रसोई से बाजार तक बढ़ेगी महंगाई की मार
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में डीजल, पेट्रोल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोत्तरी
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में डीजल, पेट्रोल की कीमतों में अचानक हुई बढ़ोत्तरी का असर रसोई से लेकर बाजार तक पड़ेगा। कई सामग्री के दर में तो वृद्धि शुरू हो गई है। सब्जियों, दूध आदि की कीमतों में वृद्धि हो गई है। ट्रांसपोर्टरों ने भी किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसका सीधा असर खाद्य समाग्रियों से लेकर अन्य उपयोगी वस्तुओं पर पड़ेगा। इसके अलावा खेती में भी लागत बढ़ जाएगी। इससे किसान भी काफी परेशान हैं। हालांकि अभी तक जिले में कुछ खास वृद्धि देखने को नहीं मिल रही है। लेकिन व्यापारियों का अनुमान है कि इसका असर एक दो दिन में देखने को मिलेगा。
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि
डीजल और पेट्रोल की कीमतों में तीन रूपए की बढ़ोत्तरी हुई है। इसका असर अब बाजार पर दिखेगा। खाने-पीने की सामग्री से लेकर अन्य जरूरत से सामान महंगे हो जाएंगे। सामान ढुलाई का किराया भी बढ़ेगा। पहले से ही ट्रांसपोर्टर किराया वृद्धि को लेकर परेशान थे। लेकिन अब इसमें वृद्धि होनी तय है। सब्जी, दूध, फल आदि के रेट में वृद्धि शुरू हो गई है। सब्जी कारोबारी मोलई प्रसाद ने बताया कि बाहर से आई सब्जियों का किराया अचानक बढ़ गया है। इस कारण प्रति कुन्तल करीब दो सौ रुपए तक की वृद्धि हुई। फलों के रेट में भी वृद्धि हुई है। आगे और वृद्धि होने की उम्मीद है। किराना कारोबारी सुनील कुमार ने की माने तो अभी तक रेट में परिवर्तन नहीं हुआ है। लेकिन आने वाले एक दो दिन के भीतर महंगाई का असर दिखेगा। क्योंकि किराया वृद्धि होने के कारण रेट पर असर पड़ना तय है। उन्होंने कहा कि अभी किसी भी सामान के रेट में वृद्धि नहीं हुई है।
हर माह 2.61 करोड़ रुपए पड़ेगा अतिरिक्त भार
तेल और पेट्रोल की बढ़ी कीमतों का असर लोगों के जेब पर सीधा असर पड़ेगा। प्रति माह लोगों को 2.61 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा। जिले में प्रतिमाह वर्तमान समय में 2700 किलोलीटर पेट्रोल और 6000 किलोलीटर डीजल की खपत है। पेट्रोल पर करीब 81 लाख रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा। वहीं डीजल पर 1 करोड़ 80 लाख रुपए का भार पड़ेगा।
सवारी वाहनों का भी बढ़ेगा किराया
डीजल, पेट्रोल की कीमतों की वृद्धि का असर सवारी गाड़ियों पर भी देखने को मिलेगा। टैक्सी चालक किराया वृद्धि की योजना बना रहे हैं। टैक्सी संचालक मनोज की माने तो डीजल की कीमत में वृद्धि के कारण किराया बढ़ाना पड़ेगा। यदि नहीं बढ़ाया गया तो नुकसान होगा।
नहीं मिल पा रहा डीजल पेट्रोल
डीजल पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि के साथ ही इसकी उपलब्धता का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को जिला मुख्यालय के कई पेट्रोल पंप ड्राई रहे। मनियरा स्थित पेट्रोल पंप पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतार लगी रही। छोटे से लेकर बड़े वाहन लाइन में लगकर अपने बारी का इंतजार करते रहे। ट्रकों की लाइन पेट्रोल पंप से करीब दो सौ मीटर तक हाईवे पर रही। इसी तरह बाइक और कार की भी कतार लगी रही। पंप कर्मी देर शाम तक जूझते रहे।
डीजल के बढ़े दाम से बढ़ी किसानों की चिंता
पौली। सरकार द्वारा डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ाने से क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है आजकल की खेती अधिकतर डीजल पर निर्भर है। डीजल का दाम बढ़ने से खेती से लेकर मंडी तक खेती की लागत बढ़ जाएगी। अब ट्रैक्टर से जुताई-बुवाई, पंपसेट से सिंचाई और फसल परिवहन खर्च बढ़ने से किसानों की कमाई प्रभावित होगी। सीधा असर अब किसानों की आय कम होने पर पड़ेगा। पहले जहां किसान एक एकड़ खेत की जुताई दस हजार से लेकर पंद्रह हजार में हो जाती थी वहीं अब और अधिक लागत लगाना पड़ेगा। जिन किसानों के पास खेती करने के संसाधन हैं उनकी लागत कम पड़ेगी और जिन किसानों के पास खुद का संसाधन नहीं है। उन्हें किराये पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा। इसका असर छोटे और मध्यम किसानों पर ज्यादा पड़ सकता है। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो इसका असर फसलों की कीमतों और आम लोगों की रसोई तक पहुंच सकता है।
पौली के किसान बृजमोहन चौरसिया ने कहा कि खेत की जुताई से लेकर सिंचाई, फसल कटाई व बेचने के लिए क्रय केन्द्र तक पहुंचाने के लिए डीजल का उपयोग होता है। ऐसे में डीजल महंगा होने से किसानों की उत्पादन लागत बढ़ना तय है। इससे आय घटेगी।
किशुनपुर के किसान गंगा प्रसाद ने कहा कि खेती में सबसे ज्यादा उपयोग ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनों का होता है। ये सभी डीजल मोटर से संचालित होते हैं। डीजल के दाम बढ़ने से खेत की जुताई, बुवाई और कटाई का खर्च बढ़ जाएगा, आय कम हो जाएगी।
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