एनआरसी बना बच्चों के लिए संजीवनी, कुपोषण हो रहा दूर
Sambhal News - चन्दौसी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोषण पुर्नवास केंद्र अब अति कुपोषित बच्चों के लिए एक जीवन रेखा बन गया है। यहां 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों को 14 दिनों के लिए भर्ती किया जाता है। डीएम की...

चन्दौसी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संचालित पोषण पुर्नवास केंद्र (एनआरसी) अब अति कुपोषित बच्चों के लिए जीवन रेखा बनता जा रहा है। यह केंद्र न केवल बच्चों को शारीरिक रूप से मजबूत बना रहा है, बल्कि मानसिक और सामाजिक विकास की दिशा में भी अहम भूमिका निभा रहा है। जहां प्रदेश के अन्य जिलों में केवल 10 बेड की व्यवस्था है, वहीं संभल में डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया की विशेष पहल पर यह व्यवस्था 30 बेड तक विस्तारित की गई है। यही नहीं, समय-समय पर यहां 40 से 43 बच्चे तक भर्ती किए जा चुके हैं। वर्तमान में 41 बच्चे एनआरसी में उपचार ले रहे हैं।
यहां छह महीने से 5 साल तक के बच्चों को उनकी माताओं के साथ 14 दिनों के लिए भर्ती किया जाता है। इस अवधि में बच्चों को पोषणयुक्त भोजन, स्वास्थ्य जांच, दवाएं, और मानसिक व शारीरिक विकास के लिए खेल, प्रार्थना, और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का मौका दिया जाता है। डीपीओ महेश कुमार ने बताया कि संभल के एनआरसी में अन्य जिलों की तुलना में 300 प्रतिशत अधिक बच्चों का कुपोषण दूर किया जा रहा है। जुलाई माह में 68 बच्चों की भर्ती हुई, जबकि अगस्त माह में अब तक 52 बच्चे भर्ती हो चुके हैं। यह आंकड़े एनआरसी की सफलता और लोकप्रियता को दर्शाते हैं। नियमित डॉक्टरों की निगरानी, हर बच्चे पर विशेष ध्यान संभल। हर भर्ती बच्चे पर डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम द्वारा नियमित निगरानी की जाती है। डीएम स्वयं समय-समय पर बच्चों की मॉनीटरिंग करते हैं और उनके स्वास्थ्य की समीक्षा करते हैं। बाल विकास विभाग की टीम ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण कर बच्चों के अभिभावकों से सीधा संवाद कर रही है, जिससे अधिक से अधिक कुपोषित बच्चों को एनआरसी लाकर उनका जीवन संवारा जा सके। जिले का यह एनआरसी अब अन्य जिलों के लिए आदर्श मॉडल बनता जा रहा है। यहां की सुविधाएं, देखभाल और उपचार की गुणवत्ता ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है।
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