Rising Ganga River Water Level Causes Panic in Gunaur Villages गुन्नौर इलाके में फिर बढ़ा गंगा जलस्तर, घरों तक पहुंचा पानी, दहशत, Sambhal Hindi News - Hindustan
Hindi NewsUttar-pradesh NewsSambhal NewsRising Ganga River Water Level Causes Panic in Gunaur Villages

गुन्नौर इलाके में फिर बढ़ा गंगा जलस्तर, घरों तक पहुंचा पानी, दहशत

Sambhal News - गुन्नौर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों में चिंता और भय बढ़ गया है। पिछले पांच दिनों से जलस्तर में कमी नहीं आई है और कुछ गांवों में पानी घरों तक पहुंचने लगा है। प्रशासन सतर्क है,...

Newswrap हिन्दुस्तान, संभलThu, 4 Sep 2025 04:44 AM
share Share
Follow Us on
गुन्नौर इलाके में फिर बढ़ा गंगा जलस्तर, घरों तक पहुंचा पानी, दहशत

गुन्नौर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे गंगा किनारे के गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता और भय दिनों बढ़ता जा रहा है। बीते पांच दिनों से गंगा का जलस्तर थमने का नाम नहीं ले रहा है और अब स्थिति गंभीर होती जा रही है। क्योकि जुनावई एवं रजपुरा क्षेत्र के कुछ गांवों में गंगा का पानी लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है। जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पहाडों व मैदानी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश से नदियां उफान पर हैं। बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।

जिससे गुन्नौर तहसील क्षेत्र के गंगा किनारे बसे गांवों में बाढ़ के पानी पहुंच गया है। जिससे गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी से गांवों में अफरा-तफरी का माहौल है। राजघाट और नरौरा गंगा घाटों पर जलस्तर में बढ़ोत्तरी को देखते हुए प्रशासन की ओर से सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन द्वारा घाटों पर आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। मगर लगातार बढ़ते पानी के कारण खतरा कम होता नजर नहीं आ रहा। खतरे को देखते हुए गंगा के किनारे स्थित झोपड़ियों में रहने वाले पुरोहित और दुकानदारों ने भी सुरक्षा के मद्देनजर घाट खाली कर दिया है और सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं। गंगा के जल स्तर में बढ़ोत्तरी का मुख्य कारण हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार छोड़ा जा रहा पानी है। मंगलवार से लगातार जलराशि छोड़े जाने से नरौरा गंगा बैराज का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। बुधवार को नरौरा बैराज पर जलस्तर 184599 क्यूसेक तक पहुंच गया। जिसमें से डाउन स्ट्रीम में 172128 क्यूसेक प्रति सेकेंड की दर से पानी की निकासी की जा रही है। साथ ही निचली गंगा नहर में 7052 क्यूसेक और समांतर निचली गंगा नहर में 8978 क्यूसेक की निकासी की जा रही है। तार बाबू देवेश कुमार द्वारा बुधवार को किए गए टेस्ट मैप के अनुसार, यदि यही स्थिति बनी रही तो जल्द ही गुन्नौर व आस-पास के गांव बाढ़ ग्रस्त घोषित किए जा सकते हैं। विशेषकर जुनावई क्षेत्र के गांवों में स्थिति बेहद खराब हो सकती है। एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है और अभी इस तरह की कोई बात नहीं है। जलस्तर बढ़ रहा है। उस पर पूरी नजर रखी जा रही है। कई गांवों में बीते दिनों भी पहुंचा था बाढ़ का पानी गुन्नौर। गुन्नौर इलाके के कई गांवों में बीते दिनों गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी पहुंच गया था। बाढ़ के पानी की वजह से फसलें भी जलमग्न हो गई थी। ऐसे में ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसके अलावा गुन्नौर के एक गांव में बांध भी कट गया था। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से बांध को सही कराया था। हालाकि जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही गुन्नौर इलाके में 16 बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जहां कर्मचारी स्थित पर नजर बनाये हुए है। --------------------------- बारिश से भरभरा कर गिरा घर का लेंटर, सामान और तीन पशु दबे फोटो-- सौंधन। लगातार हो रही बारिश के चलते बुधवार को थाना क्षेत्र के गांव गौहंत में एक किसान का घर का लेंटर भरभरा कर गिर गया। हादसे में कमरे में रखा घरेलू सामान और बंधे हुए तीन पशु मलबे में दब गए। गनीमत रही कि उस समय परिवार के सदस्य दूसरे कमरे में थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। गांव निवासी सोपाली पुत्र भगवान सिंह के घर के पिछले हिस्से में तीन दिन से वर्षा का पानी भर गया था। बुधवार को पानी के दबाव से दीवार और लेंटर अचानक गिर पड़े। तेज धमाके की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे पशुओं को मशक्कत के बाद बाहर निकाला। इस हादसे में घरेलू सामान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और पशु भी घायल हो गए। किसान को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की सूचना राजस्व विभाग को दे दी गई है। --------------------------- बागड़पुर छोइया में स्वास्थ्य विभाग ने लगाया कैंप, ग्रामीणों को बांटी दवाइयां सौंधन। विकास खंड पंवासा के गांव बागड़पुर छोइया में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने वायरल बुखार से पीड़ित ग्रामीणों के इलाज के लिए स्वास्थ्य कैंप का आयोजन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों की जांच की गई और उन्हें दवाइयां वितरित की गईं। गौरतलब है कि पिछले शुक्रवार को भी गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाया था, लेकिन उस समय सभी मरीजों को पूरी दवाइयां उपलब्ध नहीं कराई गई थीं। इसकी शिकायत राष्ट्रीय भ्रष्टाचार दमन परिषद् के अध्यक्ष बृजेश यदुवंशी ने विभागीय अधिकारियों से की थी और पुनः स्वास्थ्य कैंप आयोजित कराने की मांग उठाई थी। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में दोबारा कैंप लगाया और मरीजों को दवाइयां उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल पर संतोष जताया।

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।