
आलू की खेती में खट्टी हो गई खाद की बात, किसान बोले ‘सात कट्टे से कैसे बनेगी बात?
Sambhal News - रबी सीजन की शुरुआत होते ही किसान आलू की बुवाई के लिए तैयार हैं। लेकिन खाद की कमी ने उन्हें चिंता में डाल दिया है। जनपद के 1.5 लाख आलू उत्पादक किसानों को 32 कट्टे फास्फेटिक खाद की जरूरत है, जबकि...
रबी सीजन की आहट के साथ ही खेतों में हल चलने लगा है, किसान कमर कस चुके हैं आलू की बुवाई के लिए। लेकिन इस बार खेत की मिट्टी कम नहीं, बल्कि खाद को लेकर माथापच्ची ज़्यादा हो रही है। जनपद के करीब 1.5 लाख आलू उत्पादक किसान इस समय भारी असमंजस में हैं। उनकी मांग है – “32 कट्टे प्रति हेक्टेयर फास्फेटिक खाद चाहिए,” लेकिन कृषि विभाग और प्रशासन की तरफ से आया जवाब सीधा-सपाट – “सिर्फ़ 7 कट्टे मिलेंगे!” किसान रामनिवास, जो पिछले 20 साल से आलू की खेती कर रहे हैं, बोले – अब भैया, सात कट्टे में तो आलू के बच्चे भी भूखे रह जाएंगे! वहीं एक अन्य किसान ने मज़ाक में कहा – "लगता है सरकार को फ्रेंच फ्राई खाने की जल्दी नहीं है, वरना खाद रोकेगी क्यों? गौरतलब है कि इफको और समितियों पर फास्फेटिक खाद की अभी तक पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो सकी है, जिससे किसानों में नाराज़गी बढ़ रही है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते खाद नहीं मिली, तो आलू उत्पादन पर असर पड़ सकता है और इसका सीधा असर बाज़ार की कीमतों पर भी दिखेगा। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति की प्रक्रिया जारी है और जैसे-जैसे स्टॉक उपलब्ध होगा, किसानों को समय पर खाद मिल जाएगी। लेकिन किसान अब सिर्फ़ आश्वासन नहीं, खाद की बोरियां देखना चाहते हैं!

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