दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं बाकरंगज के ग्रामीण

Nov 16, 2025 04:42 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के बघौली ब्लाक स्थित बाकरगंज ग्राम पंचायत में विकास कार्य ठप है। गांव में सफाई की स्थिति बेहद खराब है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सामुदायिक शौचालय बंद हैं और पंचायत भवन में ताला लगा रहता है। ग्रामीणों को कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं।

दुश्वारियां झेलने को मजबूर हैं बाकरंगज के ग्रामीण

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के बघौली ब्लाक की बाकरगंज ग्राम पंचायत विकास से काफी दूर है। इसके चलते यहां के लोगों को तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। गांव की सफाई न होने से हर कोने में पसरी गन्दगी स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है। इसके अलावा गंदगी से जाम और बदहाल नालियां, टूटी सड़कों से हर कोई परेशान है। गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से शून्य है। यहां पर पसरी गन्दगी बिमारी को दावत दे रही है। बरसात के समय में तो यहां के लोगों का जीवन नारकीय बन जाता है। उजरौटी टोले रास्ते में नाली का पानी लोगों के गेट पर ही इकट्ठा हो जाता है।

आज भी गांव के कई दर्जन ग्रामीण आवास, पेंशन, राशन कार्ड, किसान सम्मान निधि के लिए दर-दर भटकने पर विवश हैं। बघौली ब्लॉक क्षेत्र ग्राम पंचापत बाकरगंज में विकास कार्य दम तोड़ रहा है। गांव के उजरौटी टोले में मेन रास्ते पर कई जगह नाली टूटने से रास्ते में ही गन्दा पानी पसरा रहता है। जिससे ग्रामीणों को संक्रामक बीमारी होने का खतरा मंडरा रहा है। गांव में गन्दगी का अम्बार लगा है। गांव मे कई जगहों पर अभी तक पक्का रास्ता नहीं बन सका है। वही मंदिर के पास सफाई न होने से गंदगी के चलते लोगों में आक्रोश है। गांव में अभी भी कई दर्जन पात्र लोग पीएम आवास, पेंशन, राशन कार्ड, सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड के लिए भटक रहे हैं। अभी तक कई गरीबों का आवास प्लास में फोटो ही नहीं लिया गया है। बुजुर्ग ग्रामीणों की पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सम्मान निधि तक नहीं बनी है। सचिव गांव में नहीं आते हैं जिससे लोगों को अपना कार्य आनलाईन कराने के लिए पचपोखरी जाना पड़ता है। गांव में समुदायिक शौचालय न खुलने से राहगीर और ग्रामीणों का काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पेयजल योजना के लिए काम करा रहा जल निगम का ठेकेदार अधूरा कार्य छोड़ कर फरार है। जल निगम का कार्य पूरी तरह ठप है। सामुदायिक शौचालय का ताला न खुलने से भटकते हैं ग्रामीण खुले में शौच मुक्त का अभियान यहां पर दम तोड़ रहा है। गांव के लोग खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं। क्योंकि यहां के सामुदायिक शौचालय का ताला ही नहीं खुलता है। इससे राहगीरों व ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गांव के ग्रामीणों कहना है कि बिना काम किए ही केयर टेकर पैसा लेती है जिससे सरकार के आदेश के बाद भी यहां का ताला नहीं खुलता है। जिम्मेदारों के मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं। गांव में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पंचायत भवन में बंद रहता है ताला, ग्रामीण परेशान पंचायत भवन बाकरगंज में अक्सर ताला बंद रहता है। मजे की बात यह है कि जिम्मेदार यहां तक पहुंचते ही नहीं है। जिससे यह भवन अक्सर बंद ही रहता है। यहां के पंचायत भवन का ताला न खुलने से ऑनलाईन कराने के पचपोखरी चौराहे पर जाने के लिए ग्रामीण विवश रहते हैं। यहां पंचायत भवन पर कोई कर्मचारी नहीं बैठते हैं जिससे यहां पर कोई कार्य नहीं होता है। कूड़ा घर बना शो पीस, लटका रहता है ताला बाकरंगज की ग्राम पंचायत में तो कूड़ा घर (आरआरसी भवन) तो बना है, लेकिन इसका प्रयोग अभी तक कोई प्रयोग नहीं होता है। जिससे गांव में जगह जगह गन्दगी का अम्बार लगा है। सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर आरआरसी सेंटर का निर्माण कराया है। जिससे घरों में से निकलने वाला कूड़ा इधर-उधर न फेंक कर कूड़ा घर में इकट्ठा किया जाय। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यहां पर योजना दम तोड़ रही है। जिससे तमाम ग्रामीणों को तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। गांव में इंटरलॉकिग टूटकर धंसी, रास्ते में ही नाली का बहता है पानी गांव में बनी इंटरलाकिंग सड़क व नाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। जिससे सड़क पर पानी एकत्र होता है। गांव मे कई जगह नाली न बनाए जाने से ग्रामीणों को काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गांव में कई मार्ग की इंटरलाकिग धंस गई है। रास्ते में घास उगने से कचरा फैला रहता है। ग्रामीण इंटरलाकिग कार्य के गुणवत्ता पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। गांव में कई जगहों पर रास्ते में एकत्र गन्दे पानी से जल जनित बीमारी के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। खुले में नाली से उठ रहे दुर्गंध से ग्रामीण परेशान हैं। सचिव को नहीं पहचानते हैं ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि सचिव कौन है, हम सब नहीं पहचानते हैं। वे गांव में कभी नहीं आते हैं। पंचायत भवन पर कभी नहीं बैठते हैं जिससे ग्रामीणों को आय, राशन कार्ड, सहित अन्य कार्य आनलाईन कराने के लिए बघौली जाना पड़ता है। जिससे हम सब ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवास से अभी वंचित हैं कई पात्र गांव के निवासी राम लखन, संगीता सहित कई ग्रामीणों का आरोप है कि वे लोग अभी भी छप्पर व खपरैल में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। गांव में कई लोगों का आवास में फोटो भी नहीं लिया गया है। जिससे कई ग्रामीण आवास से इस बार वंचित हो जाएंगे। यही नहीं गांव में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। जिससे कई रास्तों पर पानी पसरा रहता है। नाली बनवाने के लिए प्रधान से कहने के बाद भी कोई सुधि लेने वाला नहीं है। अधूरी पड़ी है जल निगम की टंकी, ठेकेदार फरार ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल आपूर्ति योजना के तहत काम चल रहा है। आपूर्ति के लिए बन रही पानी की टंकी अधूरी पड़ी है। जल निगम विभाग का ठेकेदार कई महीने से फरार चल रहा है, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव मे पाईप लाईन दौड़ाने के दौरान इंटरलाकिंग रास्ते कई जगह टूट गए हैं। अभी तक स्वच्छ जल तक नसीब नहीं हुआ है। ग्रामीणो को परेशानियों सामना करना पड़ रहा है। एडीओ पंचायत दीप श्रीवास्तव ने कहा कि उजरौटी टोले के मेन रास्ते नाली का पानी एकत्र होकर सड़क पर बहना गम्भीर विषय है। मैं खुद ग्राम पंचायत का भ्रमण कर समस्याओं को जानूंगा। गांव की समस्याओं जल्द ही समाधान किया जाएगा। विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास के लिए मेरी सरकार समर्पित है। गांव के अन्तिम व्यक्ति तक विकास की योजनाओं तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। बाकरंगज की जो भी समस्या है उसे शीघ्र समाधान कर लिया जाएगा।

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