सीजेएम कोर्ट ने उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव को किया तलब
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के हावपुर भड़ारी में कोटेदार गणेश मिश्र ने तत्कालीन उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव के खिलाफ कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया है। 2007 में जालसाजी, चोरी और राशन की काला बाजारी के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल को तय की है।

संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जनपद के हावपुर भड़ारी के कोटेदार के परिवाद पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चेतना त्यागी की कोर्ट ने सुनवाई के पश्चात बखिरा थाने के तत्कालीन उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव को तलब किया है। 30 मार्च को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किया है। मामले अग्रिम सुनवाई की तिथि 30 अप्रैल नियत है। मामला वर्ष 2007 का है। जिसमें पुलिस ने कोटेदार गणेश मिश्र व अन्य के विरुद्ध जालसाजी, चोरी, गबन व विश्वास में विश्वासघात समेत राशन की काला बाजारी का आधारहीन अभियोग पंजीकृत किया था। परिवादी व कोटेदार गणेश मिश्र पुत्र कन्हैया मिश्र ग्राम हावपुर भडारी थाना बखिरा ने सीजेएम न्यायालय में परिवाद प्रस्तुत किया है।
परिवाद में तत्कालीन उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव, तत्कालीन थानाध्यक्ष रमा शंकर यादव, आरक्षी राज मंगल सिंह, दीप नरायन सिंह, फूल चन्द्र मौर्य, राज कुमार सिंह व द्वारिका प्रसाद को पक्षकार बनाया है। उनका आरोप है कि वह उचित दर विक्रेता है। दिनांक पांच फरवरी 2007 को वह घर पर मौजूद थे। उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव तथा अन्य पुलिसकर्मी द्वारा उनको गिरफ्तार कर लिया गया। उनके विरुद्ध जालसाजी, चोरी, विश्वास में विश्वासघात, गबन तथा ईसी एक्ट का अभियोग पंजीकृत करा दिया। जिसमें गणेश मिश्रा को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया था। मामले में 44 दिन बाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। मामले में विवेचना के पश्चात मामला आधारहीन पाए जाने पर साक्ष्य के अभाव में 14 जुलाई 2008 को अंतिम रिपोर्ट लग गई। अंतिम रिपोर्ट के विरुद्ध उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव ने प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सुनवाई के पश्चात कोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट स्वीकार कर लिया और प्रोटेस्ट प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। इस आदेश के विरुद्ध जय प्रकाश यादव ने निगरानी प्रस्तुत किया जो दिनांक 17 दिसम्बर 2009 को निरस्त हो गई। परिवादी ने विपक्षीगण के विरुद्ध विभागीय शिकायत की। विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दण्डित किया। अनुशासनात्मक दण्ड में बढ़ोत्तरी के लिए परिवादी ने हाईकोर्ट में याचिका प्रस्तुत किया। हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में परिवाद प्रस्तुत किया गया। परिवाद दिनांक 4 जुलाई 2016 को निरस्त हो गया। इस आदेश के विरुद्ध परिवादी ने सत्र न्यायालय में निगरानी प्रस्तुत किया। निगरानी कोर्ट ने 29 मार्च 2019 को निगरानी स्वीकार करते हुए उप निरीक्षक जय प्रकाश यादव की कार्य प्रणाली के विरुद्ध तल्ख टिप्पणी किया।
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