खरमास हुआ शुरू, एक माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

Mar 15, 2026 02:05 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले में शनिवार देर रात से खरमास की अवधि शुरू हो गई है, जिसके कारण एक महीने तक मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, और अन्य शुभ कार्यों पर रोक लगा दी गई है। खरमास का समापन 14 अप्रैल को होगा। इस दौरान आध्यात्मिक साधना और दान-पुण्य को विशेष महत्व दिया जाता है।

खरमास हुआ शुरू, एक माह तक नहीं होंगे मांगलिक कार्य

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में मांगलिक कार्य बंद हो गए हैं। शनिवार की देर रात्रि से खरमास शुरू हो गया है। इसी के साथ मांगलिक कार्य बंद हो गए। एक माह तक शुभ कार्य नहीं होंगे। 14 अप्रैल को खरमास की समाप्ति के साथ फिर से वैवाहिक व अन्य मांगलिक कार्य शुरू होंगे। सनातन धर्म में खरमास का बहुत महत्व माना जाता है। खरमास लगते ही एक माह के लिए मांगलिक कार्य नहीं किए जाते ऐसा सनातन धार्मिक शास्त्रों का मानना है। राम जानकी मन्दिर (ठाकुर द्वारा) भरदौलिया में आचार्य पं. कृपाशंकर पाण्डेय ने खरमास के महत्व को बताया। कहा कि जब सूर्य धनु राशि व मीन राशि में प्रवेश करते हैं।

तब खरमास लगता है। शनिवार को रात्रि 01 बजकर 08 मिनट पर सूर्य कुम्भ राशि से मीन राशि में प्रवेश कर गए और 14 अप्रैल को सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के मेष में आते ही खरमास का समापन हो जाएगा।खरमास की वह अवधि है जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि धनु या मीन में गोचर करते हैं। धनु राशि में प्रवेश का समय 14 दिसंबर से 14 या 15 जनवरी तक और मीन राशि में प्रवेश का समय 15 मार्च से 14 अप्रैल तक होता है। इस तरह वर्ष में दो बार खरमास लगता है। इन दिनों सूर्य देव की गति धीमी हो जाती है। जिससे इस महीने में विवाह, गृह प्रवेश, उप नयन जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं। विशेष रूप यह समय आध्यात्मिक साधना, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ होता है, जिससे आत्मशुद्धि होती है। खरमास में विशेष रूप से भगवान विष्णु, सूर्य देव और गुरु बृहस्पति की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।इस महीने में गरीबों को दान, गो सेवा और ब्राह्मणों को भोजन कराने से विशेष लाभ मिलता है। मौन, व्रत, उपवास आत्म-चिन्तन के साथ श्रीमद्भागवत, रामचरितमानस या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से मानसिक शांति और सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है।खरमास में ये शुभ कार्य हैं वर्जितखरमास में शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। इनमें विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, नया वाहन या व्यवसाय की शुरुआत करना वर्जित होता है। खरमास अशुभ नहीं, बल्कि भौतिक कार्यों से हटकर आध्यात्मिक उत्थान की अवधि है, जिसे आत्मशुद्धि का समय माना जाता है।

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