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ग्राम पंचायत परदेशवा में जन सुविधाएं बदहाली का शिकार

ग्राम पंचायत परदेशवा में जन सुविधाएं बदहाली का शिकार

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के विकास खण्ड बघौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत परदेशवा

Wed, 3 Dec 2025 10:36 AMNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के विकास खण्ड बघौली क्षेत्र की ग्राम पंचायत परदेशवा में सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यहां की हर जन सुविधा बदहाली का शिकार है। ग्रामीण व राहगीर यहां की सड़क से लेकर नालियां तक टूट जाने का दंश भुगत रहे हैं। ग्रामीणों की सुविधा के लिए गांव में बना सामुदायिक शौचालय भी बदहाली का शिकार है। गांव में पानी की निकासी के लिए कुछ नालों का निर्माण कुछ हुआ है। नालियां गंदगी से जाम पड़ी हैं। नालियों की सफाई नहीं की गई। इन सब का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है।

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गांव के बीच से सड़क गुजरी है। यह सड़क जगह-जगह टूट गई है। बदहाल सड़क से प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं पढ़ने के लिए जाते हैं। इस सड़क की मरम्मत कराया जाना काफी जरूरी है। सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क के आदेश का पालन यहां की सड़क पर नहीं दिख रहा है। गड्ढों से युक्त सड़क दुर्घटनाओं को दावत दे रही है। साइकिल सवारों व राहगीरों के लिए यह मार्ग बाजार में पहुंचने के लिए आसान रास्ता है। इस सड़क को न बनाए जाने से आवागमन में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क तो खराब है ही सड़क के किनारे दोनों तरफ पानी निकासी के नालियां बनाई गई हैं। इन नालियों के ऊपर लगे ढक्कन टूट गए हैं। कहीं-कहीं नालियां टूटने से पानी सड़क के ऊपर बहने लगता है। इसी से होकर राहगीरों व ग्रामीणों को गुजरना पड़ता है। गंदे पानी से होकर जाने में सबसे ज्यादा समस्या छोटे-छोटे बच्चों को होती है। नालियों की सफाई न होने से कूड़ा कचरा से पटी हुई हैं। नालियों की बजबजाहट से हमेशा बदबू निकल रही है। गांव में सफाई कर्मी कभी कभार ही आते है थोड़े बहुत सफाई करके चले जाते है। इससे हर तरफ गंदगी पसरी हुई है।

परदेशवा चार हजार से अधिक आबादी वाला गांव है। लेकिन मूलभूत सुविधाओं का अभाव होने के कारण ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क, नाली के साथ-साथ पीने के लिए पानी आदि की सुविधाओं के न होने के कारण लोगों को तकलीफ उठानी पड़ रही है। जहां सरकार गांव के शहरीकरण के लिए तमाम योजनाएं ला रही है, वहीं यहां विकास के नाम पर पूरी तरह बदहाली ही दिख रही है।

गांव के लोगों के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं

परदेशवा गांव के लोगों के लिए अभी शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं है। लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए गांव में जल जीवन मिशन योजना के तहत काम शुरू हुआ है। पेयजल योजना के तहत कुछ ही कार्य करके अधूरा छोड़कर कार्मचारी ग़ायब हो गए हैं। निर्माणधीन पंप हाउस बदहाली का शिकार है। पेयजल के लिए लोग मजबूरी में देशी हैंडपंप का पानी प्रयोग कर रहे हैं। कुछ लोगों ने घरेलू आरओ मशीन लगा रखी है। उसका प्रयोग कर रहे हैं। लोगों के घर-घर तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई गई है। पाइप लाइन बिछाने के लिए गांव में बनी बनाई सीसी रोड को तोड़कर छोड़ दिया है। इसके चलते लोगों को आने जाने काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या तो छोटे-छोटे बच्चे को होती है जो अक्सर गड्ढों में फंसकर गिरने से घायल हो जाते हैं।

गांव में सफाई व्यवस्था बदहाल

परदेशवा गांव की सफाई व्यवस्था बदहाल है। यहां की चोक पड़ी नालियों और गंदगी से ग्रामीण परेशान हैं। प्रदेश सरकार ने गांव की स्वच्छता के लिए सफाई कर्मियों की नियुक्ति की थी। उन्हें गांव में रहकर सफाई कार्य करना था। लेकिन वर्तमान में सफाई कर्मचारी गांव में नहीं आ रहे हैं। सफाई कर्मियों के न आने के कारण गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। सफाई न हो पाने से नालियां गंदगी से चोक हो गई हैं। इनसे उठने वाली दुर्गंध लोगों को परेशान करती रहती है। सफाई न होने से संक्रामक रोगों के फैलने की आशंका बनी है। इससे नालियों का पानी उफनाकर सड़क पर बहता रहता है। गंदगी के चलते मच्छरों की संख्या बढ़ने से मच्छर जनित बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है ।

बेमतलब साबित हो रहा सामुदायिक शौचालय

लोगों को खुले में शौच जाने से रोकने के लिए यहां भी सामुदायिक शौचालय बना है। पर यह बेकार साबित हो रहा है। परदेशवा गांव में सामुदायिक शौचालय पर ताला पड़ा रहता है। इससे यह बेमतलब साबित हो रहा है। इसकी हालत देखने से यही लगता है कि यह शायद ही कभी खुलता हो। देखरेख के अभाव व प्रयोग न होने से इसके बनने का कोई मतलब ही साबित नहीं हो रहा।

लगता ही नहीं कि चला है स्वच्छता अभियान

अक्टूबर माह में संक्रामक रोग नियंत्रण अभियान चलाया गया। अभियान में सभी गांव में स्वच्छता अभियान चलाना था। सफाई के साथ झाड़ियों की कटाई करनी थी। दर्जन भर विभागों को मिलकर अभियान चलाना था। लेकिन यहां तो जगह-जगह फैली गंदगी, नालियों की गंदगी व झाड़ियों को देखकर लगता ही नहीं कि यहां अभियान भी चलाया गया था। इससे बीमारियों के फैलने की आशंका बनी है। झाड़ियों में जहरीले जंतुओं का बसेरा होने से दुर्घटना की आशंका बनी है।

प्रधान प्रतिनिधि रमेश चौधरी ने कहा कि गांव की समयाओं के निदान के लिए योजनाओं के माध्यम से काम कराया जा रहा है। गांव में टूटी नालियों का निर्माण कुछ जगहों पर हो रहा है तो कुछ जगहों पर नई नाली का निर्माण भी हुआ है। जल्द ही गांव की बाकी समस्या का निस्तारण किया जाएगा।

विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास के लिए हमारी केन्द्र व प्रदेश की सरकार समर्पित है। गांव के अन्तिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। परदेशवा की जो भी समस्या है उसका शीघ्र समाधान कर लिया जाएगा। जहां दिक्कत होगी अधिकारियों से मिलकर उसे दूर किया जाएगा।