बाबा बैजूनाथ धाम आने वाले अब तक के पहले सीएम हैं : योगी आदित्यनाथ
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गोरखपुर और संतकबीरनगर जनपद के बॉर्डर

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गोरखपुर और संतकबीरनगर जनपद के बॉर्डर पर कुआनो नदी के किनारे स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर बाबा बैजूनाथ धाम आज तक उपेक्षा का शिकार रहा। आजादी के बाद से आज तक कोई भी मुख्यमंत्री न यहां आए और न ही यहां के विकास को लेकर कोई पहल की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले मुख्यमंत्री हैं जो यहां आ रहे हैं और मंदिर में पूजन-अर्चन करेंगे। इसके साथ ही कई सौगात भी देंगे। हालांकि बतौर सांसद उनका नाता यहां से पहले से ही रहा है। वे कई बार चुनावी प्रचार में आ चुके हैं। लेकिन बतौर मुख्यमंत्री पहली बार आएंगे।
उनके आने से बैजूनाथ धाम कॉरिडोर बनने की उम्मीद भी जग गई है।धनघटा तहसील क्षेत्र के पूर्वी छोर पर कुआनो नदी के किनारे गोरखपुर जिले की सीमा पर स्थित बाबा बैजूनाथ धाम शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मुगल काल से पहले से स्थापित इस प्राचीन मंदिर में महाशिवरात्रि, सावन माह और प्रत्येक सोमवार को श्रद्धालु पहुंचकर जलाभिषेक कर मनौतियां मांगते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस मंदिर का इतिहास करीब 800 वर्ष पुराना है। मुगलों के शासनकाल के पहले से मंदिर का स्थापित हुआ था। गांव के अनिल राय के पूर्वज ने मंदिर के नाम से 25 बीघा जमीन दान दी थी। मंदिर के पुजारी को जीवन यापन के लिए तीन बीघे जमीन अलग से दान की गई है। यहां पर गोरखपुर, संतकबीरनगर, आजमगढ़, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती आदि जिलों के श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में मेला भी लगता है।
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