावली को किशोर न्याय बोर्ड अंतरित कर दिया। जबकि एक आरोपी साकिब पुत्र मजारू को दोषमुक्त तथा आरोपी वसीम अहमद को पाक्सो एक्ट व एससीएसटी एक्ट के आरोप में दोषमुक्त करने का फैसला दिया। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अभिमन्यु पाल, अनिल कुमार सिंह व सत्येन्द्र शुक्ल ने बताया कि मामला बखिरा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। प्रकरण में पीड़िता की मां ने अभियोग पंजीकृत कराया था। पुलिस अधीक्षक को 5 जून 2017 को प्रार्थना पत्र दिया था। उसका आरोप था कि वह अनुसूचित जाति की महिला है। मजदूरी करके भरण पोषण करती है। एक जून 2017 को शाम लगभग सात बजे अपनी 17 वर्षीय अवयस्क पुत्री के साथ घर का काम कर रही थी। इतने में उसके गांव की अतरुन्निशा पत्नी जाहिद अली उसके घर आईं और कहा कि कुछ काम है। अपनी पुत्री को मेरे घर भेज दो। विश्वास करके पुत्री को उसके साथ भेज दिया। काफी देर बाद पुत्री के न आने पर उनके घर जाकर पूछा तो अतरुन्निशा ने कहा कि मैं नहीं जानती तुम्हारी पुत्री कहां है। कुछ देर बाद अतरुन्निशा पत्नी जाहिद अली, जाहिद अली पुत्र अब्बास अली, वसीम अहमद पुत्र जमील अहमद व साकिब पुत्र मजारु ने कहा कि हम लोगों ने तुम्हारी पुत्री को बहला-फुसलाकर बाल अपचारी के साथ भगा दिया है। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो एक्ट अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभियोजन की तरफ से कुल 6 साक्षी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए । एडीजे व विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात तीन आरोपियों को दोष सिद्ध करार दिया ।
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