DA Image
Saturday, November 27, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश संभलनारद मोह प्रसंग के साथ बनियाखेड़ा में रामलीला का आगाज

नारद मोह प्रसंग के साथ बनियाखेड़ा में रामलीला का आगाज

हिन्दुस्तान टीम,संभलNewswrap
Fri, 22 Oct 2021 03:21 AM
नारद मोह प्रसंग के साथ बनियाखेड़ा में रामलीला का आगाज

बनियाठेर क्षेत्र के गांव बनियाखेड़ा में 11 दिवसीय रामलीला का नारद मोह प्रसंग के साथ शानदार आगाज किया गया। रामलीला के पहले दिन मंचन देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ी। इस दौरान श्री राम के उद्घोष भी गूंजते रहे।

रामलीला का शुभारंभ शूटर कुंवर उदयान सिंह ने फीता काट कर किया। मंचन का कथानक बलवीर सिंह मौर्य ने किया। नारद जी तपस्या कर रहे थे इंद्र का सिंहासन हिला। इंद्र ने नारद जी की तपस्या भंग करने को दो अप्सराओं को भेजा। नारद जी ने हार नहीं मानी तो कामदेव ने भी तपस्या भंग करने का प्रयास किया। जिसमें वह विफल रहे। तब नारद जी को अहंकार हो गया और खुश होते हुए ब्रह्मा जी के पास पहुंचे अपना बखान किया। तब ब्रह्मा जी ने कहा वह मुझसे कहा भोले नाथ से जाकर मत कहना। भोलेनाथ ने कहा कि मुझसे कहा विष्णु जी से जाकर मत कहना। विष्णु भगवान ने नारद का अहंकार को तोड़ने की लीला रची। तब विष्णु जी ने एक सील नगरी का निर्माण किया और वहां विश्व सुंदरी कन्या का स्वयंवर रचा। नारद जी स्वयंवर में शामिल होने के लिए विष्णु जी से हरि का रूप देने का आग्रह किया। हरि के रूप दो होते हैं एक भगवान विष्णु और दूसरा बंदर। भगवान विष्णु ने नारद को बंदर का रूप दे दिया। नारद जी स्वयंवर में पहुंचे तो उनका उपहास उड़ा। विश्व मोहनी ने विष्णु के गले में जयमाला डाल दी। तब नारद जी भगवान विष्णु को श्राप दिया कि जैसे मैं स्त्री के वियोग में भटक रहे हैं वैसे ही एक दिन तुम भी स्त्री के वियोग में भटकोगे। तुम्हारी रक्षा हनुमान की वानर सेना ही करेगी। इस अवसर पर उमेश प्रजापति, कमल सिंह प्रजापति, मूलचंद कश्यप, कर्मवीर, सोमपाल सिंह प्रजापति, लोकेश प्रजापति, महेश पाल मौर्या का सहयोग रहा।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें