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संतकबीरनगर

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तैनात होंगे स्वस्थ्य कर्मी

हिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:40 AM
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तैनात होंगे स्वस्थ्य कर्मी

संतकबीरनगर। निज संवाददाता

जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पीड़ितों की मदद की मदद के लिए स्वस्थ्य कर्मी तैनात किए जाएंगे। टीम में डॉक्टर सहित चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तैनाती होगी। ये कर्मचारी प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों पर नजर रखेंगे। इनको पहले ही दवाएं दी जाएंगी जो बीमारियां फैलने पर मरीजों को इलाज के लिए देंगे।

जिले में घाघरा, राप्‍ती और कुआनो नदियों में हर साल आने वाली बाढ़ को देखते हुए स्‍वास्‍थ्‍य महकमा पूरी तरह से सतर्क हो गया है। बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विभाग कमर कस कर तैयार हो गया है। साथ ही बाढ़ चौकियों के लिए भी टीम अलर्ट पर रखी गई है। यही नहीं कण्ट्रोल रूम की स्थापना भी कर दी गई है। इसमें 15 जून से लेकर 23 अगस्त तक 21 स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। हर तहसील क्षेत्र में प्रशासन के द्वारा बनाई जाने वाली बाढ़ चौकियों के सापेक्ष टीम बना दी गई हैं। हर टीम में चिकित्‍सा अधिकारी व एएनएम के साथ ही अन्‍य स्‍टॉफ को रखा गया है।

स्वास्थ्य कर्मियों को दिया गया है प्रशिक्षण :

एसीएमओ डॉ. मोहन झा ने बताया कि बाढ़ के संबंध में स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों की आशा कार्यकर्ता को ज्‍वर और दस्‍त प्रबन्‍धन का प्रशिक्षण दिया गया है। मरीज को तात्‍कालिक राहत देने के लिए पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था भी उनके पास है। अगर कहीं भी कोई बाढ़ जैसी स्थिति बनेगी तो इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया है कि वह तत्काल अपने अधीक्षक को इसकी जानकारी देंगी। साथ ही खुद भी क्षेत्र में सक्रिय हो जाएंगी। इन क्षेत्रों में जहां पर जल जमाव होता है वहां ब्‍लीचिंग के छिड़काव के साथ ही एण्‍टी लार्वा दवाओं का छिड़काव भी किया गया है। क्षेत्र में ओआरएस का वितरण भी किया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी टीम के साथ निरन्‍तर इस क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं। उनकी टीम लोगों को जागरूक भी कर रही है कि बाढ़ जैसी स्थितियों से कैसे निपटा जाएगा।

आशा के पास रहेंगी ज्‍वर व दस्‍त की दवाएं

बाढ़ क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को ज्‍वर और दस्‍त की प्राथमिक दवाएं दी गई हैं। इन क्षेत्रों की हर आशा कार्यकर्ता के पास क्‍लोरीन टैबलेट, जिंक टैबलेट, ओआरएस, पैरासिटामाल की टैबलेट जैसी प्राथमिक दवाएं रखी गई हैं। विशेष रूप से प्रशिक्षित आशा कार्यकर्ता लक्षणों को देखकर त्‍वरित लाभ के लिए इन दवाओं को देंगी और इसके बाद अस्‍पताल जाने की सलाह देंगी।

किसी भी स्थिति में मरीज को न रोकें

जिला मलेरिया अधिकारी अंगद सिंह ने निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आशा कार्यकर्ता पूरी तरह से सतर्क रहने को कहा गया है। किसी भी स्थिति में अगर कोई मरीज दस्‍त या बुखार से पीडि़त हो तो उसे प्राथमिक दवा दिलाने के बाद तत्काल एंबुलेंस बुलवाकर सरकारी चिकित्‍सालयों में ही भेजें। किसी भी दशा में कहीं अन्‍यत्र चिकित्‍सालयों में मरीजों को भेजने का प्रयास कतई न करें। अगर मरीजों की संख्‍या बढ़ रही हो तो अपने क्षेत्र के अधीक्षक को तुरन्‍त फोन करके सूचना दें, ताकि वहां पर टीम भेजी जा सके।

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