सरकार को बदनाम कर रहे साइकिल-हाथी की मानसिकता वाले अफसर, 'पंडित' विवाद पर बोले संजय निषाद
पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े विवादित प्रश्न पर संजय निषाद ने कहा है कि साइकिल-हाथी की मानसिकता वाले अफसर सरकार को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द से जुड़े एक विवादित प्रश्न पर निषाद पार्टी के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद ने भी सवाल उठाए हैं। कहा कि प्रदेश सरकार में कुछ ऐसे अधिकारी हैं, जो पहले समाजवादी पार्टी, बसपा और कांग्रेस के समर्थक रहे हैं। वे सरकार को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
दारोगा भर्ती परीक्षा में पंडित शब्द से जुड़े सवाल विवाद बढ़ता ही जा रहा है। रविवार को प्रेसवार्ता में इस प्रश्न पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए निषाद पार्टी अध्यक्ष व मंत्री डॉ. संजय निषाद ने कहा कि यह सरकार को बदनाम करने की साजिश है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इस समय प्रदेश सरकार में कुछ ऐसे अधिकारी हैं, जो आज भी पंजा, साइकिल और हाथी की मानसिकता से जुड़े हैं। वे अब भारतीय जनता पार्टी का चोला ओढ़कर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी कई बार ऐसी बातें लिख देते हैं या फैसले ले लेते हैं, जिससे समाज में लोगों की भावनाएं भड़कती हैं और विवाद की स्थिति बनती है। कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
22 को निषाद पार्टी की स्थापना दिवस
प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने कहा कि पार्टी का स्थापना दिवस 22 मार्च को है। इसमें देश व प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समाज के लोग शामिल होंगे। डॉ. संजय ने बताया कि निषाद पार्टी ने अपने संघर्ष और जनसमर्थन के बल पर समाज के अधिकार, सम्मान और विकास की आवाज को मजबूत किया है। समाज की एकता और कार्यकर्ताओं के अथक प्रयासों के कारण आज निषाद पार्टी देश की राजनीति में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी है।
ब्रजेश पाठक ने जांच के दिए निर्देश
इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि परीक्षा में किसी भी ऐसे प्रश्न या विकल्प का होना स्वीकार्य नहीं है, जिससे किसी समाज, जाति या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। शासन ने पूरे प्रकरण की तत्काल जांच के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
ब्रजेश पाठक ने जांच के दिए निर्देश
इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकार ने इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि परीक्षा में किसी भी ऐसे प्रश्न या विकल्प का होना स्वीकार्य नहीं है, जिससे किसी समाज, जाति या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों के लिए प्रदेश में कोई स्थान नहीं है। शासन ने पूरे प्रकरण की तत्काल जांच के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस त्रुटि के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस सवाल पर मचा हंगामा
दरअसल परीक्षा में एक सवाल पूछा गया था, ‘अवसर के अनुसार बदलने वाले के लिए एक शब्द लिखिए।’ इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे, जिनमें सदाचारी, पंडित, अवसरवादी और निष्कपट शामिल थे। तीन विकल्प किसी व्यक्ति के गुण या अवगुण से जुड़े माने जा रहे हैं, जबकि 'पंडित' शब्द को एक जाति विशेष से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रश्नपत्र का यह हिस्सा परीक्षा के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद इसे लेकर विवाद शुरू हो गया।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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