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प्राइवेट दुकानदार किसानों से वसूल रहे खाद की ज्यादा रकम

प्राइवेट दुकानदार किसानों से वसूल रहे खाद की ज्यादा रकम

संक्षेप: Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले के कांटे क्षेत्र में किसानों को बारिश न होने से धान की फसल का नुकसान हुआ है। अब सरसों और गेहूं की बुवाई का समय है, लेकिन डीएपी और यूरिया खाद की कमी से किसान परेशान हैं। प्राइवेट दुकानदार मनमानी कीमतें वसूल रहे हैं, जिससे किसानों को और कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

Thu, 13 Nov 2025 10:25 AMNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के कांटे क्षेत्र में किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बारिश न होने से किसानों की धान की फसल पहले ही काफी नुकसान कर दिया था। अब सरसों और गेहूं की फसल बुवाई का समय चल रहा है। डीएपी और यूरिया खाद की मांग बढ़ गई है। सरकारी केंद्रों पर खाद न होने के कारण किसानों को मजबूरी में प्राइवेट दुकानदारों से खरीद करनी पड़ रही है जिसके चलते किसान काफी परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि दुकानदार मनमानी रकम वसूल रहे हैं। कांटे क्षेत्र में प्राइवेट दुकानदारों की मनमानी पर किसानों ने बताया कि सरकार द्वारा डीएपी का मूल्य 1350 रुपये और यूरिया का 270 रुपये निर्धारित किया गया है।

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खाद-बीज की दुकान चलाने वाले दुकानदार बेचने में मनमानी कर रहे हैं। खाद महंगी मिलने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। किसान राम उजागिर, विद्यानंद ने बताया कि सरसों और गेहूं की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में किसानों को डीएपी खाद की आवश्यकता है लेकिन यहां पर खाद न मिलने के कारण किसानों को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कांटे क्षेत्र में दर्जन भर लाइसेंस से खाद बीज बेचने वाले दुकानदारों ने अपने-अपने गोदाम में डीएपी खाद का स्टॉक किया हुआ है। यह थोड़े कट्टे दुकान पर दिखावे के लिए रखते हैं। किसान को जान पहचान करके खाद दे रहे हैं जो डीएपी के लिए 1600 से 1700 सौ रुपया वसूल रहे हैं। यूरिया 350 रुपया में किसानों को दे रहे हैं। कुछ दिनों से यूरिया के लिए मरामारी हो गई है। दुकान पर पहुंचने पर दुकानदार यूरिया खाद देने से मना कर रहे हैं कि खाद नहीं है जबकि गोदाम में पूरा यूरिया का स्टॉक है फिर भी किसानों को वापस कर दे रहे हैं। जबकि एक दिन पहले कांटे क्षेत्र में कुछ दुकानों पर जांच के दौरान जिला कृषि अधिकारी डॉ. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि जिले में डीएपी और यूरिया खाद भरपूर मात्रा में है जिससे किसानों को आसानी से मिल जाएगी। इसके बाद भी दुकानदार वापस कर दे रहे हैं।