Sambhal News: सावन मास और कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन ने तैयार किया खाका
Sambhal News: जिला प्रशासन और पुलिस ने आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा की तैयारियों को तेज कर दिया है। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बैठक में सुरक्षा, यातायात, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और साफ-सफाई पर जोर दिया गया। प्रमुख स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

Sambhal News: आगामी श्रावण मास कांवड़ यात्रा को सकुशल, सुरक्षित और निर्विघ्न संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई की संयुक्त अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान 3, 10, 17 और 24 अगस्त (सोमवार) को श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इसे देखते हुए जनपद के चार प्रमुख कांवड़ मार्गों, गंगा एक्सप्रेसवे, हरिबाबा बांध, सिसौना डांडा और राजघाट (बबराला) समेत प्रमुख घाटों और शिव मंदिरों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर चर्चा
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस बार भी पुलिस और प्रशासन संभल टीम के रूप में समन्वय से कार्य करेगा। प्रमुख शिव मंदिरों और जलाभिषेक स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर विशेष पुलिस व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
जलभराव और निरीक्षण
कांवड़ जत्थों और डीजे संचालकों की तैयार करें सूची
संभल। बैठक में रूट डायवर्जन, होल्डिंग एरिया, बैरिकेडिंग और यातायात प्रबंधन की अग्रिम तैयारी पर भी जोर दिया गया। सभी थानाध्यक्षों को कांवड़ जत्थों और डीजे संचालकों की सूची तैयार कर उनके साथ बैठक करने तथा शासन की गाइडलाइन से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। स्वयंसेवकों और जत्था प्रमुखों के लिए 'क्या करें और क्या न करें' संबंधी पंपलेट भी वितरित किए जाएंगे। जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई, जलभराव रोकने और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को झूलते तारों की मरम्मत, बिजली के खंभों की सुरक्षा तथा संभावित खतरे वाले स्थानों की सूची तैयार करने को कहा गया। वहीं यूपी-112 को पिछले पांच वर्षों की कांवड़ यात्रा के दौरान हुई घटनाओं का विवरण उपलब्ध कराने और पूरे जिले में सीसीटीवी कैमरों व सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में गैंगहेटा, फतेहपुर भाऊ, मूंछों वाला मंदिर (चन्दौसी), मौलागढ़ शिव मंदिर और तीर्थ मंदिर (सरायतरीन) सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। साथ ही सड़क मरम्मत, जल निकासी और अन्य लंबित कार्यों को यात्रा शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।


