
शिक्षा रोजगारपरक बने, उच्च गुणवत्ता वाले बीज मिले तो चमके खेती
Sambhal News - प्रधानमंत्री के विकसित भारत और मुख्यमंत्री के विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है। संभल में सेवानिवृत्त आईपीएस आनंद कुमार ने कहा कि विकसित उत्तर...
आगामी-2047 तक प्रधानमंत्री के विकसित भारत और मुख्यमंत्री के विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को साकार करने के लिए एक विजन डाक्यमुमेंट तैयार किया जा रहा है। इसी सिलसिले में प्रदेश के जिलों में शासन की टीम भ्रमण कर रही है। इसी क्रम में संभल में गुरुवार से दो दिवसीय भ्रमण पर शासन से नामित प्रबुद्ध जनों में सेवानिवृत आईपीएस आनंद कुमार, एमजेपी रूहेलखंड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शिवकुमार तोमर संभल पहुंचे। रिसोर्ट में छात्र-छात्राओं को शिक्षा से जुड़े लोगों व लक्षित समूहों के लोगों से संवाद किया। इसमें अलग अलग सुझाव आए जिनको शासन की टीम ने सूचीबद्ध किया है। लोगों ने सुझाव दिया कि ऐसी व्यवस्था हो कि स्कूल-कॉलेजों से स्किल्ड लोग निकलें।

जिससे रोजी रोजगार से जुड़ सकें। वहीं कृषि कार्य करने वालों ने कहा कि जैविक खेती प्रमाणीकरण की सुविधा का सरलीकरण किया जाए। किसानों को बीज और अन्य समस्याओं का समाधान किया जाए। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह, जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया, एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट ने भी संवाद किया। विकसित उत्तर प्रदेश ही विकसित भारत की कुंजी सेवानिवृत्त आईपीएस आनंद कुमार ने कहा कि विकसित भारत तभी बन सकता है जब विकसित उत्तर प्रदेश होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का संकल्प है कि सबकी राय लेकर विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जाए, ताकि हर नागरिक इसमें भागीदार बन सके। उत्तर प्रदेश का विकास ही पूरे देश के विकास की दिशा तय करेगा। अगर हम अपने संसाधनों और मानव शक्ति का सही उपयोग करें, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें तो हर लक्ष्य संभव है। शिक्षा, उद्योग और कृषि-हर क्षेत्र में सुधार जरूरी है। नागरिकों और छात्रों को अपनी भूमिका समझनी होगी। तकनीकी और संस्कृति के संतुलन से शिक्षा सशक्त बनेगी सेवानिवृत्त प्रोफेसर शिवकुमार तोमर ने कहा कि हम सब एक राष्ट्र की इकाई हैं। तकनीकी बदलाव हर दिन हो रहा है और हमें इसके साथ चलना होगा। स्मार्टफोन और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने शिक्षा और सुविधाओं को आसान बनाया है। हमें युवाओं को शिक्षित करने और उन्हें रोजगारपरक कौशल देने पर ध्यान देना होगा। देश को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल योजना बनाना पर्याप्त नहीं है, इसे जमीनी स्तर पर क्रियान्वित करना जरूरी है। नागरिकों की भागीदारी से ही विकास सस्टेनेबल होगा : मंडलायुक्त मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि किसी भी देश का मूल वहां के नागरिक हैं। सरकार को यह जानना आवश्यक है कि राज्य में कितना विकास हुआ है और लोगों की जरूरतें क्या हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि और व्यापार-हर क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए हर व्यक्ति का योगदान जरूरी है। समाज की भागीदारी और जागरूकता ही विकास को स्थायी बना सकती है। शिक्षा और संस्कृति के माध्यम से हम लोगों को सशक्त बना सकते हैं। नागरिकों की राय और सुझावों को योजनाओं में शामिल करना ही सस्टेनेबल विजन की पहचान है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास का लाभ हर गांव और शहर के नागरिक तक पहुंचे। मंडलायुक्त ने उद्योगपतियों, व्यापारियों समेत शिक्षकों से संवाद भी किया। जमीनी स्तर पर सुझावों से ही सस्टेनेबल विजन बनेगा : डीएम जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने कहा कि समर्थ और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी पूरा होगा जब हर नागरिक और गांव इसकी भागीदारी महसूस करे। हम जमीनी स्तर पर सुझाव लेकर योजनाओं को प्रभावी बनाते हैं। आकांक्षात्मक ब्लॉक और डीपीएमयू जैसी पहलों से पिछड़े क्षेत्रों में बदलाव संभव होगा। पोषण पुनर्वास केंद्र और मोबाइल वैन के माध्यम से बच्चों और नागरिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंच रही है। सुरक्षा और कानून व्यवस्था ही विकास की नींव पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा कि सुरक्षा और कानून व्यवस्था ही समाज के विकास की नींव हैं। हाल ही में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पुलिस आरक्षी भर्ती कराई गई है। साइबर क्राइम के मामलों में 1930 हेल्पलाइन से नागरिकों को तुरंत सहायता मिल रही है। महिला सुरक्षा के लिए जिले में 45 नई पुलिस चौकियों की स्थापना की गई है। जब तक हर नागरिक में कर्तव्यबोध नहीं आएगा, तब तक समाज पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सकता। जागरूकता और सहयोग से ही अपराध पर अंकुश लगाया जा सकता है। शिक्षा पर बात स्कूल और कॉलेज स्तर से स्किल डेवलपमेंट किया जाए। विभागों में भ्रष्टाचार कम करने पर ध्यान। शिक्षक और छात्रों के अनुपात में संतुलन। सभी विद्यालयों में प्लेसमेंट की सुविधा। रोजगारपरक और मानव विकास परक शिक्षा। कृषि पर सुझाव संकर मक्का और अन्य मांगलिक प्रजातियों को नोटिफाइड किया जाए। जैविक खेती प्रमाणीकरण प्रक्रिया सरल हो। किसानों तक उच्च गुणवत्ता वाले बीज पहुंचे। मिट्टी परीक्षण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण व्यापक हों। जिले में बीज विद्यापन संयंत्र स्थापित किया जाए। प्रदेश में हो रहा परिवर्तन विजन को बनाएगा साकार सीडीओ गोरखनाथ भटट ने कहा कि 2017 के बाद से प्रदेश में जो परिवर्तन हुआ है, वह नए भारत के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री ने जो बीड़ा उठाया है। उसके माध्यम से प्रशासनिक प्रणाली, पारदर्शिता और ईमादारी के साथ क्रियांवयन में सुधार हुआ है। इसी परिवर्तन के साथ प्रदेश में सुशासन के जरिए नए आयाम स्थापित किए हैं। आज उत्तर प्रदेश सिर्फ सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य ही नहीं है, बल्कि सबसे तेज़ी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था भी बन गया है। इस बदलाव के साथ प्रदेश में विकास की नित नई ऊंचाइयां तय हो रही हैं। कर्मयोगी चौपाल वैन को रवाना किया बहजोई। कार्यक्रम के बाद मंडलायुक्त ने मिशन कर्मयोगी चौपाल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया व सीडीओ गोरखनाथ भट्ट ने बताया कि कर्मयोगी चौपाल वैन गांवों में जाकर सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देगी।

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