छोटे तथा मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर बढ़ा जीएसटी का डिजिटल दबाव
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले के छोटे और मध्यम व्यापारियों को जीएसटी व्यवस्था के डिजिटल होने के कारण नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। तकनीकी जानकारी की कमी के कारण व्यापारी समय पर नोटिस नहीं पढ़ पा रहे हैं, जिससे वे अनजाने में बकाया और पेनल्टी के बोझ तले दबते जा रहे हैं।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के छोटे और मध्यम व्यापारियों के सामने जीएसटी व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होने के बाद नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। विभाग द्वारा लगभग सभी नोटिस, कर संबंधी सूचनाएं और कार्रवाई की जानकारी मोबाइल संदेशों एवं ईमेल के माध्यम से भेजी जा रही है, लेकिन तकनीकी रूप से सक्षम न होने के कारण बड़ी संख्या में व्यापारी इन सूचनाओं को समय पर न तो पढ़ पाते हैं और न ही समझ पाते हैं। परिणामस्वरूप, व्यापारी अनजाने में ही विभागीय बकाया, ब्याज और पेनल्टी के बोझ तले दबते जा रहे हैं। डिजिटल नोटिस न समझ पाने से बढ़ा विभागीय कर्ज़ कई छोटे व्यापारियों का कहना है कि उन्हें न तो ई-मेल उपयोग करने में पर्याप्त दक्षता है और न ही जीएसटी पोर्टल के बार-बार बदलते प्रावधानों को समझने का समय।
ऐसे में रिटर्न संबंधी त्रुटियां, समय पर नोटिस का जवाब न देना, बकाया की अनदेखी और विभागीय आदेशों की जानकारी न मिल पाना उनके लिए बड़ा नुकसान साबित हो रहा है।इन्हीं कारणों से बड़ी संख्या में व्यापारी बिना किसी दुर्भावना के ‘डिफॉल्टर’ की श्रेणी में आ रहे हैं और भारी भरकम कर वसूली का सामना कर रहे हैं। विभागीय कार्यवाही से कारोबार पर पड़ रहा सीधा असर कई स्थानों पर विभागीय अधिकारियों द्वारा कुड़की, बैंक खाते सीज़ करने, बकाया वसूली और संपत्ति नीलामी जैसी कार्रवाइयों की गति तेज़ हुई है। इससे छोटे व्यापारियों का व्यापार चौपट होने की स्थिति में पहुँच रहा है। व्यापारियों का कहना है कि जानकारी के अभाव में वे विभागीय आदेशों का पालन नहीं कर पा रहे हैं, जबकि अपंजीकृत व्यापारियों पर समान स्तर की कड़ाई देखने को नहीं मिलती। छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के सामने गंभीर संकट विशेषज्ञों के अनुसार छोटे व्यवसायों की सबसे बड़ी समस्या तकनीकी जानकारियों की कमी है। देश के बड़े हिस्से में छोटे व्यापारी स्मार्टफोन का सीमित उपयोग, ईमेल न चलाना, ऑनलाइन पोर्टल न समझ पाना जैसी चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में जीएसटी जैसी पूर्णतः डिजिटल कर प्रणाली उनके लिए कठिन साबित हो रही है। सरकार और जीएसटी विभाग ज़मीनी स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएं : श्रवण अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री (संगठन) श्रवण अग्रहरि ने कहा है कि सरकार और जीएसटी विभाग ज़मीनी स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाएं। नोटिस भेजने की वैकल्पिक प्रणाली विकसित करें और छोटे व्यापारियों के लिए सुलभ समाधान उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि यदि संचार और जागरूकता प्रणाली को सरल नहीं बनाया गया, तो छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होगी।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


