धर्मसिंहवा बाजार में सुलभ शौचालय की दरकार

Feb 28, 2026 10:58 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा बाजार मुख्यालय में अब तक सार्वजनिक सुलभ

धर्मसिंहवा बाजार में सुलभ शौचालय की दरकार
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के धर्मसिंहवा बाजार मुख्यालय में अब तक सार्वजनिक सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है। जबकि बाजार में नगर पंचायत धर्मसिंहवा के दो वार्ड समाहित हैं। जबकि बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग खरीदारी और अन्य कार्यों के लिए बाहर से आते हैं।

बाजार आने पर लोगों को मूलभूत सुविधा के अभाव में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले राहगीरों के लिए यह समस्या गंभीर बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार नगर पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। बाजार और मुख्य मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय न होने से लोगों को इधर-उधर भटकना पड़ता है। बाजार में महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। बाजार आने के बाद अगर शौच की जरूरत पड़ जाए तो बहुत परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार छोटे बच्चों के साथ आने वाली माताओं को भी मुश्किल झेलनी पड़ती है। नगर पंचायत का कार्यालय स्थानीय कस्बे से लगभग दो किमी दूर सेवाइचपार वार्ड में बना हुआ है। इन क्षेत्रों में सुविधा न होने से लोग खुले में जाने को मजबूर होते हैं।

सुविधा न होने से व्यापारियों की भी बढ़ी चिंता

बाजार में शौचालय की सुविधा न होने से अपने ग्राहकों को लेकर व्यापारियों को भी चिंता हो रही है। बाजार के दुकानदारों के का कहना है कि शौचालय न होने से बाहर से आने वाले उनके ग्राहकों को काफ असुविधा होती है। बाहर से आने वाले लोग इस समस्या की वजह से जल्दी वापस लौटने की जुगत में लगे रहते हैं। इसके चलते व्यापार भी प्रभावित होता है। व्यापारियों ने नगर पंचायत प्रशासन से बाजार में शीघ्र शौचालय का निर्माण कराने की मांग की है।

साप्ताहिक बाजार के दिन होती है ज्यादा समस्या

नगर पंचायत में वैसे तो प्रतिदिन सैकड़ों लोगों का आवागमन होता है। कस्बे में प्रतिदिन भीड़भाड़ रहती है। लेकिन सप्ताह में दो दिन काफी भीड़ होती है। रविवार और शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार लगती है। शुक्रवार की बाजार कस्बे से दो सौ मीटर दूर लगती है इसमें काफी भीड़ होती है। जबकि रविवार की बाजार स्थानीय कस्बे में ही लगता है। यह सीमित दायरे में होती है। इसके कारण बाजार आने जाने वाले लोगों को काफी भीड़ एक सीमित दायरे में हो जाती है। लेकिन यहां आने वालों की जरूरतों का ध्यान नहीं रखा गया है। इससे समस्या का सामना करना पड़ता है।जिसके आसपास के दर्जन भर गांवों व पूरे नगर पंचायत क्षेत्र के लोग सप्ताह भर की खरीदारी के लिए बाजार में आते हैं। इस कारण और भीड़ हो जाती है। कभी कभी तो स्थानीय कस्बे में खूब जाम लग जाता है। ऐसे में मुख्य बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय न होना काफी पीड़ादायक हो जाता है। बाजार में आने वाली महिलाओं व बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी। लोग बाजार से जल्दी निकलने में ही भलाई समझते हैं।

मूलभूत सुविधाएं कब होंगी पूरी

स्थानीय व्यापारियों व नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बाद भी यदि नागरिकों को शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरसना पड़े, तो यह चिंता का विषय है। स्वच्छता और सुविधा की बात सिर्फ योजनाओं और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। धर्मसिंहवा जैसे बढ़ते बाजार क्षेत्र में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण प्राथमिकता में होना चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मिलकर शीघ्र समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे, तभी आमजन को राहत मिल सकेगी।

बौद्ध तीर्थ यात्रियों के लिए भी होती है असुविधा

नगर पंचायत धर्मसिहवा कस्बा भगवान बुद्ध से भी जुड़ा है। लोगों का मानना है कि ज्ञान प्राप्ति के लिए जब भगवान बुद्ध निकले थे तो इसी रास्ते से गए थे। बौद्ध कालीन सभ्यता के अवशेष भी मिले हैं। बौद्ध स्तूप भी है। बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध भिक्षु आते हैं, शौचालय न होने के कारण उनको भी परेशानी होती है। प्रमुख स्थल होने के बाद भी यहां पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है। यहां का विकास करने की मांग की गई। योजनाओं के लिए लिखा पढ़ी की गई पर उसे कायदे से अमली जामा नहीं दिया जा सका। इसके चलते यहां आने वाले तीर्थ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

प्रति वर्ष होने वाले धार्मिक आयोजन में होती है दिक्कतें

नगर पंचायत के स्थानीय कस्बे में प्रति वर्ष होने वाले धार्मिक आयोजन में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को दिक्कतें होती हैं। धर्मसिंहवा बाजार में लगातार पच्चीस वर्ष से विष्णु महायज्ञ का आयोजन होता है। आयोजन में दिन में यज्ञ और कथा का आयोजन होता है। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। रात्रि में रामलीला का आयोजन किया जाता हैं। दिन और रात दोनों समय आने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए कोई सुविधा नहीं होती है। इससे लोगों को काफी समस्या होती है।

त्योहार में अक्सर भीड़ हो जाती है।

नगर पंचायत धर्मसिंहवा स्थानीय कस्बा आसपास के दर्जन भर से अधिक गांवों की मुख्य बाजार है। यहां पर प्रतिदिन रोजमर्रा की जरूरतों के खरीद के लिए भीड़ तो रहती ही है, लेकिन त्योहारों पर जैसे दीपावली, छठ होली आदि के मौके पर बहुत भीड़ हो जाती है। बाजार में आने वाले लोगों के सामने शौच की हालत में बाजार से बाहर भागने की स्थिति बनती है। स्थानीय कस्बे में शौचालय न होने से ग्रामीणों को बहुत समस्या होती है।

सभासद यशोदा वर्मा ने कहा कि नगर पंचायत में सार्वजनिक शौचालय न होने से बाजार आने वालों को काफी समस्या होती है, जिसको लेकर मौखिक रूप से ईओ से कहा गया है, उन्होंने आश्वासन भी दिया है। जल्द ही कुछ उपाय किया जाएगा।

ईओ आशुतोष ओझा ने कहा कि नगर पंचायत धर्मसिहवा के स्थानीय कस्बे में जमीन की उपलब्धता नहीं है। इसलिए शौचालय का निर्माण नहीं हो पा रहा है। फिर भी प्रस्ताव शासन स्तर पर भेजा गया है। स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।

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