
संभल का पीएम श्री विद्यालय बना प्रदेश का रोल मॉडल
Sambhal News - संभल के 16 पीएम श्री विद्यालयों ने सरकारी स्कूलों की छवि बदल दी है। आधुनिक सुविधाओं, अनुशासन और नवाचार के साथ, इन स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 30-40% से बढ़कर 90% से अधिक हो गई है। कई अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों से पीएम श्री विद्यालयों में स्थानांतरित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इसे पूरे प्रदेश के लिए मॉडल बताया है।
अक्सर सरकारी स्कूलों की चर्चा अव्यवस्थाओं और संसाधनों की कमी को लेकर होती है, लेकिन संभल के 16 पीएम श्री विद्यालय पूरे प्रदेश में उम्मीद और बदलाव का प्रतीक बनकर उभरे हैं। यह विद्यालय न सिर्फ आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं, बल्कि यहां का अनुशासन, नवाचारी माहौल किसी प्रतिष्ठित कान्वेंट स्कूल से कम नहीं दिखता है। डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया के मार्गदर्शन में विद्यालय में ऐसा परिवर्तन हुआ है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मॉडल को सराहते हुए इसे प्रदेशभर में साझा किया है। सीएम ने इसे प्रदेश के 1750 पीएम श्री विद्यालयों में मॉडल के रूप में लागू करने के लिए कहा है।
गांव के बच्चों के सपनों को लगने लगे पंख संभल के इस पीएम श्री विद्यालय में आज का वातावरण किसी नामी कान्वेंट स्कूल से कम नहीं लगता है। यहां पर स्मार्ट क्लास, डिजिटल लर्निंग, उन्नत भवन, रोबोटिक्स एवं नवाचार प्रयोग ने बच्चों के सीखने का तरीका ही बदल दिया है। उनके सपनों को पंख लगने लगे हैं। शिक्षक-शिक्षिकाओं का भी ड्रेस क्रोड विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने शिक्षकों के लिए विशेष ड्रेस कोड निर्धारित किया है। सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं प्रतिदिन यूनिफॉर्म में उपस्थित होते हैं। इसका प्रभाव बच्चों पर बेहद सकारात्मक पड़ा है। बच्चे भी अनुशासन सीख रहे हैं और पढ़ाई को सम्मान की दृष्टि से देख रहे हैं। विद्यार्थियों की उपस्थिति भी सराहनीय जहां पहले उपस्थिति सिर्फ 30-40% हुआ करती थी, वहीं अब यह बढ़कर 90% से अधिक हो गई है। इस परिवर्तन ने स्कूल को पूरी तरह बदल दिया है। न सिर्फ छात्र संख्या बढ़ी है, बल्कि अभिभावक भी उत्साहित हैं। निजी स्कूलों की ओर से हुआ पलायन प्रतिष्ठा और गुणवत्ता देखकर कई अभिभावकों ने अपने बच्चों की टीसी निजी स्कूलों से कटवाकर उन्हें पीएम श्री विद्यालय में दाखिला दिलाया है। यह बदलाव सरकारी स्कूलों की खोई प्रतिष्ठा वापस दिलाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। नवाचार, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का संगम पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष फोकस, खेल व पढ़ाई का संतुलित समय, आधुनिक शिक्षण पद्धतियां, समर्पित शिक्षक दल ने सरकार को खासा प्रभावित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब संभल के पीएम श्री विद्यालयों को पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बताते हुए इसे लागू करने के लिए कहा है। अन्य जिलों के प्रधानाचार्यों को भी इस मॉडल को समझने के लिए यहां भेजा जाएगा। ‘संभल श्री’ मॉडल की ओर कदम इस सफलता से प्रेरित होकर जनपद के अन्य विद्यालयों को ‘संभल श्री’ मॉडल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। संभल का यह पीएम श्री विद्यालय साबित कर रहा है कि यदि संकल्प और प्रबंधन प्रभावी हो तो सरकारी स्कूल न सिर्फ निजी स्कूलों की बराबरी कर सकते हैं, बल्कि कई मामलों में उनसे आगे भी जा सकते हैं। वर्जन पीएम श्री विद्यालयों में बच्चों को बुनियादी सुविधाओं के साथ बेहतर शिक्षा दी जा रही है। स्कूलों में छात्र संख्या भी बढ़ी है। सभी पीएम श्री स्कूलों का एक वीडियो बनाकर शासन में भेजा गया था। -डॉ. राजेंद्र पैंसिया, जिलाधिकारी, संभल।

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