समस्याओं के चलते दुश्वारियां झेल रहे हैं ऊनखास के ग्रामीण
संक्षेप: Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के ऊनखास गांव में विकास कार्य ठप हैं। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों को आवास, पेंशन और राशन कार्ड के लिए भटकना पड़ता है। पंचायत भवन का ताला अक्सर बंद रहता है, जिससे लोगों को अपने कार्यों के लिए शहर जाना पड़ता है।
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में मुख्यालय से सटे बघौली ब्लाक की ऊनखास ग्राम पंचायत विकास से काफी दूर है। यहां के लोगों को तमाम समस्याओं के चलते दुश्वारियां झेलनी पड़ रही है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से शून्य है। गांव के हर कोने में पसरी गन्दगी स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है। सफाई न होने से जाम और बदहाल नालियों, टूटी सड़कों से हर कोई परेशान है। यहां पर पसरी गन्दगी बीमारी को दावत दे रही है। बरसात के समय में तो यहां के लोगों का जीवन नारकीय बन जाता है। यहां पर विद्यालय के सामने नाली का पानी गेट पर ही इकट्ठा हो जाता है।

आज भी गांव के कई दर्जन ग्रामीण आवास, पेंशन, राशनकार्ड, किसान सम्मान निधि के लिए दर-दर भटकने पर विवश हैं। जिससे अभी तक किसी जिम्मेदार की नजर अभी तक नहीं पड़ सकी है। बघौली ब्लॉक क्षेत्र ग्राम पंचापत ऊनखास में विकास कार्य दम तोड़ रहे हैं। यहां का विकास हकीकत से कोसों दूर हैं। चहुंओर गन्दगी का अम्बार लगा है। गांव के विद्यायालय के सामने कई जगह नाली टूटने से रास्ते में ही गन्दा पानी पसरा रहता है। जिससे ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है। गांव में कई जगहों पर अभी तक पक्का रास्ता नहीं बन सका है। वहीं मंदिर के पास गंदगी फैली है। सफाई व्यवस्था न होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव में अभी भी कई दर्जन पात्र लोग पीएम आवास, पेंशन, राशन कार्ड, सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड के लिए भटक रहे हैं। अभी तक कई गरीबों का आवास प्लास में फोटो ही नहीं लिया गया है। वहीं बुजुर्ग ग्रामीणों का पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, सम्मान निधि तक नहीं बना है। लोग दर दर भटकने के लिए विवश हैं। सचिव गांव में नहीं आते हैं जिससे लोगों को अपने कार्यों को आनलाईन के लिए खलीलाबाद शहर जाना पड़ता है। सामुदायिक शौचालय न खुलने से राहगीर और ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जल निगम के ठेकेदार अधूरा कार्य छोड़ कर फरार है। जल निगम का कार्य पूरी तरह से ठप है। सामुदायिक शौचालय भवन ताला न खुलने से भटकते हैं ग्रामीण खुले में शौच मुक्त का अभियान यहां पर दम तोड़ रहा है। यहां पर लोग खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं। क्योंकि यहां के सामुदायिक शौचालय का ताला ही नहीं खुलता है। जिससे राहगीरों व ग्रामीणों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों कहना है कि बिना काम किए ही केयर टेकर पैसा लेती है, जिससे सरकार के आदेश के बाद भी यहां का ताला नहीं खुलता है। जिम्मेदारों की मनमानी से ग्रामीण परेशान हैं। गांव में स्वच्छता अभियान दम तोड़ रहा है। सफाई व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पंचायत भवन का नहीं खुलता ताला, ग्रामीण परेशान पंचायत भवन ऊनखास में अक्सर ताला बंद रहता है। मजे की बात यह है कि जिम्मेदार यहां तक पहुंचते ही नहीं हैं। यह भवन अक्सर बंद ही रहता है। ग्रामीणों का कार्य यहां से नहीं हो पाता है। ताला न खुलने से ग्रामीणों को अपने कार्यों के फार्म आनलाईन कराने के लिए खलीलाबाद शहर के चौराहे पर जाने के लिए विवश होना पड़ता है। यहा पंचायत भवन पर पर कोई कर्मचारी नहीं बैठते हैं जिससे यहां पर कोई कार्य नहीं होता है। लोगों को अपने काम कराने के लिए ब्लाक व तहसीलों का चक्कर लगाना पड़ता है। कूड़ा घर बना शो पीस, लटका रहता है ताला ऊनखास की ग्राम पंचायत में तो कूड़ घर आरआरसी भवन तो बना है, लेकिन अभी तक इसका कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। जिससे गांव में जगह-जगह गन्दगी का अम्बार लगा है। सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाखों रुपये खर्च कर आरआरसी सेंटर का निर्माण कराया है। जिससे घरों में से निकलने वाले कूड़े को इधर उधर न फेंक कर कूड़ा घर में इकट्ठा किया जाय। जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते यहां पर योजना दम तोड़ रही है। जिससे ग्रामीणों को तमाम दुश्वारियो का सामना करना पड़ता है । गांव में टूट कर धंस गई है सड़क, रास्ते में ही बहता है नाली का पानी गांव में कई जगह इंटरलाकिंग व नाली पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। जिससे सड़क पर पानी एकत्र होता है। रास्ते में एकत्र गन्दे पानी से संक्रामक बीमारी के चपेट में आने की आशंका बनी है। खुले नाली से उठ रहे बदबू से ग्रामीण परेशान है । गांव में कई जगह नाली न बनाए जाने से ग्रामीणों को काफी समस्याओ का सामना करना पड़ रहा है। नाली निर्माण न होने से यहां के लोग काफी परेशान हैं। वहीं गांव में कई मार्ग की इंटरलाकिंग धंस गई है। रास्ते में घास उगने से कचड़ा फैला है। जो सफाई व्यस्था की पोल खोल रही है। ग्रामीण इंटरलाकिग कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खडा कर रहे है। सचिव को नहीं पहचानते हैं ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि सचिव कौन है हम सब नहीं पहचानते हैं। वे गांव मे कभी नहीं आते हैं। पंचायत भवन पर कभी नहीं बैठते हैं। जिससे ग्रामीणों को आय, राशन कार्ड सहित अन्य कार्य आनलाईन कराने के लिए खलीलाबाद व बघौली जाना पड़ता है। जिससे हम सब ग्रामीणो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आवास से अभी वंचित हैं कई पात्र गांव की संगीता, मीना सहित कई ग्रामीणों का आरोप है कि अभी भी हम लोग छप्पर व खपरैल में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। गांव में कई लोगों का आवास में फोटो भी नहीं लिया गया है। जिससे कई ग्रामीण आवास से इस बार वंचित हो जाएंगे। यही नहीं गांव में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है। जिससे कई रास्तों पर पानी पसरा रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि नाली बनवाने के लिए प्रधान से कहने के बाद भी कोई सुधि लेने वाला नहीं है। अधूरी पड़ी है जल निगम टंकी, ठेकेदार फरार ग्रामीणों का कहना है कि जल निगम विभाग का ठेकेदार कई महीनो से फरार चल रहा है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पाइप डालने के लिए गांव मे कई जगह सड़कें टूट गई हैं। अभी तक स्वच्छ जल तक नहीं नसीब हुआ है। ठेकेदार गांव में पाईप लाईन दौड़ाने के गायब हो गया है। जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों सामना करना पड़ता है। एडीओ पंचायत दीप श्रीवास्तव ने कहा कि ऊन खास विद्यालय के सामने नाली का पानी एकत्र होकर सड़क पर बह कर बंदबू उठना गम्भीर विषय है। मैं खुद ग्राम पंचायत में जाकर संज्ञान लूंगा। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा। गांव की अन्य समस्याओं को भी दुरुस्त कराया जाएगा। विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास के लिए प्रदेश सरकार समर्पित है। गांव के अन्तिम व्यक्त तक विकास की योजनाओ तक पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है। जहां ज्यादा दिक्कतें हैं उनका अधिकारियों से बात कर निदान कराया जा रहा है। ऊन खास गांव की जो भी समस्या है उसे शीघ्र समाधान कर लिया जाएगा ।

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