
आयकर छापा: शुगर मिलों में पांच दिन चली कार्रवाई के बाद लौटी टीमें
संक्षेप: Sambhal News - आयकर विभाग ने गोयल ग्रुप की असमोली और रजपुरा स्थित धामपुर यूनिट्स पर 116 और 108 घंटे की छापेमारी की। टीम ने कार्यालयों को सील किया और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए। यह कार्रवाई गन्ना पेराई सत्र शुरू होने से पहले हुई, जिससे उद्योग में हड़कंप मचा। विभागीय रिपोर्ट जल्द ही जारी की जाएगी।
असमोली/रजपुरा। गोयल ग्रुप की धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स असमोली यूनिट और धामपुर शुगर मिल रजपुरा पर आयकर विभाग का सर्वे आखिरकार रविवार देर रात समाप्त हो गया। असमोली यूनिट में यह कार्रवाई लगातार 116 घंटे और रजपुरा मिल में 108 घंटे तक चली। सूत्रों के अनुसार, दोनों यूनिटों के एक-एक कार्यालय को विभाग ने सील किया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं की गई है। वहीं, टीम कुछ दस्तावेज भी अपने साथ ले गई है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली और लखनऊ मुख्यालय से जारी की जाएगी। आयकर विभाग की करीब 60 से 70 गाड़ियों के काफिले के साथ आयकर टीमें 29 अक्तूबर की सुबह लगभग सात बजे संभल पहुंची थीं।

असमोली स्थित धामपुर बायो ऑर्गेनिक्स यूनिट और गुन्नौर तहसील के राजपुरा क्षेत्र में स्थित धामपुर शुगर मिल दोनों पर एक साथ दबिश दी गई। मिलों के मुख्य द्वार से लेकर पूरे परिसर तक सीआईएसएफ के जवानों को तैनात कर दिया गया था। कार्रवाई शुरू होते ही मजदूरों को बाहर निकाल दिया गया और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। छापेमारी के दौरान टीम ने अकाउंट और प्रबंधक कार्यालयों के दस्तावेज, कंप्यूटर सिस्टम, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गहन जांच की। सूत्रों का कहना है कि शुरुआती दिनों में ही अधिकारियों को महत्वपूर्ण वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा मिले थे, जिन्हें कब्जे में लेकर जांच जारी रही। रविवार रात को जब टीम असमोली यूनिट से रवाना हुई, तो वह अपने साथ कई दस्तावेज और रजिस्टर लेकर गई। असमोली मिल के प्रबंधक रूद्र गोयल ने पुष्टि करते हुए कहा कि टीम रविवार देर रात वापस चली गई है और कुछ आवश्यक दस्तावेज अपने साथ लेकर गई है। वहीं रजपुरा मिल के जीएम का लैपटॉप छापेमारी के दौरान गायब मिला था, जिसकी जांच जारी है। फैक्ट्री रिकॉर्ड की गहराई से जांच टीमों ने हर विभाग के रिकॉर्ड, फाइलों और कंप्यूटर सिस्टम की जांच की। वित्तीय लेन-देन के सभी दस्तावेजों का बहीखातों से मिलान किया गया। कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए थे, ताकि कोई सूचना बाहर न जा सके। चारों मुख्य द्वारों पर सीआईएसएफ जवान तैनात रहे और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रही। गन्ना पेराई सत्र से पहले छापेमारी से हड़कंप यह छापेमारी ऐसे समय पर हुई जब दोनों मिलों में 10 नवंबर से गन्ना पेराई सत्र शुरू होने वाला था। अचानक हुई इस कार्रवाई से किसानों, मजदूरों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया। मिल से जुड़े सैकड़ों ट्रक ऑपरेटर और आपूर्तिकर्ता भी दिनभर बाहर डेरा डाले रहे। विदेशों तक पहुंचता है उत्पाद गोयल ग्रुप की मिलें न केवल चीनी, बल्कि एथेनॉल, रसायन, बिजली सह-उत्पादन और हर्बल उत्पादों के निर्माण व बिक्री में भी सक्रिय हैं। समूह की चीनी का एक बड़ा हिस्सा विदेशों में निर्यात किया जाता है। इस कारण आयकर विभाग की इस व्यापक कार्रवाई को औद्योगिक जगत में महत्वपूर्ण जांच के रूप में देखा जा रहा है। अब रिपोर्ट का इंतजार कुल मिलाकर, करीब 100 घंटे से अधिक चली यह कार्रवाई रविवार देर रात समाप्त हुई। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विभाग को क्या ठोस सबूत या अनियमितताएं मिलीं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, पूरी रिपोर्ट जल्द ही मुख्यालय से जारी की जाएगी।

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