जर्जर सड़कें, नालियां व गंदगी विकास के दावों को की बयां कर रही
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के हरपुर गांव में विकास केवल कागजों तक सीमित रह गया है। टूटी सड़कों, गंदगी और खराब हैंडपंपों के कारण ग्रामीणों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। जल निकासी की समस्या और साफ-सफाई की लचर...
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के मेंहदावल ब्लाक के हरपुर गांव की हालत देखी जाए तो साफ हो जाता है कि यहां विकास सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है। यहां की टूटी-फूटी सड़कें, उखड़ी इंटरलाकिंग ईंटें, गंदगी से पटी गलियां, बजबजाती नालियों और खराब हैंडपंपों को देख कर लगता है कि विकास का पहिया यहां थम गया है। गांव में मिनी सचिवालय का निर्माण हुआ है। इसके बाद ग्रामीणों को यहां सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। गांव में बने प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केन्द्र व अन्य महत्वपूर्ण स्थान तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को जर्जर सड़क का सहारा लेना पड़ता है।

हरपुर गांव में घुसते ही बदहाली की तस्वीर साफ नजर आने लगती है। गांव में जैसे ही मुख्य सड़क से प्रवेश करते हैं तो टूटी सड़कों और कीचड़ से भरे गड्ढों की कतार स्वागत करती है। इंटरलाकिंग सड़क की ईंटें उखड़ चुकी हैं, सड़कों पर गंदा पानी बहता रहता है। दोनों ओर झाड़-झंखाड़ उगे हुए हैं, जिनसे बरसात में जहरीले कीड़े-मकोड़े का खतरा बढ़ा गया है। गांव के बाहर निकलने वाले रास्ते का भी कमोवेश यही हाल है। हरपुर से बरईपुर को जाने वाली सड़क कीचड़ से सनी हुई है। बरसात होते ही इस पर आवागमन करना नाको चने चबाना जैसा है। गांव के खाली पड़े जगहों पर घरों से निकलने वाला कूड़ा-करकट फेंकने से गंदगी का बोलबाला बना हुआ है। कूड़े व गंदगी से उठती दुर्गंध का हर समय सभी को सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है साफ-सफाई व्यवस्था ध्वस्त होने के बाद भी जिम्मेदार विकास व अन्य सुविधाओं को लेकर गंभीर नहीं है। सफाईकर्मी गांव में कभी-कभार ही नजर आते हैं। हरपुर गांव के नालियों की हालत दयनीय है। जगह-जगह बनाई गई नालियां टूटकर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। गंदगी से पटी हुई हैं। नालियों के चोक होने से घरों का पानी सड़क पर इधर-उधर पसरा रहा है। बरसात होते ही लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। हर घर नल योजना की अभी गांव में शुरुआत ही नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से लोगों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। जर्जर सड़क पर आवागमन करना ग्रामीणों की मजबूरी हो गई है। गंदगी के चलते मच्छरों के बड़े प्रकोप से लोग परेशान हैं। हालात यह है कि सड़क, पानी, स्वास्थ्य आदि जैसी बुनियादी सुविधाएं ध्वस्त हो गई हैं। मिनी सचिवालय, आगंनबाड़ी केन्द्र का निर्माण होने के बाद भी लोगों को सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। धीरे-धीरे यह बदहाल हालात में पहुंचने लगे हैं। एक ही जगह पर बने सभी केन्द्र ग्रामीणों के लिए शो-पीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में सरकार द्वारा बुनियादी सुविधाओं को बहाली को लेकर प्रयास किया जा रहा है। लेकिन जिम्मेदारों की उपेक्षा के चलते यहां की हालत सुधरने के बजाय दिन ब दिन खराब होती चली जा रही है। जल-निकासी की समस्या से निजात दिलाने की नहीं की गई पहल हरपुर गांव की जल निकासी की समस्या प्रमुख समस्याओं में से एक है। नालियों में पटी गंदगी, चोक होने तथा कुछ जगहों पर नालियों के न होने से आए दिन गंदा पानी सड़क पर पसरता रहता है। बारिश होते ही जल निकासी की समस्या बद से बदतर हो जाती है। हालत यह हो जाते हैं कि लोगों के घरों में गंदा पानी घुसने लगता है। गांव के लोगों ने कहा कि जल निकासी की समस्या से आए दिन गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है। गांव के जिम्मेदार को इस समस्या से निजात दिलाने को लेकर अभी तक कोई ठोस उपाए नही किया गया। साफ-सफाई की लचर व्यवस्था से ग्रामीण परेशान गांव के कई हिस्सों में रहने वाले लोगों ने कहा कि यहां सफाई व्यवस्था बदहाल है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी कभी-कभार ही नजर आते हैं। हवा चलते ही कूड़ा उड़कर घरों में पंहुच जाता है या तो नालियों में जाकर पट जाता है। कई जगह पर कूड़े का ढे़र काफी दिनों तक लगा रहता है। जहां भी खाली जगह है वहां कूड़े का अम्बार लगा हुआ है। इन जगहों पर लोग घरों का कूड़ा गिराते रहते हैं। इससे उठने वाली बदबू से अगल-बगल रहने वाले लोग भी परेशान हैं। यही नहीं गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप अलग से बढ़ गया है। शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं लोग हरपुर गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए ज्यादातर इंडिया मार्का हैंडपम्प खराब हो गए है। जिसकी वजह से जल-जनित बीमारी होने की आशंका से सभी परेशान है। नए हैंडपंप काफी दिनों से नहीं लगाए गए हैं। पाइप लाइन बिछाकर टोटी का स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की योजना शुरू की गई। लेकिन अभी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। सरकार द्वारा संचालित हर-घर नल योजना यहां दम तोड़ती नजर आ रही है। पेयजल की समस्या से छुटकारा नहीं मिलने से ग्रामीण डिब्बे का पानी खरीदने को मजबूर हैं। काफी संख्या में लोग देशी हैंडपंप के पानी का प्रयोग कर रहे हैं। प्रमुख स्थानों को जाने वाले रास्ते बदहाल गांव में प्राथमिक विद्यालय के साथ ही नौलखा मंदिर को जोड़ने वाली सड़क, आंगनबाड़ी जाने वाली व अन्य स्थानों को जाने वाली सड़क की बदहाली ग्रामीणों के लिए समस्या पैदा कर रही है। गांव के गलियों के एक रास्ते में गंदे पानी का जलभराव होने खस्ता हालत में पंहुच गया है। गांव में कुछ जगहों पर नालियों का निर्माण सड़क से ऊंचा होने से पानी सड़कों पर पसरता रहता है। कुछ जगहों पर अतिक्रमण कर या तो नालियां पाट ली गई हैं या बिना नाली के ही सड़क का निर्माण करा दिया गया है। गांव में मार्ग प्रकाश की व्यवस्था नहीं गांव की सड़कें रात में बिजली रहने के बाद भी घुप अंधेरे में डूबी रहती हैं। सरकार की तरफ से गांव-गांव में रात के समय प्रकाश की व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की गई है। जहां बिजली नहीं है वहां सोलर लाइट की व्यवस्था की गई है। पर हरपुर गांव में मार्ग प्रकाश का नामोनिशान नहीं है। इससे रात में रास्ते अंधेरे में डूबे रहते हैं। इनसे गुजरने में डर बना रहता है। यहां जर्जर हो चुके बिजली के तार व पोल हमेशा हादसे को दावत दे रहे हैं। एडीओ पंचायत मेंहदावल अभिनव रवि वत्स ने कहा कि हरपुर गांव की बुनियादी सुविधाओं में जो भी कमी होगी उसे दूर कराया जाएगा। गांव के होने वाले विकास कार्यों को लेकर जल्द ही विभिन्न कार्य कराए जाएंगे। सरकार की योजनाओं का क्रियान्यवन कराना प्राथमिकता है। ग्रामीणों को असुविधा नहीं होने दी जाएगी। विधायक अनिल त्रिपाठी ने कहा कि हरपुर गांव के विकास को लेकर कई योजनाएं संचालित हैं। ग्रामीणों को कहीं पर अगर समस्या हो रही है तो उसे तत्काल दूर कराया जाएगा। मोदी व योगी सरकार गांवों के विकास को लेकर पूरी तरह से समर्पित है। यहां की सारी समस्याएं जल्द दूर कराई जाएगी। यह गांव भी शहर की सुविधाओं की तरह चकाचक होगा।

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