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संतकबीरनगर

खाने बिना तरस रहे बाढ़ में फंसे लंगूर

हिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 04:50 AM
खाने बिना तरस रहे बाढ़ में फंसे लंगूर

मगहर। हिन्दुस्तान संवाद

आमी नदी की बाढ़ की चपेट में आकर से सैकड़ों लंगूर मझधार में फंसे है। ये चारो ओर से पानी से घिरे रसूलाबाद गांव के सीवान में पेड़ों पर पनाह लिए हुए हैं। ये खाने पीने के लिए तरस रहे है। जिन्हें गांव के जागरूक युवक जान हथेली पर रखकर खाना दाना पहुंचा कर जान बचाने की जुगत में लगे हैं। जिससे इन बेजुबानों की जान को बचाया जा सके।

ग्राम पंचायत रसूलाबाद गांव चारो ओर बाढ़ के पानी से घिरा है। इसके कारण लोगों के घरों में बाढ़ का पानी घुस गया और लोग अपने को सुरक्षित बचाने की जुगत में लगे हैं। इनके साथ ही गांव के उत्तर सीवान में सैकड़ों लंगूर भी आमी की बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं। ये पेड़ों पर पनाह लिए हुए हैं।

बीच में फंसे यो बंदर खाने दाने के लिए तरस रहे हैं। गांव के जागरूक रामशंकर यादव, संतोष साहनी, प्रिन्सू यादव, देवेश मौर्या, छोटू यादव, शिवम गोस्वामी, बल्लू यादव, महेन्द्र यादव, गिरजेश यादव, केदार यादव आदि नौजवान इनकी जान बचाने में लगे हैं। ये लोग गहरे पानी से होकर इन लंगूरों को खाना दाना पहुंचा रहे हैं।

इन नौजवानों को अपने जान की कम बल्कि बेजुबान जानवर के मरने की फ़िक्र ज्यादा है। यही कारण है कि ये इनके खाने के लिए रोटी, पूड़ी के साथ ही सेब तथा अन्य फल पहुंचा रहे हैं। बंदरों की भूख का आलम यह है किसी को अपने करीब आता देख उनके पास पेड़ से उतर कर नीचे आ जा रहे हैं। ये नौजवान पिछले एक पखवारे से इन लंगूरों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अब इनकी हिम्मत भी जवाब दे चुकी है। इन बेजुबान को अब विभाग के मदद की दरकार है ताकि इनकी जान को बचाया जा सके।

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