बिल बाउचर और बैच नम्बर खोल देता है नकली दवाओं की पोल
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर में कृषि अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव ने नकली दवाओं पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि जल्द ही कृषि विभाग संदिग्ध दवाओं के नमूनों को सील करेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे केवल प्रमाणित...

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में जिला कृषि अधिकारी प्रभारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव ने बताया कि नकली दवाओं का राज बैच नम्बर और बिल बाउचर ही अधिकतर राज खोल देते हैं। जल्द ही कृषि विभाग अभियान चला कर संदिग्ध दवाओं के नमूनों को सील करेगा। उन्होंने कहा कि फसलों से बेहतर उपज के लिए भी दवाओं की जरूरत होती है। ये दवाएं फसलों पर बेहतर काम करें। इसके लिए कृषि रक्षा विभाग जिले में अभियान चला कर दवाओं का नमूना संकलित कर जांच के लिए लैब में भेजता है। पुरानी कंपनियों के मिलते-जुलते नाम से बनने वाली दवाएं भी संदिग्धता के दायरे में आती हैं।
यही कारण कि विभाग का जोर होता है कि ऐसी फर्मों से दवाएं खरीदें, जहां से वैधानिक बिल जारी किया जाता है। धान के सीजन में बहुत सी कंपनियां बैड़े पैमाने पर दवाओं को बाजार में उतार देती हैं। वह सीधे तौर पर दुकानदार तक पहुंचते हैं और दवाओं की आपूर्ति करते। दवाओं का नमूना भरने के बाद जब विभाग ऐसे सप्लायरों की तलाश करती हैं तो उनका कोई अता-पता नहीं होता है। इस प्रकार की दवाएं मानक पर खरा नहीं उतरती हैं और इससे किसानों के फसलों को भी लाभ नहीं मिल पाता है। इससे एक ओर किसान की फसल बर्बाद होती है और दूसरे सारी कार्रवाई का जिम्मा दवा विक्रेता के ऊपर आती है। जिला कृषि अधिकारी/जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि दुकानदारों को चाहिए कि उसी होलसेलर से दवाओं को मंगाए, जिसे जानते हों और उन से बिल बाउचर जरूर लें। डा. यादव ने बताया कि किसान भी दुकान से दवाओं को खरीदते समय बिल जरूर लें। ताकि नकली दवा होने पर विभाग में शिकायत करें और उन दुकानों पर कार्रवाई की जा सके।
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