Sambhal News: संभल हिंसा में हत्या व उपद्रव के मुख्य आरोपी वारिस पर लगा रासुका
Sambhal News: संभल हिंसा मामले में पुलिस ने मोहम्मद वारिस पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। हत्या और फायरिंग के मामलों में वारिस पर मुकदमे हैं। 138 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हुई है। न्यायिक आयोग ने 450 पन्नों की रिपोर्ट प्रस्तुत की है। पुलिस जमानत पर आए आरोपियों पर निगरानी रख रही है।

Sambhal News: संभल हिंसा के मामले में पुलिस और प्रशासन का कड़ा रुख बरकरार है। दो मौतों और उपद्रव के मुख्य आरोपी मोहम्मद वारिस पर अब शासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कार्रवाई की है। लखनऊ स्थित एडवाइजरी बोर्ड के समक्ष जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक का पक्ष लेने के बाद यह कदम उठाया गया है। इससे पहले मुल्ला अफरोज और मोहम्मद गुलाम पर भी रासुका की कार्रवाई की जा चुकी है। 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा में पुलिस पड़ताल के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि नईम और कैफ की मौत के मामले में नामजद आरोपी वारिस को अवैध हथियार मुहैया कराए गए थे। उसके सीधे संबंध दुबई में छिपे गैंगस्टर शारिक साठा से पाए गए हैं। पुलिस अब हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा की संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक तैयारी में जुट गई है, साथ ही उसके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
घटनाओं का विवरण
संभल हिंसा को लेकर कुल 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें अब तक 138 उपद्रवियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने 6 मुख्य मुकदमों में कोर्ट के समक्ष 4025 पन्नों की भारी-भरकम चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में समाजवादी पार्टी के स्थानीय सांसद जिया उर रहमान बर्क, जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली, मुल्ला अफरोज और वारिस को नामजद आरोपी बनाया गया है।
न्यायिक आयोग की रिपोर्ट
घटना की गहराई से पड़ताल के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने अपनी जांच पूरी करते हुए 450 पन्नों की रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। इस पूरे प्रकरण में 60 सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों समेत कुल 199 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब जमानत पर बाहर आए आरोपियों पर भी पैनी नजर रख रही है।
नियमित जांच और कार्रवाई
संभल हिंसा मामले में आरोपी मोहम्मद वारिस के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। वारिस पर हिंसा के दौरान हुई फायरिंग और हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है।
- कुलदीप कुमार, सीओ, संभल।
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