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चन्दौसी की बेटी निशा के लिए ढेरों दुआएं, चक दे इंडिया...

हिन्दुस्तान टीम,संभलPublished By: Newswrap
Wed, 04 Aug 2021 03:42 AM
चन्दौसी की बेटी निशा के लिए ढेरों दुआएं, चक दे इंडिया...

चन्दौसी। संवाददाता

टोक्यो ओलंपिंक में बुधवार को सेमी फाइनल मुकाबला खेलने जा रही भारतीय महिला हॉकी टीम की मजबूत डिफेंडर निशा वारसी मूलत: चन्दौसी की रहने वाली हैं। चन्दौसी ने मंगलवार को अपनी बेटी और उसकी टीम की ओलंपिक में सफलता के लिए दुआ की। हालांकि निशा के पिता 25 साल पहले परिवार के साथ चन्दौसी छोड़कर सोनीपत चले गए थे और फिर वहीं बस गए। निशा के चचेरे ताऊ और चाचा का आज भी चन्दौसी से नाता है। चाचा का परिवार तो यहीं रहता है। शहर के लोगों को जब अपनी बेटी की उपलब्धि की जानकारी हुई तो खुशी छलक पड़ी और ओलंपिक में अपनी बेटी भारतीय झंडा लहराये इसके लिए लगातार दुआएं की जा रही हैं।

जनपद संभल के चन्दौसी शहर का नाम एक बार फिर विश्व में रोशन हुआ है। इस बार चन्दौसी का नाम उसकी बेटी निशा वारसी ने दुनिया में रोशन किया है। मूलत: चन्दौसी के मोहल्ला नॉनवाला निवासी सोहराब अहमद पुत्र यूसुफ की 26 वर्षीय बेटी निशा वारसी टोक्यो ओलंपिक में हिस्सा ले रही भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा हैं। वह टीम की मजबूत डिफेंडर के तौर पर जानी जाती हैं। ओलंपिन निशा के पिता सोहराब 25 साल रोजगार के सिलसिले में चन्दौसी से हरियाणा के सोनीपत चले गए थे और वहीं बस गए। चन्दौसी में निशा का दादलाई मकान है। जहां चचेरे चाचा छोटे और चाची इरशाद जहां का परिवार रहता है, जबकि चचेरे ताऊ यासीन अपने परिवार के साथ संभल में रह रहे हैं।

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम सेमी फाइनल का मुकाबला खेलने की तैयारी कर रही है। मुकाबले की पूर्व संध्या पर मंगलवार को मोहल्ले में निशा के चाचा-चाची के साथ मोहल्ले वालों ने जीत की दुआ की। साथ ही कहा कि निशा ने शहर चन्दौसी का ही नहीं देश का नाम विश्व में रोशन किया है। हर चन्दौसीवासी को निशा पर फख्र है। इस दौरान बुआ समशुल निशा, रिश्तेदार सय्यद साहिद अली, सभासद पुत्र तरुण कुमार नीरज समेत परिवार व मोहल्ले के लोग थे।

निशा वारसी की संघर्ष की गाथा भी आज के युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। दर्जी का काम करने वाले पिता को लकवा मार गया तो मां ने परिवार को संभाला। मां सोनीपत की एक फैक्ट्री में मेहनत करके निशा के सपने को साकार करने में जुट गईं। मां के संघर्ष को निशा ने जाया नहीं होने दिया और टोक्यो ओलंपिक में भारतीय महिला हॉकी टीम का हिस्सा बनने में कामयाब रहीं। भारतीय महिला टीम की मजबूत डिफेंडर निशा की इस सफलता पर सभी को गर्व है।

चन्दौसी के मोहल्ला नॉनवाला निवासी ओलंपियन निशा वारसी के पिता सोहराब अहमद दर्जी का काम करते थे। काम काज सही नहीं चल रहा था, जिससे 25 साल पहले वह अपनी पत्नी महरुल निशां और तीनों बेटी साहिस्ता, नगमा और निशा के साथ हरियाणा के सोनीपत चले गए और वहीं बस गए। 10 साल पहले अपने हिस्से का मकान भी बेच दिया। निशा के पिता सोहराब अहमद को वर्ष 2017 में लकवा मार गया, जिससे वह सिलाई का काम करने में असमर्थ हो गए। तीनों बेटियों की जिम्मेदारी मां महरुल निशां पर आ गई। मां सोनीपत में ही एक फोम कंपनी में मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करने लगी। वहीं निशा को खेलों में अधिक रूचि थी। उसका सपना भारतीय हॉकी टीम में खेलना था। परिवार की आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई। मां ने कंपनी में ओवरटाइम कर बेटी को आगे बढ़ाने के लिए उसका उत्साह कम नहीं होने दिया। वहीं आर्थिक परेशानियों को झेलते हुए निशा ने अपना खेल जारी रखा और कठिन परिश्रम से स्पोर्टस कोटे से रेलवे में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी हासिल कर ली, जिससे निशा का साहस और बढ़ गया। निशा ने अपनी ट्रेनिंग कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली टीम का हिस्सा रहीं रानी सिवाच अकादमी से ली है। निशा को 2018 में भारतीय टीम के कैंप का हिस्सा बनने के लिए बुलाया गया तो परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। तमाम सामाजिक बंदिशों के चलते निशा के परिवार पर पड़ रहे दबाव के दौरान उनके कोच ने पूरी मदद की और निशा अपनी मेहनत के दम पर ओलंपिक के लिए चुने गए स्क्वायड का हिस्सा बन गईं।

दो साल पहले चचेरी बहन की शादी में परिवार के साथ चन्दौसी आई थी निशा

चन्दौसी। टोक्यो ओलंपिक में खेल रही भारतीय महिला हॉकी टीम की डिफेंडर निशा वारसी का परिवार जब सोनीपत चला गया तब निशा एक वर्ष की थी। इस बीच वह कई बार चन्दौसी अपने परिवार के अन्य सदस्यों से मिलने आ चुकी हैं। चचेरे चाचा छोटे और चाची इरशाद जहां ने बताया कि निशा दो साल पहले अपने परिवार के साथ अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने आयी थी। इसी चार अगस्त को सोनीपत में निशा की चचेरी बहन शाइना की शादी है। टोक्यो ओलंपिक के इस सुनहरे पल में चन्दौसी के निशा के परिवार के सभी लोग शादी में शामिल होने जा रहे हैं। तैयारी भी पूरी कर ली गई हैं।

मुरादाबाद में महिला हॉकी टीम की जीत को यज्ञ-हवन, बनाई स्ट्रीट आर्ट

सोनकपुर स्टेडियम में खिलाड़ियों ने की प्रार्थना

मुरादाबाद। मुख्य संवाददाता

टोक्यो ओलंपिक में सेमी फाइनल में पहुंची इंडिया की महिला हॉकी टीम को चीयरअप करने में खेल प्रेमी कसर नहीं छोड़ रहे। अलग संगठनों की ओर से जगह जगह कार्यक्रम किए गए। किसी ने यज्ञ हवन किया तो कियी ने कलाकृति उकेर कर महिला टीम को जीत के लिए संदेश दिया। इसी तरह शहर में कार्यक्रम किए गए। खेल विभाग की ओर से भी एक आयोजन सोनकपुर स्टेडियम में किया गया। स्टेडियम में आरएसओ अनिमेष सक्सेना के नेतृत्व में सभी गेम के अलग अलग खिलाड़ियों ने मौजूद होकर महिला हॉकी टीम के लिए प्रार्थना और दुआ की। सेमी फाइनल समेत फाइनल में जीत की कामना की गई। आरएसओ ने कहा कि इंडिया टीम ने कमाल का प्रदर्शन किया है। हमें उम्मीद है कि ऊपर वाला भी हमारी पुकार सुनेगा और महिला खिलाड़ियों की मेहनत रंग लाएगी। मेडल जीत कर ही महिला टीम लौटेगी।

भारत विकास परिषद की महिला शाखा ने किया यज्ञ

मुरादाबाद। गांधी नगर पार्क में भारत विकास परिषद की महिला शाखा की ओर से सेमी फाइनल जीतने को शुभकामनाएं दीं। शाखा की सचिव अल्पना गुप्ता के नेतृत्व में यज्ञ करते हुए कामना की गई महिला हॉकी टीम स्वर्ण जीत कर लौटे। मीराबाई चानू के सिल्वर मेडल, वीपी सिंधू के ब्रांज मेडल की भी बधाई दी गई। अल्पना गुप्ता के अलावा उपाध्यक्ष वर्षा अग्रवाल, अंशू गुप्ता, बबीता अग्रवाल, चारू भल्ला, वरनिका कश्यप, यशि, अंजलि, वैष्णवी, रचना अग्रवाल, रति रस्तोगी, टीना शर्मा, महक रस्तोगी, रिचा, रीना आदि मौजूद रहीं।

स्ट्रीट आर्ट के जरिये परिवर्तन दि चेंज ने दीं शुभाकामनाएं

मुरादाबाद। परिवर्तन द चेंज संस्था की ओर से स्ट्रीट आर्ट के जरिये इंडियन हॉकी टीम को जीत की शुभकामनाएं दी गईं। आरएसओ अनिमेष सक्सेना के निर्देशन में स्ट्रीट आर्ट पूरा किया गया। जमीन पर देश का नक्शा बना कर योगिता, मुस्कान, तनीषा, रिया, वाणी अग्रवाल, मानिक गुप्ता ने उसमें उत्साह के रंग भरे। तारिक, शुभांशु, यामिनी, गीतिका, का योगदान रहा। संस्था के अध्यक्ष कपिल कुमार, स्वाति सिंह आदि मौजूद रहे।

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