वर्चुअल वॉलेट में दिखता रहा मुनाफा, अंदर ही अंदर डूबती रही पूंजी
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने के नाम पर

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने के नाम पर धोखाधड़ी करने मामले में वर्चुअल वॉलेट में मुनाफा दिखता रहा, लेकिन यह फर्जी रहा जबकि निवेश कर्ताओं की पूंजी उड़ा दी गई।
मुख्य आरोपी का परिचय
मामले में पकड़े गए दोनों साफ्टवेयर इंजीनियर की मुलाकात मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नौकरी के दौरान हुई थी। दोनों ने मिलकर आपस में प्रेम विवाह किया। ऐशो आराम की दुनिया में मुकाम हासिल करने के लिए गोरखपुर जिले के सहजनवा में आ गए। वहीं वर्ष 2021 में स्कूलों और फर्मो में साफ्टवेयर बनाने के सिलसिले से स्कूलों के प्रबंधन और शिक्षकों से जुड़ते गए। फिर शेयर मार्केट में इंवेस्टमेंट का झांसा देकर सिंडीकेड खड़ा कर लिए। हकीकत में शेयर मार्केट में लोगों की रकम न लगाकर खुद के तैयार वर्चुअल वॉलेट में पैसा लगाने लगे और अंदर ही अंदर फर्जी निवेश का साम्राज्य खड़ा कर लिए।
पुलिस की कार्रवाई
विवेचक एसआई ललितकांत यादव ने बताया कि मुख्य आरोपी धनन्जय शुक्ला कुशीनगर के हाटा क्षेत्र के मुंडेरा उपाध्याय का रहने वाला है। जबकि उसकी पार्टनर और पत्नी रजनी प्रजापति छत्तीसगढ़ के विलासपुर की रहने वाली है। दोनों पेशे से साफ्टवेयर इंजीनियर हैं और उनका संपर्क ग्वालियर मध्य प्रदेश से नौकरी के दौरान शुरू हुआ था। वर्ष 2021 में दोनों सहजनवा आए और स्कूलों व फर्मों में घूम-घूम कर साफ्टवेयर बनाने का काम शुरू किए। फिर ट्रेडिंग टीवीएस सलूशन कंपनी और बेवसाइट बनाए, जो पार्टनरशिप में जीएसटी रिटर्न का पंजीकरण कराएं। उस ट्रेडिंग में एआईआईपीएल ऐप से जोड़ दिए। फिर धीरे-धीरे ट्रेडिंग करने के लिए कुछ लोगों को तैयार किया। जिसमें एआईआईपीएनल में 180 दिन तक पैसा रखने पर महीने का 18 प्रतिशत ब्याज मिला तो कुछ लोग तैयार हो गए। एआईआईपीएल के माध्यम से वर्चुअल वॉलेट बनाए। जिसमें लोगों का पैसा वॉलेट में शो करने लगा। ऐप के हिसाब से प्रतिदिन का वर्चुअल ब्याज जुड़ता गया। समय बीतता गया और फर्जीवाड़े के दौरान गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, अयोध्या में कार्यालय खोल लिए। निवेश के नाम पर लोगों का पैसा इकट्ठा होता गया।
धोखाधड़ी का खुलासा
उसी में से कुछ लोगों को 18 प्रतिशत महीने के ब्याज की दर से लाभ देते गए। वर्ष 2022-23 में काफी लोग जुड़ गए। इन लोगों से करीब 300 से 400 के बीच में लोग जुड़ चुके थे। इसी बीच कुछ लोगों को पता चला कि जमा रकम एआईआईपीएल के वर्चुअल वॉलेट में शो करता है। रकम को शेयर मार्केट में नहीं लगाया गया है। जबकि वर्चुअल वॉलेट के हिसाब से सबका पैसा शो कर रहा है। वे लोग पैसे को रोटेट करते हैं। करीब 8 से 10 करोड़ रुपये पकड़े गए दोनों आरोपियों ने हासिल कर लिया। जबकि कुछ अन्य ने पकड़े गए आरोपियो से मिलकर निजी लाभ लिया। खाते से पैसा खाली होने की वजह से मुख्य आरोपी धनन्जय शुक्ला और रजनी प्रजापति कार्यालय को बंद करके फरार हो गए। इसी फर्जीवाड़े की कमाई से करीब एक करोड़ कीमत की लखनऊ में मकान खरीदे थे। जबकि चार कार्यालय खोलने और इलेक्ट्रानिक उपकरण में करीब 20 से 30 लाख रुपये खर्च कर दिए। फर्जीवाड़े की यहीं कहानी पकड़े गए मुख्य आरोपी धनन्जय शुक्ला और रजनी प्रजापति ने बताई। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर इलेक्ट्रानिक साक्ष्य जुटाया जाएगा। अन्य आरोपियों के पकड़ में आने पर मुख्य आरोपियों की करतूतों और बताई बातों की सच्चाई का पता चलेगा।
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