सड़क, नाली बदहाल, पंचायत भवन ही है अधूरा

सड़क, नाली बदहाल, पंचायत भवन ही है अधूरा

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के ग्राम पंचायत रसूलाबाद में विकास कार्य अधूरे हैं। ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, जिससे वे नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कीचड़युक्त सड़कें, जल निकासी की कमी, और सफाई...

Aug 20, 2025 10:43 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। खलीलाबाद ब्लाक का ग्राम पंचायत रसूलाबाद में हो रहे तमाम विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। इस गांव के लोग वर्षों से विकास का अरमान पाले हैं। जिनका सपना साकार नहीं हो रहा है। हालत यह है कि यहां आजादी के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी गांव में बुनियादी सुविधाओं का दंश झेल रहे हैं। इस कारण ग्रामीण नरकीय जीवन यापन करने को मजबूर हैं। गांव में जाने के लिए कोई शुद्ध रास्ता नहीं है और पानी की निकासी न होने से लोग कीचड़युक्त सड़क से गुजरने को मजबूर हैं। यहां के बाशिन्दों को शुद्ध जल मयस्सर नहीं हो पा रहा है और लोग देशी नल का पानी पीने को मजबूर हो रहे हैं।

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सरकार की हर घर योजना को जिम्मेदार पलीता लगा रहे हैं। कीचड़ से सना रहता है गांव का सम्पर्क मार्ग हाईवे के किनारे रसूलाबाद के अलावा इसी गांव का हिस्सा कुईकोल और घनश्यामपुर गांव बसा हुआ है। इन गांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पर जल निकासी न होने कीचड़ से सना रहता है। इसके अलावा जर्जर सड़क लोगों की परेशानी बढ़ा देती है। जिस पर लोग जान हथेली पर रखकर आवागमन को लोग मजबूर होते हैं। बरसात के महीने में यह समस्या दोगुनी हो जाती है। जिस पर चलते समय खतरा बना रहता है और कभी ऐसा नहीं होता है कि कोई फिसल कर न गिरे व चुटहिल न हो। यही कारण है कि यहां से गुजरते समय लोग सर्तक रहते हैं, फिर भी लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। सफाई के आभाव में जाम हैं नालियां ग्राम पंचायत रसूलाबाद गांव में सफाई व्यावस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। रसूलाबाद ही नही इससे जुड़े तीनों गांव का यही हाल है। गांव में जल निकासी के लिए बनी नालियां टूटी और गंदगी से भटी हैं। जिसे देख कर सफाई व्यावस्था की हकीकत को समझा जा सकता है। नालियों की समय -समय पर सफाई न किए जाने से जमा पानी ही नही बल्कि काई जम गई है। जिसे देखकर सफाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा गांव में सड़के तो बन गई है। लेकिन जल निकासी की व्यावस्था नहीं की गई है। जिसके कारण लोगों के घरों से निकला गंदा पानी सड़कों पर बहता है और लोग उसी के बीच से गुजरने को मजबूर होते हैं। गांव में लगा है कूड़ों का ढेर रसूलाबाद ग्राम पंचायत में जगह -जगह कूड़ो का ढेर लगा हुआ है। जो सरकार की महत्वाकांक्षी योजना स्वच्छ भारत योजना को आईना दिखा रहे हैं। हालात यह है कि गांव में कहीं भी कूड़ा पात्र नहीं दिखाई दे रहे हैं। जिसके कारण लोगों को अपने घरों से निकले हुए कूड़ों आस- पास खाली पड़ी जमीनों पर फेकनें को मजबूर हो रहे हैं। इसके कारण जहां स्थानीय लोग परेशान हो रहे तो दूसरी तरह दुर्गंध युक्त बदबू से गुजरने को राहगीर मजबूर हो रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को उठानी पड़ रही है। विद्यालय के निकट कूड़ों का ढेर होने से इसकी बदबू के बीच छात्रों को पढ़ाई करना मजबूरी बन गई है। अधूरा है पंचायत भवन ग्राम पंचायत रसूलाबाद में मिनी सचिवालय पंचायत भवन नही बन सका है। जिसके निर्माण का कार्य कई वर्षों से चल रहा है। निर्माण कार्य की सुस्ती का आलम यह है कि पहले दीवार बनी जो वर्षों तक पड़ी रही और अभी कुछ दिन पूर्व छत का कार्य पूरा हुआ है। इसे लगे हुए कितने दिन बीत गए हैं इसका अंदाजा बिल्डिंग पर उगे खर पतवार बयां कर रहे हैं। मिनी सचिवालय की बिल्डिंग पूरी न होने से इसका खामियाजा यहां के बाशिन्दों को भुगतना पड़ता है और मामूली कागजात को पाने के लिए गांव से ब्लाक तक का चक्कर ग्रामवासी लगाने को मजबूर होते हैं। अधूरा है शमसान घाट रसूलाबाद ग्राम पंचायत में बन रहा शमसान घाट चर्चा में बना हुआ है। इसके बनते -बनते दो कार्यकाल बीत गए और तीसरे का अंतिम समय चल रहा है। इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी इसका कार्य पूरा नहीं हो सका। शमसान घाट का कार्य पूरा न होने गांव में मौत होने पर लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। गांव के लोग मगहर में आकर शव का अंतिम संस्कार करने को मजबूर हो रहे हैं। बोले जिम्मेदार : गांव के विकास को लेकर प्रतिबद्ध हैं। गांव की सड़क को खोदकर जल निगम ने पाइप लाइन बिछाई थी। तब से सड़क की स्थिति दयनीय बनी हुई है। विभाग से मिलकर जो भी विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। उसे जल्द ही पूरा कराएंगे और गांव की समस्या का समाधान कराएंगे। विकास ही पहली प्राथमिकता है। अनिल यादव ग्राम प्रधान प्रतिनिधि