
हरिहर सेना की पदयात्रा पर प्रशासन चौकन्ना
Sambhal News - अंतरराष्ट्रीय हरिहर सेना द्वारा 19 नवंबर को प्रस्तावित पदयात्रा ने संभल जिले में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। महंत ऋषिराज गिरी के नेतृत्व में एक लाख लोगों की यात्रा की तैयारी की जा रही है, जिससे पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया है। पिछले साल इसी समय हुई हिंसा की यादें ताजा हैं।
शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर वाद को एक वर्ष पूरा होने के ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय हरिहर सेना द्वारा 19 नवंबर को प्रस्तावित पदयात्रा ने जिले के पुलिस-प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कैला देवी के महंत ऋषिराज गिरी ने एक लाख लोगों को साथ लेकर यह पदयात्रा निकालने की तैयारी कर रहे हैं। जिससे पूरे जिले में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है। एक वर्ष पहले शाही जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर विवाद में भड़की हिंसा की यादें अभी भी ताज़ा हैं, ऐसे में किसी भी तरह की अप्रिय घटना रोकने के लिए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जा रहा है और बताया जाता है कि यात्रा के दौरान हरिहर मंदिर के परिकोटे की परिक्रमा करने की योजना है। इस सूचना के बाद जिले में सुरक्षा तंत्र हलचल में आ गया है। 19 नवंबर 2024 को वाद दायर होने के बाद पहला सर्वे हुआ था और 24 नवंबर को दूसरा सर्वे होते ही हिंसा भड़क उठी थी। अब जब इस घटना को एक वर्ष पूरा होने जा रहा है, उसी अवधि में विशाल पदयात्रा के ऐलान ने प्रशासन की धड़कनें तेज कर दी हैं। जनता से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है और हालांकि पुलिस प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है, लेकिन संकेत साफ हैं संभल फिलहाल उच्च सतर्कता पर है। महंत ऋषिराज गिरी इस संबंध में रविवार को प्रेसवार्ता करेंगे। जिसमें वह बताएंगे कि यह यात्रा होगी की नहीं। डीएम-एसपी पहुंचे लखनऊ, मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट पदयात्रा की जानकारी मिलते ही डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पूरी स्थिति से अवगत कराया। मुलाकात के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को पंचमुखी हनुमान जी की पीतल की प्रतिमा भेंट की और संभल की विकास परियोजनाओं सहित विवाद से जुड़े संवेदनशील बिंदुओं पर चर्चा की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब 24 नवंबर को विवाद के दौरान हुए दूसरे सर्वे की हिंसा को एक वर्ष पूरा होने वाला है। इस हिंसा में चार लोगों की मौत और 29 लोग घायल हुए थे, वहीं सांसद, मस्जिद सदर सहित हजारों लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए थे। घटना के बाद से मामला जिला कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक विभिन्न चरणों में विचाराधीन है। पुलिस प्रशासन महंत पर यात्रा रोकने का बना रहा दबाव सूत्रों की बात करें तो यात्रा को देखते हुए आसन्न खतरे को टालने के लिए पुलिस प्रशासन महंत ऋषिराज गिरी से पदयात्रा स्थगित करने या सीमित करने की अपील कर रहा है। हालांकि, महंत अभी भी यात्रा निकालने की तैयारी में जुटे हुए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इससे जिले की कानून-व्यवस्था को बड़ा खतरा हो सकता है। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां फील्ड में सक्रिय हो गई हैं। संवेदनशील इलाकों की पहचान, खुफिया नजर और आपात योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। वर्जन-- अंतरराष्ट्रीय हरिहर सेना द्वारा 19 नवंबर को पदयात्रा निकाले जाने की जानकारी मिली है। अभी इसकी अनुमति की जानकारी नहीं है। इस संबंध में पहले एसडीएम संभल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप वर्मा, एडीएम, संभल। पदयात्रा को लेकर डीएम ने रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में कैला देवी मंदिर के महंत से वार्ता की जा रही है। जिससे यात्रा न हो या फिर सीमित दायरे में हो। लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। - रामानुज सिंह, एसडीएम, संभल हरिहर सेना द्वारा पदयात्रा किए जाने की तैयारी की सूचना मिली है। इसको लेकर पुलिस अलर्ट है। जैसा उच्चाधिकारियों का आदेश होगा कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप सिंह, एएसपी, संभल।

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