फोटो::::मतदाता सूची से नाम कटने का डर, ब्लॉक कार्यालयों पर उमड़ रही भीड़

Feb 05, 2026 01:30 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संभल
share

Sambhal News - -दस्तावेज जमा करने की समयसीमा 27 फरवरी, महिला वोटरों को हो रही सबसे ज्यादा दिक्कत मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका के चलते जिले भर में मतदाताओं में खल

फोटो::::मतदाता सूची से नाम कटने का डर, ब्लॉक कार्यालयों पर उमड़ रही भीड़

मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका के चलते जिले भर में मतदाताओं में खलबली मची हुई है। दस्तावेजों की मैपिंग और सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण हजारों मतदाताओं का वोट खतरे में बताया जा रहा है। स्थिति यह है कि नाम बचाने के लिए लोग बड़ी संख्या में ब्लॉक कार्यालयों पर पहुंच रहे हैं, जहां लगातार सुनवाई चल रही है। दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी है। मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान के दौरान सामने आए करीब एक लाख मतदाताओं में खलबली मची हुई है। खासकर महिला वोटरों को दस्तावेजों की व्यवस्था करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कई महिलाओं के पास जन्म प्रमाण पत्र, पहचान पत्र या अन्य जरूरी अभिलेख पूरे नहीं हैं, जिसके चलते वह परिवार रजिस्टर की नकल लेने के लिए अपने अपने गांवों में सचिवालय की दौड़ लगा रहीं हैं। वहीं एसआईआर के दौरान नो मैपिंग को लेकर जारी नोटिस की सुनवाई के दौरान ब्लॉक परिसर में सुबह से ही भीड़ लग रही है। अधिकारी मतदाताओं से जरूरी प्रमाण पत्र जमा कराने की अपील कर रहे हैं, लेकिन सीमित समय और दस्तावेजों की जटिल प्रक्रिया के कारण लोग परेशान हैं। वहीं एडीएम/उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रदीप वर्मा का कहना है कि सभी पात्र मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें, इसके लिए सुनवाई और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेजी से की जा रही है। वहीं मतदाताओं से समय रहते जरूरी कागजात जमा कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि उनका लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित रह सके। ------------- नो मैपिंग की सुनवाई के लिए 30 और एईआरओ बढ़ाए बहजोई। जिले में नो मैपिंग के मामलों की शीघ्र सुनवाई करने के लिए 30 और एईआरओ बढ़ाए गए हैं। इससे पहले अभी तक जिले में 101 एआईआरओ तैनात थे। जिले में एसआईआर अभियान के दौरान नो मैपिंग में एक लाख मतदाता प्रकाश में आए थे। इन मतदाताओं की सुनवाई के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने 101 सहायक निर्वाचन अधिकारी (एईआरओ) को तैनात किए था। साथ ही निर्धारित किया था कि प्रत्येक एईआरओ एक दिन में 150 नोटिस जारी करेगा और उसके साथ ही सुनवाई भी करेगा। वर्तमान समय में एक लाख लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इस दौरान सुनवाई में अधिकारियों की संख्या कम पड़ गई। जिला उप निर्वाचन अधिकारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए 30 अतिरिक्त एईआरओ तैनात किए गए हैं, जिससे निर्वाचन का कार्य समय से पूरा कराया जा सके। ------------ अब 2.04 लाख वोटरों को जारी होगी नोटिस बहजोई। एसआईआर के दौरान नो मैपिंग वाले एक लाख वोटरों को नोटिस जारी की जा चुकी है और सुनवाई जारी है। यह वो वोटर हैं जिनके नाम का मिलान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से नहीं हो सका है। इसके अलावा 2.04 लाख तार्किक विसंगति वाले मतदाता हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रदीप वर्मा ने बताया कि अगर नोटिस पर सुनवाई के लिए जाने का समय वोटर के पास नहीं है तो वह अपनी जगह दूसरे को भी भेज सकता है। उसे सिर्फ एक कागज पर अपने हस्ताक्षर के साथ अपने स्थान पर भेजने वाले व्यक्ति का नाम लिखना होगा। साथ ही पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र व पासपोर्ट समेत 13 दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं तार्किक विसंगतियों वाले मतदाताओं को अपने नाम, पिता का नाम, पता व आयु आदि विसंगतियों से संबंधित प्रपत्र अपने बीएलओ के पास जमा करने होंगे। बीएलओ की ओर से एप के माध्यम से सभी प्रमाणपत्र ऑन लाइन अपलोड किए जाएंगे।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।