सुविधा संग सख्ती के जोर से कच्ची शराब पर बढ़ी पाबंदी
संतकबीरनगर में आबकारी विभाग ने कच्ची शराब पर पाबंदी लगाने के लिए कदम उठाए हैं। धनघटा क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर नकेल कसने के लिए नई लाइसेंसी दुकानें खोली गई हैं। पिछले वर्ष की तुलना में अंग्रेजी शराब की खपत में 21% की वृद्धि हुई है।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में कच्ची शराब के लिए चर्चित धनघटा क्षेत्र में पाबंदी लगाने के लिए आबकारी विभाग ने कमर कस लिया है। इसके लिए गुणवत्ता पूर्ण शराब मुहैया कराने की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ कार्रवाई की सख्ती से अवैध कच्ची शराब पर पाबंदी लगाने की पहल की है। वहीं दूसरी तरफ लोगों को जागरुकता का पाठ पढ़ाने की रणनीति भी तैयार की है।
धनघटा क्षेत्र में शराब की दुकानों की स्थिति
जिले में पिछले वर्ष देशी शराब की 108 दुकानें, कंपोजिट शराब की 59 दुकानें और एक मॉडल शॉप थी। इन दुकानों के माध्यम से शौकीनों को देशी, अंग्रेजी और बीयर उपलब्ध कराया गया। जबकि कच्ची शराब के अड्डों को चिन्हित कर दबिश देकर कार्रवाई की जाती रही है। जिले के धनघटा का क्षेत्र कच्ची शराब का हब जैसा बन गया था। यहां सरयू नदी के माझा क्षेत्र में सरपत के झुरमुटों के बीच कच्ची शराब का उत्पादन और बिक्री होती है। इसके अलावा कुछ गांव और ईंट भट्टे भी अवैध कच्ची शराब के ठिकाने बन गए थे। आबकारी और पुलिस की संयुक्त टीमें दबिश देकर अवैध कच्ची शराब के कारोबारियों पर नकेल कसने की कवायद करती रहती है, फिर यह अवैध धंधा बंद नहीं हो पाता है। इसकी वजह को लेकर आबकारी विभाग मंथन किया। विभाग ने इसके लिए धनघटा क्षेत्र के ऐसे हिस्से को चिन्हित किया, जहां लाइसेंसी शराब की दुकानें नहीं थी और सस्ती व सुलभ कच्ची शराब की ओर शौकीनों की रूझान अधिक थी। ऐसे क्षेत्र का चयन करके गुणवत्तापूर्ण शराब मुहैया कराने के लिए पहल हुई। नतीजा रहा कि मदरहिया चौराहे पर एक-एक कंपोजिट और देशी शराब की लाइसेंसी दुकानें खुल गई। इसके अलावा कठवतिया में भी एक-एक कंपोजिट और देशी शराब की दुकान खोली गई। जबकि रमजंगला मैलिया मोड़ और मूड़ाडीहा में एक-एक देसी शराब की दुकानें खोली गई हैं। इस वर्ष सिर्फ धनघटा क्षेत्र में 06 लाइसेंसी दुकानें बढ़ी हैं। जबकि पूरे जनपद में 175 दुकानें हैं। इसमें 112 देशी, 61 कंपोजिट और एक-एक मॉडल शॉप व भांग की लाइेंसेसी दुकानें है।
शराब की खपत में वृद्धि
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सर्वाधिक 21 फीसदी बढ़ी अंग्रेजी शराब की खपत
जनपद में गत वर्ष की तुलना में मार्च 2026 में देशी शराब की खपत जहां 04 फीसदी बढ़ गई, वहीं बीयर की विक्री में 11.89 फीसदी की बढोत्तरी हुई है। सर्वाधिक अंग्रेजी शराब की खपत में 21 फीसदी की बढोत्तरी हुई है। तहसील स्तर पर नियुक्त आबकारी निरीक्षकों की अगुवाई में गठित टीमें कच्ची शराब पर पाबंदी के लिए दबिश की कार्रवाई कर रही है। इसमें पुलिस का भी सहयोग ली जा रही है।
धनघटा में कच्ची शराब के खिलाफ कार्रवाई
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धनघटा में कच्ची के खिलाफ बढ़ी दबिश
आबकारी विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक अप्रैल-मई 2025 में धनघटा क्षेत्र में 616 छापे मारे गए थे और 46 आरोपी पकड़े गए थे। 981 लीटर कच्ची शराब पकड़ी गई थी और 4300 किलोग्राम लहन नष्ट कराया गया था। जबकि अप्रैल-मई 2026 में 648 छापे मारे गए हैं और 53 लोगों को पकड़ कर अभियोग दर्ज किया गया है। 994 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई,वहीं 3411 किलोग्राम लहन नष्ट कराया गया है।
जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि धनघटा के असेवित क्षेत्र में इस वित्तीय वर्ष में शराब की 06 लाइसेंसी दुकानें बढ़ाई गई हैं। इससे शराब पीने के शौकीनों को निकट में गुणवत्तापूर्ण शराब मुहैया हो रही है। इससे राजस्व की भी वृद्धि होगी। साथ में ही कच्ची शराब पर पाबंदी के लिए सख्त कार्रवाई के साथ ही जागरूकता अभियान चलाने की रणनीति तैयार की गई है。
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