पिंजरा खाली, अब वन विभाग ने हटा लिए कैमरे
Sambhal News - 17 फरवरी को, नखासा थाना क्षेत्र के सिरसानाल-सलखना गांव के जंगल में गन्ने के खेत में एक तेंदुआ देखा गया। वन विभाग ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए पिंजरा और तीन कैमरे लगाए। हालांकि, बीमार बकरी को पिंजरे से निकालना पड़ा और कैमरे भी हटा दिए गए। ग्रामीणों में अब भी तेंदुए की दहशत बरकरार है।

नखासा थाना क्षेत्र के गांव सिरसानाल-सलखना के जंगल में 17 फरवरी की दोपहर गन्ने के खेत में दिखे तेंदुआ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने पिंजरा लगाया था। तेंदुआ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तीन कैमरे भी लगाए गए। तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे में बांधी गई बकरी बीमार हो गई , तो उसे पिंजरे से निकाल लिया। अब खाली पिंजरा गन्ने के खेत में लगा हुआ है। कैमरों में तेंदुआ की कोई गतिविधि कैद नहीं हुई तो वन विभाग ने कैमरे भी हटा दिए हैं लेकिन ग्रामीणों में तेंदुआ की दहशत खत्म नहीं हुई है। सिरसानाल और सलखना गांव के जंगल में फसलों की सिंचाई के लिए नहर बनाई जा रही नहर की पैमाईश के दौरान 17 फरवरी की दोपहर नहर विभाग के जेई व ग्रामीणों को गन्ने के खेत में तेंदुआ दिखाई दिया था।
वन विभाग की टीम ने तेंदुआ पकड़ने के लिए न केवल जंगल में पिंजरा लगाया बल्कि तेंदुआ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तीन आरआई कैमरे भी लगाए। तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरे में बांधी गई बकरी ही बीमार हो गई, तो गुरूवार को उसे निकालकर किसान के घर बांध दिया। तेंदुआ की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए लगाए गए तीनों कैमरे भी वन विभाग ने अब हटा दिए हैं। डिप्टी रेंजर उस्मान अली ने बताया कि पिंजरा लगा हुआ है लेकिन अभी सक्रिय स्थिति में नहीं है। कैमरे तेंदुआ की गतिविधियां नहीं दिखने पर हटा दिए हैं।
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