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महिला ने पति पर लगाया तलाक देने का आरोप

महिला ने पति पर लगाया तलाक देने का आरोप

संक्षेप:

Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में धनघटा थाना क्षेत्र के बकौली कला गांव में

Dec 15, 2025 01:07 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में धनघटा थाना क्षेत्र के बकौली कला गांव में एक विवाहिता के पति पर तलाक देकर घर से निकालने का आरोप लगाने का मामला अब महिला उत्पीड़न के साथ-साथ बाल संरक्षण से भी जुड़ गया है। पीड़िता अपनी दो वर्षीय मासूम बेटी के साथ ससुराल के बाहर बैठकर न्याय की गुहार लगा रही है, जबकि घर में ताला बंद कर ससुराल पक्ष फरार बताया जा रहा है। पीड़िता रुखसार पुत्री मोहम्मद यूसुफ, निवासी ग्राम बसंतपुर, थाना पुरंदरपुर, जनपद महाराजगंज की शादी 4 जनवरी 2023 को बकौली कला गांव निवासी काजी जौहर अली पुत्र साहंसा उर्फ कल्लन के साथ मुस्लिम रीति-रिवाज से हुई थी।

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पीड़िता के अनुसार शादी में मायके की ओर से दो लाख रुपये नकद, सोने की अंगूठी व घरेलू सामान दिया गया था। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति व ससुरालियों ने पांच लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग शुरू कर दी। मांग पूरी न होने पर पति, जेठ, ननद व नंदोई द्वारा मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। 28 अप्रैल 2023 को पीड़िता को घायल अवस्था में गांव के बाहर छोड़ दिया गया। पीड़िता के अनुसार 3 नवंबर 2025 को जब वह अपनी मासूम बेटी के साथ ससुराल पहुंची, तो घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया गया। स्थानीय लोगों की मध्यस्थता पर 15 नवंबर 2025 को पति ने स्टांप पेपर पर पत्नी को ससम्मान घर लाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद कोई संपर्क नहीं किया गया। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने धनघटा थाने में प्रार्थना पत्र दिया तो पति ने फोन पर कह दिया कि वह उसे तलाक दे चुका है। वर्तमान में महिला अपनी मासूम बच्ची के साथ ससुराल के बाहर बैठी है, जिससे बच्ची के स्वास्थ्य, सुरक्षा और भविष्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बाल संरक्षण का भी मामला स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामला अब केवल दांपत्य विवाद नहीं, बल्कि बाल संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत भी आता है, क्योंकि एक नन्हीं बच्ची खुले में रहने को मजबूर है। इस संबंध में बाल कल्याण समिति को भी सूचना दिए जाने की तैयारी की जा रही है। महिला आयोग तक पहुंची आवाज पीड़िता ने उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग से भी हस्तक्षेप की मांग की है। महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिना विधिक प्रक्रिया के तलाक का दावा करना और महिला को घर से निकालना कानूनन अपराध है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक जयप्रकाश दुबे ने बताया कि महिला द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों को बुलाया गया था। यदि जांच में अपराध की पुष्टि होती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी। महिला व बच्ची की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।