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दो साल बाद भी नहीं सुधरी शहर में शामिल गांवों की बिजली

हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर। संतकबीरनगर जिले में शहरी क्षेत्र में शामिल हुए गांवों को...

दो साल बाद भी नहीं सुधरी शहर में शामिल गांवों की बिजली
हिन्दुस्तान टीम,संतकबीरनगरMon, 04 Dec 2023 11:30 AM
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हिन्दुस्तान टीम, संतकबीरनगर।
संतकबीरनगर जिले में शहरी क्षेत्र में शामिल हुए गांवों को आज भी ग्रामीण क्षेत्र के समान ही सुविधा मिल रही है। दो वर्ष बीतने के बावजूद बिजली विभाग के जिम्मेदार शेड्यूल नहीं बदल सके हैं। सबसे ज्यादा लापरवाही नगर पालिका खलीलाबाद में शामिल हुए गांवों में देखने को मिल रही है। तमाम नई आबादी विस्तरित क्षेत्र में बसी हुई है। लेकिन इन्हें बिजली ग्रामीण शेड्यूल के अनुसार ही मिल रही है। कुछ लोगों ने शहर का कनेक्शन लेने के लिए तीन से पांच सौ मीटर तक केबिल का सहारा लिया है। जो दुर्घटना को दावत दे रहे हैं।

दो वर्ष पूर्व नगर पालिका खलीलाबाद क्षेत्र का विस्तारीकरण हुआ। विस्तारीकरण में एक दर्जन से अधिक गांव शहर में शामिल हो गए। सभी को उम्मीद थी कि अब उन्हें शहरी सुविधाएं मिलने लगेंगी। लेकिन करीब दो वर्ष बाद भी गांव जैसी ही सुविधा मिल रही है। न तो विकास कार्य हुए हैं और न ही बिजली का शेड्यूल ही बदला है। शहरी सुविधा के नाम पर कुछ लोगों को आवास मिले तो सफाई कर्मी गांव में पहुंचकर सफाई करने लगे हैं। लेकिन यह भी केवल कोरम पूर्ति तक ही शामिल है। क्योंकि ज्यादातर मोहल्लों में कूड़ा गाड़ी पहुंचती ही नहीं है। बिजली की स्थिति यह है कि एक तो ग्रामीण शेड्यूल के अनुसार मिलती है, दूसरे आने-जाने का समय निर्धारित नहीं है। किसी भी समय लाइट कट जाती है। शहर में शामिल मोहल्ले में रहने वाले अशफाक, अजय कुमार, सदरे आलम, मोहम्मद युसूफ ने बताया कि दो साल हो गया है लेकिन कोई शहरी सुविधा नहीं मिली है। सभी ने विद्युत शेड्यूल बदलने और जर्जर तार, पोल बदलने की मांग की है।

चंद कदम की दूरी पर पसरा रहता है अंधेरा

शहर में शामिल ग्राम पंचायतें अब वार्ड बन गई हैं। लेकिन इन्हें शहरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। स्थिति यह है कि चंद कदम की दूरी पर शहर के शेड्यूल के अनुसार बिजली मिलती है और हमेशा गुलजार रहता है। वहीं थोड़ी दूरी पर अंधेरा छाया रहता है। इस क्षेत्र में बिजली आने और जाने का कोई समय नहीं है।

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