खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय में फूटा गुस्सा, निकाले जुलूस

Mar 02, 2026 01:30 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, संभल
share

Sambhal News - ईरान के नेता सैय्यद अली खामेनेई की मौत की पुष्टि होते ही संभल के कई गांवों में शिया समुदाय में मातम छा गया। शोकसभा का आयोजन किया गया और ताजियती जुलूस निकाले गए। लोगों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। मौलानाओं ने खामेनेई की हत्या का आरोप लगाया और मुस्लिम समुदाय से एकजुट होने की अपील की।

खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय में फूटा गुस्सा, निकाले जुलूस

रहबरे मोअज्जम सैय्यद अली हुसैनी खामेनेई और उनके परिवार के लोगों की मौत होने की जैसे ही ईरान के टीवी चैनल पर पुष्टि हुई, तभी से संभल के सिरसी, बुकनाला समेत कई गांव में शिया समुदाय के लोगों घरों में मातम छा गया। परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने और शोक मनाने के लिए समाज के लोगों ने सिरसी में शोकसभा का आयोजन किया। साथ ही उनके अनुयाईयों ने एक ताजियती जुलूस निकाला। जिसमें अमेरिका इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगाए गए और लोगों ने शोक व्यक्त करते हुए काले कपड़े पहने। जुलूस में लोग खामेनेई जिंदाबाद के नारे लगाते हुए लोग चल रहे थे।

रविवार सुबह जब यह खबर फैली कि इजरायल और अमेरिका के हमले में खामेनेई की मौत हो गई तो लोग अपने अपने घरों से बाहर सड़कों पर आ गए। लोगों खामेनेई की मौत का यकीन नहीं आ रहा था। जब ईरान के टीवी के माध्यम से पुष्टि होने पर शिया समुदाय के लोग इमाम बारगाह मोहल्ला सादात में जाकर इकट्ठा हो गए और शोक सभा का आयोजन किया। जिसमें उलेमाओं ने इजरायल और अमेरिका की खूब निंदा की। मौलाना काजी हुसैन रजा ने कहा कि हमारे धर्मगुरु की धोखे से हमला करके इजरायल और अमेरिका ने खामेनेई की हत्या की है दुनिया क्यों खामोश है खास तौर से मुस्लिम मुल्क यह जान लो आज ईरान पर हमला हुआ है, कल तुम्हारी बारी है। शिया जामा मस्जिद के पेश नमाज मौलाना हसीन अख्तर ने अमेरिका और इजरायल के हमले को कायराना बताया और शोक व्यक्त करते हुए ईरान पर हुए हमले की खूब निंदा की। उन्होंने कहा कि आगा सिस्तानी और आगा खामेनेई का दुनिया को पैंगाम है कि हक का साथ दो, जालिम के खिलाफ डट कर खड़े हो जाओ चाहे तुम मारे जाओ। मौलाना मोहम्मद अब्बास जैदी ने कहा कि आज से 1400 वर्ष पहले रसूल अलैहे के दूसरे उत्तराधिकारी हजरत इमाम हुसैन अलैहे ने यजीद से कहा था कि मुझ जैसा तुझ जैसे के आगे कभी नहीं झुकेगा। वहीं खामेनेई ने उसी तरह आज के यजीद अमेरिका और इजरायल के आगे नहीं झुके और अपने परिवार सहित जान दे दी, लेकिन जालिमों के आगे नहीं झुके। मौलाना मीसम अब्बास ने कहा कि तुमने एक खामेनेई को मारा है हर घर से खामेनेई बनेगा। मुसलमानों के 55 मुल्क हैं उन पर हमला नहीं करता अमेरिका बल्कि उनको और सुरक्षा दी जाती है। केवल ईरान पर ही हमला क्यों क्योंकि हुसैन को मानने वाले कभी भी जालिम के आगे नहीं झुकते। अमेरिका और इजरायल दोनों जालिम हैं और खामेनेई उनको हमेशा ललकार रहे थे। मौलाना हुसैन जाफरी ने कहा कि आयातुल्ला खामेनेई ने शियों को एक उरूज वाली पहचान दी। उसके बाद लोग अपने रहबर की शहादत पर गमगीन माहौल में दिखाई दिए और सैकड़ों की संख्या में लोगों ने ताजियती जुलूस निकाला। इजरायल और अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन मढ़न। असमोली विकासखंड के गांव बुकनाला सादात में ईरान के रहनुमा सैयद अली आयतुल्लाह खामेनेई की मौत पर शिया समुदाय ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की। जुलूस मस्जिदे बनी हाशिम से होकर जामा मस्जिद होता हुआ दरगाह हुसैनी पहुंचा। जहां से फिर जामा मस्जिद से होता हुआ गांव के मुख्य मार्ग पर होता हुआ दरगाह आलिया बाबुल हवाइज पर समाप्त हुआ। इस दौरान मौलाना सैयद इशार हुसैन नकवी, सैयद वफादार हुसैन नकवी, मौलाना शाहनवाज नकवी, मौलाना मोहम्मद हैदर, बिलाल सादिक, चांद नकवी, आरिफ नकवी, मोहम्मद अली नकवी, दानिश नकवी आदि मौजूद रहे।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।