ग्राम रामजंगला की चकबंदी पर उठे सवाल, शासन स्तर से जांच के आदेश
Santkabir-nagar News - संतकबीरनगर के रामजंगला गांव में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ रहा है। कुछ काश्तकारों ने इसका विरोध किया है और अधिसूचना निरस्त करने की मांग की है। विधायक गणेश चंद्र चौहान ने ग्रामीणों की आपत्तियों को शासन के समक्ष रखा है। जांच टीम ने 256 ग्रामीणों की राय ली, जिसमें 224 ने चकबंदी का समर्थन किया।
संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले के धनघटा तहसील क्षेत्र के ग्राम रामजंगला में शुरू की गई चकबंदी प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव के काश्तकारों के एक वर्ग द्वारा चकबंदी का विरोध किए जाने और अधिसूचना निरस्त करने की मांग के बाद मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। मामले को लेकर शनिवार को गांव में बैठक हुई। काश्तकारों की राय ली गई। धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान ने ग्रामीणों की आपत्तियों से अवगत कराते हुए प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजा था। विधायक के पत्र को गंभीरता से लेते हुए चकबंदी आयुक्त ने पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश दिए हैं।
इसी क्रम में बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, संत कबीर नगर विनय कुमार सिंह ने चकबंदी अधिकारी धनघटा किसलय किशोर द्विवेदी को निर्देश जारी किया। कहा कि ग्राम रामजंगला में बैठक कर खातेदारों व कृषकों का लिखित मंतव्य लिया जाए तथा चकबंदी आगे बढ़ाने या न बढ़ाने के संबंध में संस्तुति सहित आख्या शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामला सीधे शासन स्तर से जुड़ा है, इसलिए किसी भी प्रकार की देरी अक्षम्य होगी। शासन के निर्देश पर ग्राम रामजंगला स्थित ब्रह्म बाबा स्थान पर चकबंदी अधिकारी किसलय किशोर द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच टीम ने ग्रामीणों की राय जानी। जांच में सहायक चकबंदी अधिकारी ओमप्रकाश गुप्ता, कानूनगो विजय वर्मा तथा लेखपाल विनय कुमार भट्ट शामिल रहे। जांच के दौरान कुल 256 लोगों की राय दर्ज की गई, जिसमें 32 लोगों ने चकबंदी के प्रति असहमति, जबकि 224 लोगों ने सहमति जताई। इस दौरान ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कृष्ण चंद्र यादव, पूर्व ग्राम प्रधान अमरेश चंद चौहान, लक्ष्मी नारायण दुबे, छट्ठू चौहान, जिला पंचायत सदस्य बंधु प्रसाद चौहान, क्षेत्र पंचायत सदस्य हृदय नारायण समेत सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। फिलहाल पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट और शासन के अंतिम निर्णय का इंतजार किया जा रहा है। विधायक के पत्र को लेकर सफाई इस संबंध में लक्ष्मी नारायण दुबे ने बताया कि मामले को लेकर उनकी धनघटा विधायक गणेश चंद्र चौहान से टेलीफोनिक वार्ता हुई थी। बातचीत के दौरान विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने अपनी ओर से चकबंदी प्रक्रिया को रोकने के लिए न तो कोई पत्र भेजा है और न ही शासन में कोई शिकायत की है। विधायक ने यह भी साफ किया कि उनके लेटरहेड पर इस आशय का कोई पत्र जारी नहीं किया गया है।

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