संतकबीरनगर में कम हो गई गो आश्रय स्थलों की तादाद
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर जिले में गो-आश्रय स्थलों की संख्या 44 से घटकर 27 रह गई है। वर्तमान में 1496 संरक्षित पशु हैं, जो पहले 1665 थे। चार स्थाई और 23 अस्थाई गो-आश्रय स्थल संचालित हैं। 155 किसानों को 255 पशुओं का पालन-पोषण करने के लिए सौंपा गया है, जिनकी नियमित देखभाल की जा रही है।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में गो-आश्रय स्थलों की तादाद में तेजी से कमी आई है। पहले जहां 44 गो आश्रय स्थल थे अब उनकी तादाद घट कर 44 रह गई है। वर्तमान में 27 गो-आश्रय स्थल संचालित हैं, इसमें से चार स्थाई और 23 अस्थाई हैं। यही नहीं पशुओं की तादाद में भी कमी आई है। वर्तमान में एक हजार 496 संरक्षित पशु हैं, जिन्हें पशु आश्रय स्थलों में रखा गया है। दो साल पहले जिले में संरक्षित पशुओं की तादाद 1665 थी। उस समय पशु आश्रय स्थलों की संख्या भी 44 थी। दो साल बीतते-बीतते संरक्षित पशुओं की संख्या घट कर एक हजार 1496 रह गई।
पशु आश्रय स्थलों की संख्या घट कर 27 हो गई। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. सुरेश कुमार तिवारी ने बताया कि जिले में जिन पशु आश्रय स्थलों में पशुओं की संख्या 25 से कम थी उन आश्रय स्थलों को समाप्त कर दिया गया और वहां के पशुओं को दूसरे पशु आश्रय स्थलों पर रख दिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में एक हजार 496 पशु हैं, जिनका संरक्षण किया जा रहा है। 155 किसानों को आवंटित हुए 255 पशु पशुओं के देख रेख के लिए जिले में जिले में 155 पशुपालकों को पशुओं को सौंपा गया है। इन किसानों को 255 पशुओं को सौंप गया है। किसानों के घरों पर इन पशुओं का पालन पोषण किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बातया कि जिन पशुओं को किसानों को सौंपा गया है, उनकी नियमित रूप से मानीटरिंग की जा रही है।

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