
जनपद में कुत्तों का आतंक, दो साल में सात से अधिक मौतें
Sambhal News - जनपद संभल में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। पिछले दो वर्षों में कुत्तों के हमले से सात से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन 80 से 90 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
जनपद संभल में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शहर हो या ग्रामीण क्षेत्र हर जगह कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आते हैं और कभी भी राहगीरों, बच्चों व बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं। बीते दो वर्षों में कुत्तों के हमले से करीब सात से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन और नगर निकायों की उदासीनता सवालों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिलेभर में प्रतिदिन 80 से 90 लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 15 से 20 लोग एंटी रैबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचते हैं।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी बड़ी संख्या में पीड़ित इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसके बावजूद कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। रविवार को सिरसी क्षेत्र के गांव पोटा निवासी सात वर्षीय रिया गौतम को आवारा कुत्तों ने नोच-नोच कर मौत के घाट उतार दिया। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि आए दिन कुत्तों के झुंड बच्चों के पीछे दौड़ते रहते हैं, लेकिन प्रशासन केवल घटनाओं के बाद खानापूर्ति करता है। लोगों का कहना है कि नगर निकाय केवल कागजी योजनाओं तक सीमित हैं। नसबंदी, टीकाकरण और कुत्तों को पकड़ने के अभियान केवल फाइलों में ही चल रहे हैं। घटनाओं के बाद कुछ दिनों तक हलचल होती है। फिर सब कुछ पहले जैसा हो जाता है। इन इलाकों में भी ले चुके हैं जान संभल। बीते दो वर्षों में जनपद में कुत्तों के हमले से कई दर्दनाक मौतें हो चुकी हैं। कैलादेवी क्षेत्र के गांव करछली निवासी सात वर्षीय अंकशु की कुत्तों के काटने से मौत हो गई थी। संभल के मियां सराय क्षेत्र में बीते वर्ष डेरसराय निवासी 70 वर्षीय जुबैद को कुत्तों ने घेरकर मार डाला था। ऐचौड़ा कम्बोह के गांव शहापुर सिरपुड़ा निवासी मोहम्मद शान, गांव चिमयावली, हल्लू सराय में नन्हे, सरायतरीन के मोहल्ला नवाबखेल निवासी अहमदरजा की भी कुत्तों के हमले से जान जा चुकी है। इसके अलावा चंदौसी और गुन्नौर क्षेत्र में भी मौतें हो चुकी हैं। जनता में आक्रोश, ठोस कार्रवाई की मांग संभल। लगातार हो रही मौतों से लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। आमजन का कहना है कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों की संख्या पर नियंत्रण नहीं किया गया। तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी अभियान चलाकर कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।

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