बायोमीट्रिक में दिक्कत, आई-स्कैनर है नहीं… बुजुर्गों के अटक रहे बैनामे
Sambhal News - संपत्तियों के बैनामे के लिए आधार आधारित सत्यापन प्रणाली लागू होने के बाद, जनपद के निबंधन कार्यालयों में तकनीकी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। बुजुर्ग आवेदकों को अंगूठा न लगने की वजह से दिक्कतें हो रही हैं। सर्वर की धीमी गति और ओटीपी की समस्याएं भी रजिस्ट्री प्रक्रिया को प्रभावित कर रही हैं।

संपत्तियों के बैनामे से पहले आधार आधारित सत्यापन की नई व्यवस्था लागू होने के बाद जनपद के निबंधन कार्यालयों में तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं। ओटीपी सत्यापन, बायोमीट्रिक मिलान और नेटवर्क समस्याओं के चलते जमीन की खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। नई व्यवस्था लागू होने से पहले संभल जनपद की तीन तहसीलों में प्रतिदिन 150 से 200 बैनामे होते थे, जो अब घटकर 100 से 150 के बीच रह गए हैं। यानी लगभग 30 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। सबसे अधिक दिक्कत बुजुर्ग आवेदकों को झेलनी पड़ रही है। कई मामलों में उनके अंगूठे का निशान मशीन पर मैच नहीं हो पा रहा, जिससे आधार सत्यापन अधूरा रह जाता है और बैनामा टल जाता है।
सोमवार को तीनों निबंधन कार्यालयों में जांच के दौरान एक बुजुर्ग को अंगूठा न लग पाने के कारण लौटना पड़ा। बबराला निवासी अशोक ने बताया कि उनके बुजुर्ग पिता का बायोमीट्रिक सत्यापन नहीं हो सका, जिसके कारण रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। यदि निबंधन कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैनर की सुविधा उपलब्ध हो जाए तो अंगूठा न मिलने की समस्या काफी हद तक सुलझ सकती है। फिलहाल यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि आधार सत्यापन की नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है और फर्जीवाड़े पर रोक लगी है। अंगूठा न लगने की समस्या पर उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। नाम और मोबाइल नंबर भी बन रहे अड़चन कई मामलों में आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर सक्रिय न होने या जानकारी न होने से ओटीपी नहीं मिल पाता। वहीं आधार और खसरा-खतौनी में नाम की वर्तनी में अंतर भी रजिस्ट्री रुकने का कारण बन रहा है। सर्वर की धीमी गति से बढ़ी परेशानी संभल, चंदौसी और गुन्नौर उपनिबंधक कार्यालयों में प्रतिदिन 40 से 50 बैनामे हो रहे हैं, लेकिन सर्वर की धीमी गति के कारण एक-एक बैनामे में 10 से 20 मिनट तक का समय लग रहा है। बुजुर्गों के बायोमीट्रिक सत्यापन में और अधिक समय लग रहा है। आइरिस स्कैनर के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है, जो जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। आधार सत्यापन की नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ी है। अंगूठा न लगने की समस्या के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया है। जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। - अमित कुमार सिंह, सब रजिस्ट्रार, संभल
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