फसल अवशेष जलाने पर लगेगा 15 हजार का जुर्माना
Santkabir-nagar News - हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। फसलों का अवशेष जलाने पर किसान पर 15 हजार

हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। फसलों का अवशेष जलाने पर किसान पर 15 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। दिल्ली से सेटलाइट के माध्यम से निगहबानी की जा रही है। यह जानकारी उप कृषि निदेशक डॉ राकेश कुमार सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि फसलों के अवशेष जलाने से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण की रोकथाम के लिए पराली प्रबन्धन के संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।उप निदेशक ने कहा कि फसल अवशेष जलाए जाने से मिट्टी, जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम हो जाती है तथा पर्यावरण भी दूषित होता है।
फसल अवशेष जलाने से खेत के मिट्टी में रहने वाले लाभदायक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते है जो मृदा की उर्वरता शक्ति बढ़ाने में सहयोगी होते हैं। उन्होंने बताया कि मृदा की उर्वरता बनाए रखने एवं पर्यावरण में प्रदूषण को कम करने के लिए फसल अवशेष प्रबन्धन अति आवश्यक है। इसके लिए पराली गौशाला में भेजने, पराली को भूमि में सड़ाकर उर्वरा शक्ति बढ़ाने सहायक होता है। इसके लिए कृषि विभाग से 50 से 80 प्रतिशत तक अनुदान पर कृषि यंत्र सुपर सीडर, स्ट्रा रीपर, मल्चर, पैड़ी स्ट्रा चापर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेशर, रिवर्सिबुल एमबी प्लाऊ आदि यंत्रों को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कम्बाइन हार्वेस्टर के साथ अनिवार्य रूप से फसल अवशेष प्रबन्धन कृषि यन्त्र का प्रयोग किया जाय। कम्बाइन हार्वेस्टर के संचालक की जिम्मेदारी होगी कि फसल कटाई के साथ फसल अवशेष प्रबन्धन के यंत्रों का प्रयोग करे, अन्यथा कम्बाइन हार्वेस्टर को जब्त कर स्वामी के विरूद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जायेगी। फसल अवशेष को पशुपालन विभाग एवं ग्राम पंचायत विभाग के सहयोग से गोशाला में दान करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2026 से 19 अप्रैल 2026 तक जनपद में कुल 723 फसल अवशेष जलाने की सूचना प्राप्त हुई है, जिसका स्थलीय निरीक्षण कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया जा रहा है। ऐसे कृषक जिन्होंने गेहूं भूसे को अथवा उसकी डण्ठल को खेतों में जलाया है उनसे नियमानुसार पर्यावरण क्षतिपूर्ति की वसूली की जाने तैयारी की जा रही है । क्षेत्रीय कर्मचारियों द्वारा सर्वेक्षण किया जा रहा है, जिसमें निर्धारित धनराशि वसूल की जानी है। उप कृषि निदेशक ने बताया कि सभी किसानों अपने खेतों में फसल अवशेष कदापि न जलाएं। जलाने पर दोषी कृषकों से वसूली दो एकड़ से कम क्षेत्र के लिए 2500, दो से पांच एकड़ के लिए पांच हजार तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि जोत वाले किसान से 15 हजार रुपए तक जुर्माना वसूल किया जाएगा। पर्यावरण कम्पन्सेशन की वसूली एवं पुनरावृत्ति होने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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