कर्नाटक-पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में फैला है फर्जी गेमिंग ऐप गिरोह
Sambhal News - रजपुरा थाना पुलिस ने लोन ऑफर देने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिन्होंने मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर डेटा चुराया और ब्लैकमेल किया। पुलिस ने पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है और सरगना की तलाश कर रही है। यह...

रजपुरा थाना पुलिस ने लोगों को लुभावने लोन ऑफर देकर मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवाकर उनका निजी डाटा चुराने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पुलिस गिरोह के सरगना की तलाश में जुटी है। साथ ही इन ऐप के माध्यम से किन-किन बैंक खातों में पैसा गया था। उसकी भी पुलिस जांच शुरु कर दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई राज्यों में फैला हुआ है और सैकड़ों खाते पुलिस की रडार पर हैं। दो टीम इस कार्य में लगी हुई हैं। रजपुरा थाना पुलिस ने इस हाई-टेक साइबर क्राइम रैकेट के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर सप्ताहभर पहले खुलासा किया था।
पुलिस ने बाबू यादव निवासी इंदिरा कॉलोनी, चंदौसी, दिनेश कुमार निवासी धनेटा सोतीपुरा थाना हयातनगर, अभिषेक राघव व नितिन निवासी गांव ऐंचोली, हयातनगर और मोहित शर्मा निवासी भानपुर थाना बिसौली, बदायूं को गिरफ्तार किया था। इस गिरोह का मुख्य सरगना मोनू यादव, जो बाबू यादव का सगा भाई है, फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। बैंक खातों की ट्रैकिंग की जा रही है। जिससे और भी कई नाम खुल सकते हैं। एआई टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल की भी पड़ताल हो रही है। कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और राजस्थान समेत कई राज्यों में इस गिरोह के सक्रिय होने के रिकॉर्ड पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस ई-मेल के जरिए बैंक खातों की जांच कर रही है। अलग-अलग राज्यों में सैकड़ों बैंक खाते पुलिस की रडार पर हैं। थानाध्यक्ष निशांत राठी ने बताया कि यह गिरोह की जड़ें बहुत गहरी हैं और कई राज्यों में यह फैला हुआ है। ई-मेल के माध्यम से बैंक खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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