जिले में अपराध घटे, मुकदमों की संख्या में हुआ इजाफा

Jan 03, 2026 11:37 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संतकबीरनगर
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Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। जिले में अपराध तो घटे हैं, साथ में मुकदमों की संख्या

जिले में अपराध घटे, मुकदमों की संख्या में हुआ इजाफा

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। जिले में अपराध तो घटे हैं, साथ में मुकदमों की संख्या में इजाफा हुआ है। पिछले वर्ष की तुलना में रेप, लूट, नकबजनी, वाहन चोरी, हत्या के प्रयास, बलवा जैसे मामलों में जहां गिरावट आई है। वहीं हत्या, दहेज हत्या और अन्य अपरहण जैसे अपराधों में थोड़ी बढोत्तरी हुई है। अपराधों के घटने और मुकदमों की संख्या बढ़ने के पीछे एसपी की बेहतर मॉनीटरिंग, कम्युनिटिंग पुलिस को बढ़ावा देना और थानों की पुलिस की कार्यशैली में आए बदलाव का परिणाम माना जा रहा है। पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2023 में जहां 13 हत्याएं हुई थी, वहीं वर्ष 2024 में घटकर 11 हो गई थी।

जबकि वर्ष 2025 में 15 हत्याएं हुई है। इसी तरह वर्ष 2023 में 17 लूट और वर्ष 2024 में 07 लूट की घटनाएं हुई थी। जबकि 2025 में लूट की घटनाएं घट कर तीन पर पहुंच गईं। वर्ष 2023 में 62 नकबजनी और वर्ष 2024 में 44 नकबजनी हुई थी। जबकि वर्ष 2025 में संख्या घटकर 33 पर पहुंची। वर्ष 2023 में 68 और 2024 में 75 वाहनों की चोरी हुई थी। जबकि वर्ष 2025 में घटकर संख्या 49 पर पहुंच गई। वर्ष 2023 में अन्य चोरी की 65 घटनाएं और वर्ष 2024 में 43 घटनाएं हुई थी,जो वर्ष 2025 में बढ़कर 45 पर पहुंच गई। वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में दुष्कर्म की जहां 54-54 घटनाएं हुई थी, वहीं वर्ष 2025 में घटकर 50 पर पहुंच गई। वर्ष 2023 और वर्ष 2024 में अपहरण के 130-130 मामले दर्ज हुए थे। जबकि वर्ष 2025 में 135 मामले हो गए। वर्ष 2023 में दहेज हत्या के 13, वर्ष 2024 में 07 मामले दर्ज हुए थे। जबिक वर्ष 2025 में नौ मामले दर्ज हुए है। वर्ष 2024 और 2025 में स्नेचिंग की आठ-आठ घटनाएं हुईं थीं। इसी तरह बलवा के मुकदमों में गिरावट आई है। वर्ष 2023 में जहां 14, वर्ष 2024 में नौ मामले दर्ज हुए थे। जबकि वर्ष 2025 में घटकर सिर्फ दो मामले दर्ज हुए। वर्ष 2023 में 3447 मुकदमें दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2025 में घटकर 2940 हो गए। जबकि वर्ष 2025 में आंकड़ा बढ़कर 3273 पर पहुंच गया है। वैसे अपराध के दृष्टिकोण से जनपद संवेदनशील है। इसमें खास कर धनघटा थाना। जनपद में छोटे-छोटे अपराधों के घटित होने पर भी उच्चाधिकारियों का संज्ञान लेना और प्रभावी कार्रवाई कराने पर पूरा जोर रहता है। खास कर एसपी संदीप कुमार मीना के जनसुनवाई के तौर-तरीके से भी ज्यादातर फरियादी संतुष्ट होते है। इसकी वजह यह है कि जनसुनवाई के दौरान गंभीर प्रकृति के आने वाले प्रकरणों में एसपी सीधे तौर पर संबंधित एसओ से वार्ता करते हैं और फिर संबंधित सीओ, एसओ और विवेचक को बुलाकर प्रकरण पर चर्चा करके असलियत जानकर उसमें कार्रवाई कराते हैं। खास बात यह है कि क्रास मुकदमें में एसपी सर्किल सीओ से प्रकरण की पहले जांच कराते हैं और फिर जांच रिपोर्ट में जैसी स्थिति होती है, वैसी कार्रवाई कराते हैं। एसपी का स्पष्ट फरमान है कि फरियादियों के साथ थानों पर अच्छा व्यवहार करें और प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने में कोई गुरेज न किया जाए। शायद यही वजह है कि जिले में पिछले तीन वर्षों के अपराधों की तुलना में वर्ष 2025 में जहां कमी आई है, वहीं दर्ज मुकदमों की संख्या में बढोत्तरी हुई है। एसपी संदीप कुमार मीना ने कहा कि अपराधों पर अकुंश लगाने और घटित अपराधों में केस दर्ज करने के साथ-साथ घटनाओं के वर्क आउट करने की दिशा में जनपद पुलिस का पूरा फोकस रहता है। थानों पर पहुंचने वाले प्रत्येक पीड़ितों की सुनवाई हो और उनके प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई हो, ऐसा स्पष्ट आदेश सभी थाना प्रभारियों को दिया गया है। फ्रेंडली पुलिसिंग व कम्युनिटिंग पुलिसिंग के जरिए जनता में पुलिस का विश्वास कायम कर सूचनातंत्र को बढ़ाकर अपराधों की रोकथाम की पहल हुई। प्रकाश में आने वाले आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है।

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