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पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की उठाई मांग

पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की उठाई मांग

जिला मुख्यालय संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की मांग उठाई है। कार्यकर्ताओं ने मांग से संबंधित ज्ञापन भाजपा सांसद सत्यपाल सैनी को सौंपा। इसमें अलग राज्य बनाने के लिए तर्क भी दिए। शहर के मुहल्ल चौधरी सराय पहुंचे भाजपा सांसद सत्यपाल सैनी को संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। जिसमें कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश की आबादी 22 करोड़ है और 75 जिले हैं। दुनिया में अगर जनसंख्या के लिहाज से तुलना की जाए तो यह प्रदेश पांचवें नंबर का बड़ा होगा।

बड़े प्रदेश में वर्तमान व्यवस्था के साथ जनता को उचित न्याय, कानून व्यवस्था व जिम्मेदार प्रशासन देना संभव नहीं है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी, अपराध और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है। प्रदेश की सीमाएं हजारों किलोमीटर में फैली है। आम आदमी को अपने प्रदेश की राजधानी व हाईकोर्ट जैसे जरूरी स्थानों पर आने-जाने के लिए लंबा सफर तय करना पड़ता है। असुविधा और अनावश्यक खर्च होता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता के लिए प्रदेश की राजधानी और हाईकोर्ट की तुलना में सात प्रदेशों की हाईकोर्ट और राजधानी निकट पड़ती है। इसलिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने की जायज मांग को संसद में प्रभावी तरीके से उठाने की बहस करें। ताकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र में एक आत्मनिर्भर राज्य का निर्माण को सके। इस दौरान मुशीर खां तरीन, डा.मुहम्मद नाजिम, मोहसिन अली, यासीन अंसारी, सफदर अली, भूरा अल्वी, डा. यूसी सक्सेना, वैद्य सत्यप्रकाश रस्तोगी, महावीर सिंह आदि रहे।

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  • Web Title:Raised demand for Western Uttar Pradesh as separate state